भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल
Nagda (मध्य प्रदेश)
Nagda : मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल स्थित कुक्षी नगर में आयोजित होने वाले भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक श्री शांतिनाथ प्रभु प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव के निमंत्रण अभियान के तहत 10 जून की रात्रि को कुक्षी श्रीसंघ का एक प्रतिनिधिमंडल नागदा नगर पहुंचा। यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों को महोत्सव में सम्मिलित होने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण दिया जा रहा है।
कुक्षी श्रीसंघ का यह प्रतिनिधिमंडल जैन समाज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने और समाजजनों को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न नगरों का भ्रमण कर रहा है।
ब्रजेश बोहरा को सौंपा प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण
नागदा प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री ब्रजेश बोहरा के जयन्तराज निवास पर पहुंचकर प्रतिष्ठा महोत्सव की कंकोत्री एवं निमंत्रण पत्रिका सादर भेंट की।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आगामी भव्य धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया। साथ ही जैन समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं को भी इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का सस्नेह आमंत्रण दिया गया।
प्रतिनिधियों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य
इस प्रतिनिधिमंडल में कुक्षी श्रीसंघ के कई प्रतिष्ठित एवं सक्रिय सदस्य शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- श्री अरविंदजी जैन (डालडा)
- श्री आनंद जैन
- श्री जितेंद्र जैन
- श्री संजय जैन
- श्री सुधीर जैन
इनके साथ जय केसरियाजी ग्रुप के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन के निमंत्रण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने नागदा में विभिन्न जैन समाज के प्रमुख व्यक्तियों से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया और आयोजन की महत्ता से अवगत कराया।
श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव की भव्य रूपरेखा
कुक्षी नगर में स्थित नवनिर्मित एवं जीर्णोद्धारित शिखरबद्ध श्री शांतिनाथ जिनप्रासाद में श्री शांतिनाथ प्रभु सहित जिनबिम्बों एवं गुरुबिम्बों की प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
यह भव्य आयोजन जैन धर्म की परंपराओं और आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसमें मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक विधियों का अत्यंत विधिवत आयोजन होता है।
इस महोत्सव का संचालन एवं आयोजन पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी महाराजा सहित अन्य श्रमण-श्रमणी भगवंतों की पावन निश्रा में संपन्न होगा।
महोत्सव की तिथियां और कार्यक्रम
आयोजकों द्वारा महोत्सव की प्रमुख तिथियां पहले ही घोषित कर दी गई हैं, जिनमें कई दिव्य और भव्य धार्मिक कार्यक्रम शामिल होंगे:
- महोत्सव का शुभारंभ: 16 जून 2026
- मुख्य प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका समारोह: 25 जून 2026
- विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, पूजा-विधान एवं प्रवचन श्रृंखलाएं आयोजन अवधि में संपन्न होंगी
इस दौरान देशभर से श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं जैन धर्मावलंबियों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।
Nagda में समाजजनों से संवाद
नागदा प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ नागदा के पदाधिकारियों एवं समाजजनों से भी भेंट की।
इस अवसर पर उन्हें आगामी प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागी बनने के लिए सस्नेह आमंत्रण दिया गया। प्रतिनिधियों ने समाज के वरिष्ठजनों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पावन आयोजन में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
समाजजनों ने भी आयोजन के प्रति गहरी रुचि दिखाई और इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बताया।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
यह प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि जैन समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
ऐसे आयोजनों से:
- समाज में एकता और समरसता बढ़ती है
- धार्मिक जागरूकता का विस्तार होता है
- युवा पीढ़ी को संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है
- आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन होता है
आयोजकों का मानना है कि यह महामहोत्सव जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय साबित होगा।
कुक्षी और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह
महोत्सव की घोषणा के बाद से ही कुक्षी और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालु इस आयोजन को लेकर विशेष तैयारियों में जुटे हुए हैं।
प्रतिनिधिमंडल के दौरे से यह उत्साह और अधिक बढ़ गया है, क्योंकि अब विभिन्न नगरों से समाजजनों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल की अगली यात्रा
नागदा में सभी निर्धारित कार्यक्रमों को पूर्ण करने के बाद कुक्षी श्रीसंघ प्रतिनिधिमंडल ने रात्रि में ही अपनी आगामी यात्रा के लिए बदनावर की ओर प्रस्थान किया।
यह यात्रा आगामी दिनों में अन्य नगरों में भी जारी रहेगी, जहां समाजजनों को इस भव्य महोत्सव के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुक्षी में आयोजित होने वाला श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव जैन समाज के लिए अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक अवसर है। नागदा में दिया गया यह स्नेहपूर्ण निमंत्रण न केवल धार्मिक परंपराओं को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकता और श्रद्धा की भावना को भी सुदृढ़ करता है।
यह आयोजन आने वाले समय में जैन समाज की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।
