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	<title>Indore-Khandwa Highway &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Indore-Khandwa Highway &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-ichhapur-four-lane-highway-delayed-by/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:14:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Four-Lane Highway]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा ₹900 करोड़ की लागत से बन रहा 216 किलोमीटर लंबा हाईवे, ... <a title="Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-ichhapur-four-lane-highway-delayed-by/" aria-label="Read more about Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h1><strong>Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा</strong></h1>
<h2>₹900 करोड़ की लागत से बन रहा 216 किलोमीटर लंबा हाईवे, इंदौर से खंडवा का सफर करीब 2 घंटे में पूरा होने की उम्मीद</h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> मध्य प्रदेश में सड़क और हाईवे परियोजनाओं को गति देने के प्रयासों के बीच Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे परियोजना तय समयसीमा से पीछे चल रही है। करीब 216 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण पिछले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनवरी में पूरा होना था, लेकिन परियोजना में लगभग डेढ़ साल की देरी हो चुकी है। अब संबंधित अधिकारियों की ओर से इसे इस साल दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया गया है।</p>
<p>करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह फोरलेन हाईवे इंदौर और खंडवा के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग 3 से 4 घंटे लगते हैं, जबकि हाईवे के निर्माण के बाद सफर करीब 2 घंटे में पूरा होने का अनुमान है।</p>
<h2><strong>पांच चरणों में किया जा रहा हाईवे का निर्माण</strong></h2>
<p>इंदौर-इच्छापुर फोरलेन परियोजना को पांच चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य चल रहा है। भंवरकुआं से तेजाजी नगर के बीच करीब साढ़े छह किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो चुका है और इस मार्ग पर यातायात भी संचालित हो रहा है।</p>
<p>वहीं तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच लगभग 34 किलोमीटर लंबे हिस्से का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद बलवाड़ा से धनगांव के बीच लगभग 40 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में बताया जा रहा है।</p>
<p>परियोजना के शेष हिस्सों में भी निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि बचे हुए काम को निर्धारित गति से पूरा कर दिसंबर तक पूरे फोरलेन को यातायात के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<h2><strong>40 से अधिक गांवों को मिलेगा फायदा</strong></h2>
<p>इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे का प्रभाव केवल इंदौर और खंडवा के बीच यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। इस मार्ग से जुड़े 40 से अधिक गांवों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। हाईवे बनने से इन क्षेत्रों के किसानों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान हो सकता है।</p>
<p>बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कृषि उपज और अन्य सामान को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होने की संभावना है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3><strong>इंदौर के अन्य सड़क प्रोजेक्ट भी देरी से जूझ रहे</strong></h3>
<p>इंदौर में केवल इंदौर-इच्छापुर हाईवे ही समयसीमा से पीछे नहीं है। शहर के बायपास और फ्लायओवर से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी निर्माण में देरी के कारण चर्चा में रहे हैं। इंदौर बायपास की स्थिति को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। शहर में बनने वाले कुछ फ्लायओवर तय समयसीमा में पूरे नहीं हो सके हैं।</p>
<p>पूर्वी और पश्चिमी बायपास परियोजनाओं में भू-अर्जन और न्यायालय से जुड़े मामलों के कारण भी काम प्रभावित होने की बात सामने आई है। वहीं नेशनल हाईवे के एमआर-10 जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लायओवर को भी पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं किया जा सका है।</p>
<p>राऊ क्षेत्र में फ्लायओवर निर्माण से जुड़ी खामियां सामने आने के बाद मरम्मत का काम भी कराना पड़ा। इन परियोजनाओं में देरी का असर शहर की यातायात व्यवस्था और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर पड़ रहा है।</p>
<h3><strong>इंदौर से खंडवा के सफर में आएगा बदलाव</strong></h3>
<p>इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे का निर्माण पूरा होने के बाद इंदौर से खंडवा की सड़क कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। वर्तमान में कई हिस्सों में यातायात दबाव और सड़क की स्थिति के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है। फोरलेन मार्ग बनने से वाहनों की आवाजाही सुगम होने और यात्रा समय कम होने की संभावना है।</p>
<p>इस परियोजना को आगे हैदराबाद की दिशा में बेहतर सड़क संपर्क से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसे में यह मार्ग क्षेत्रीय परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<h3><strong>दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य</strong></h3>
<p>करीब डेढ़ साल की देरी के बाद अब अधिकारियों की ओर से परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। फिलहाल कई हिस्सों में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर काम जारी है।</p>
<p>अब निगाह इस बात पर है कि शेष निर्माण कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और क्या परियोजना को नई समयसीमा के भीतर यातायात के लिए पूरी तरह खोला जा सकेगा। हाईवे पूरा होने के बाद इंदौर, खंडवा और इससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“Indore-Khandwa फोरलेन: 33.4 किमी सड़क दिसंबर 2026 तक पूरी, 2.5 घंटे का सफर घटकर 1 घंटे में होगा”</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-khandwa-four-lane-2-hour-journey-k/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 07:31:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Indore-Khandwa Highway]]></category>
		<category><![CDATA[Infrastructure Development]]></category>
		<category><![CDATA[MP Road Projects]]></category>
		<category><![CDATA[NH-347]]></category>
		<category><![CDATA[Tunnel Construction]]></category>
		<category><![CDATA[फोरलेन सड़क]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore-Khandwa फोरलेन हाईवे: 33.4 किमी लंबी सड़क निर्माण अंतिम चरण में स्थान: इंदौर से खंडवा, मध्य प्रदेशलंबाई: 33.4 किमीनिर्माण पूर्णता: 85%लक्ष्य: दिसंबर 2026वर्तमान यात्रा समय: 2–2.5 घंटेनिर्माण के बाद यात्रा ... <a title="“Indore-Khandwa फोरलेन: 33.4 किमी सड़क दिसंबर 2026 तक पूरी, 2.5 घंटे का सफर घटकर 1 घंटे में होगा”" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-khandwa-four-lane-2-hour-journey-k/" aria-label="Read more about “Indore-Khandwa फोरलेन: 33.4 किमी सड़क दिसंबर 2026 तक पूरी, 2.5 घंटे का सफर घटकर 1 घंटे में होगा”">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-section-id="4vvhug" data-start="159" data-end="231"><strong>Indore-Khandwa फोरलेन हाईवे: 33.4 किमी लंबी सड़क निर्माण अंतिम चरण में</strong></h1>
<p data-start="233" data-end="431"><strong data-start="233" data-end="243">स्थान:</strong> इंदौर से खंडवा, मध्य प्रदेश<br data-start="271" data-end="274" /><strong data-start="274" data-end="284">लंबाई:</strong> 33.4 किमी<br data-start="294" data-end="297" /><strong data-start="297" data-end="317">निर्माण पूर्णता:</strong> 85%<br data-start="321" data-end="324" /><strong data-start="324" data-end="335">लक्ष्य:</strong> दिसंबर 2026<br data-start="347" data-end="350" /><strong data-start="350" data-end="373">वर्तमान यात्रा समय:</strong> 2–2.5 घंटे<br data-start="384" data-end="387" /><strong data-start="387" data-end="417">निर्माण के बाद यात्रा समय:</strong> लगभग 1 घंटा</p>
<p data-start="433" data-end="803">मध्य प्रदेश के Indore-Khandwa के बीच बनने वाली नई <strong data-start="483" data-end="515">चार लेन फोरलेन सड़क परियोजना</strong> ने एक नया आयाम ले लिया है। NH-347 BG हाई-स्पीड कॉरिडोर, जिसे तेजाजी नगर से बलवाड़ा तक विकसित किया जा रहा है, अब अपने अंतिम चरण में है। सड़क निर्माण का यह कार्य केवल एक यातायात सुविधा नहीं, बल्कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र की <strong data-start="735" data-end="774">आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक जीवनरेखा</strong> के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h2 data-section-id="p4i23x" data-start="810" data-end="833"><strong>परियोजना का महत्व</strong></h2>
<p data-start="835" data-end="1035">इंदौर-बलवाड़ा फोरलेन सड़क का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाना है। यह सड़क न केवल निमाड़ तक यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक कनेक्टिविटी को भी मजबूती प्रदान करेगी।</p>
<p data-start="1037" data-end="1314">परियोजना के पूरा होते ही यात्रियों को <strong data-start="1075" data-end="1120">2–2.5 घंटे का सफर अब केवल 1 घंटे में पूरा</strong> होगा। यह दूरी कम होने के साथ-साथ खतरनाक मोड़ों और घाटों से भी राहत प्रदान करेगी। इस सड़क के बन जाने से मालवा-निमाड़ क्षेत्र का <strong data-start="1248" data-end="1285">व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा</strong> विशेष रूप से बढ़ावा पाएगा।</p>
<h3 data-section-id="jluz3v" data-start="1321" data-end="1350"><strong>निर्माण और तकनीकी विवरण</strong></h3>
<p data-start="1352" data-end="1616"><strong data-start="1352" data-end="1369">निर्माणकर्ता:</strong> मेघा इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड<br data-start="1413" data-end="1416" /><strong data-start="1416" data-end="1426">तकनीक:</strong> न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM), जो चुनिंदा पहाड़ी और टनल हिस्सों में लागू की गई है।<br data-start="1513" data-end="1516" /><strong data-start="1516" data-end="1536">इंफ्रास्ट्रक्चर:</strong> परियोजना में कुल <strong data-start="1554" data-end="1604">24 ब्रिज और 1.8 किमी लंबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB)</strong> शामिल है।</p>
<ul data-start="1617" data-end="1807">
<li data-section-id="1h6zsnj" data-start="1617" data-end="1691">सिमरोल क्षेत्र में दो बड़े वायाडक्ट (500 मीटर और 250 मीटर) बन रहे हैं।</li>
<li data-section-id="rvlv2i" data-start="1692" data-end="1739">चोरल में 150 मीटर का प्रमुख ब्रिज तैयार है।</li>
<li data-section-id="o46g0" data-start="1740" data-end="1807">बलवाड़ा में रेलवे लाइन के ऊपर 1.8 किमी लंबा ROB निर्माणाधीन है।</li>
</ul>
<p data-start="1809" data-end="2047"><strong data-start="1809" data-end="1831">भूगोलिक चुनौतियाँ:</strong> सड़क का लगभग 6 किमी हिस्सा घने जंगलों और ऊँचाई वाले पहाड़ों से होकर गुजरेगा। कुछ हिस्सों में <strong data-start="1925" data-end="1981">30–50 मीटर ऊँचे पहाड़ों को काटकर सड़क बनाई जा रही है</strong>, जिससे यात्रियों को प्रकृति के मनोरम दृश्य भी देखने को मिलेंगे।</p>
<h3 data-section-id="mwtcwy" data-start="2054" data-end="2081"><strong>यातायात और समय की बचत</strong></h3>
<p data-start="2083" data-end="2310">वर्तमान में इंदौर से बलवाड़ा तक <strong data-start="2115" data-end="2153">35 किमी का सफर 2–2.5 घंटे में पूरा</strong> होता है। सड़क निर्माण के पूरा होने पर यह सफर केवल <strong data-start="2204" data-end="2228">लगभग 1 घंटे में पूरा</strong> होगा। खतरनाक मोड़ों को हटाने के कारण दूरी में भी करीब <strong data-start="2283" data-end="2302">2.5 किमी की कमी</strong> आएगी।</p>
<p data-start="2312" data-end="2518">सड़क बनने के बाद यात्रियों को जाम और लंबी यात्रा में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह फोरलेन कॉरिडोर <strong data-start="2435" data-end="2475">सिंहस्थ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों</strong> में ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी आसान बनाएगा।</p>
<h3 data-section-id="1ldv6uk" data-start="2525" data-end="2552"><strong>पर्यटन और धार्मिक लाभ</strong></h3>
<p data-start="2554" data-end="2643">नई फोरलेन सड़क <strong data-start="2569" data-end="2611">महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग</strong> के बीच यात्रा को सुगम बनाएगी।</p>
<ul data-start="2645" data-end="2931">
<li data-section-id="s4i802" data-start="2645" data-end="2777">टनल की दीवारों पर <strong data-start="2665" data-end="2715">रामायण, महाभारत और धार्मिक स्थलों की चित्रकारी</strong> की जाएगी, जिससे यात्रियों को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।</li>
<li data-section-id="1hq2a0w" data-start="2778" data-end="2870">सड़क के बन जाने से आसपास के <strong data-start="2808" data-end="2850">धार्मिक पर्यटन स्थल और स्थानीय व्यापार</strong> को मजबूती मिलेगी।</li>
<li data-section-id="jj11ow" data-start="2871" data-end="2931">मालवा-निमाड़ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।</li>
</ul>
<h3 data-section-id="12abmdq" data-start="2938" data-end="2972"><strong>परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ</strong></h3>
<ul data-start="2974" data-end="3223">
<li data-section-id="5oaiwz" data-start="2974" data-end="3006">सड़क की <strong data-start="2984" data-end="2994">लंबाई:</strong> 33.4 किमी</li>
<li data-section-id="17v6vn1" data-start="3007" data-end="3038"><strong data-start="3009" data-end="3027">ब्रिज निर्माण:</strong> 24 ब्रिज</li>
<li data-section-id="1b8ez5s" data-start="3039" data-end="3076"><strong data-start="3041" data-end="3060">रेलवे ओवरब्रिज:</strong> 1.8 किमी लंबा</li>
<li data-section-id="ylxien" data-start="3077" data-end="3105"><strong data-start="3079" data-end="3099">निर्माण पूर्णता:</strong> 85%</li>
<li data-section-id="ofigae" data-start="3106" data-end="3153"><strong data-start="3108" data-end="3131">यात्रा समय में बचत:</strong> 2–2.5 घंटे → 1 घंटा</li>
<li data-section-id="1o9os5b" data-start="3154" data-end="3223">सड़क का 6 किमी हिस्सा <strong data-start="3178" data-end="3210">घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों</strong> से गुजरेगा</li>
</ul>
<h3 data-section-id="kregjv" data-start="3230" data-end="3263"><strong>प्रोजेक्ट प्रबंधन और लक्ष्य</strong></h3>
<p data-start="3265" data-end="3429">इस परियोजना का कार्यभार <strong data-start="3289" data-end="3336">मेघा इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड</strong> ने संभाला है। 3 टनल और एक ब्रिज निर्माण शेष है, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।</p>
<p data-start="3431" data-end="3620"><strong data-start="3431" data-end="3464">प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव</strong> के अनुसार, दिसंबर 2026 तक सड़क का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना में सुरक्षा, तकनीकी गुणवत्ता और पर्यावरण की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।</p>
<h3 data-section-id="14vfd6v" data-start="3627" data-end="3657"><strong>सामाजिक और आर्थिक प्रभाव</strong></h3>
<p data-start="3659" data-end="3734">सड़क बनने के बाद निमाड़ क्षेत्र की <strong data-start="3694" data-end="3726">आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि</strong> होगी।</p>
<ul data-start="3735" data-end="3929">
<li data-section-id="1bdhqog" data-start="3735" data-end="3780">व्यापार और माल ढुलाई में समय की बचत होगी।</li>
<li data-section-id="1yx3l2p" data-start="3781" data-end="3819">धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।</li>
<li data-section-id="yxknj1" data-start="3820" data-end="3865">स्थानीय रोजगार और पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे।</li>
<li data-section-id="3dzuuf" data-start="3866" data-end="3929">सड़क के माध्यम से <strong data-start="3886" data-end="3915">मध्य भारत में कनेक्टिविटी</strong> मजबूत होगी।</li>
</ul>
<h3 data-section-id="hqoutu" data-start="3936" data-end="3969"><strong>पर्यावरण और पर्यटन का अनुभव</strong></h3>
<p data-start="3971" data-end="4171">सड़क का निर्माण पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। टनल और घाटी हिस्सों में प्राकृतिक दृश्य बनाए रखे गए हैं। यात्रियों को <strong data-start="4104" data-end="4152">घने जंगल, पर्वतीय दृश्य और धार्मिक चित्रकारी</strong> देखने को मिलेगी।</p>
<h3 data-section-id="sisdxw" data-start="4178" data-end="4192"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="4194" data-end="4424">Indore-Khandwa फोरलेन सड़क परियोजना सिर्फ एक <strong data-start="4236" data-end="4258">सड़क निर्माण योजना</strong> नहीं है, बल्कि यह <strong data-start="4277" data-end="4328">मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र की जीवनरेखा</strong>, आर्थिक प्रगति और धार्मिक यात्रा को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है।</p>
<p data-start="4426" data-end="4666">सड़क निर्माण पूरी होने के बाद <strong data-start="4456" data-end="4510">यात्रियों की सुविधा, समय की बचत, व्यापार और पर्यटन</strong> सभी क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करेगी। दिसंबर 2026 तक कार्य पूरा होने के बाद यह फोरलेन सड़क मध्य भारत में विकास और कनेक्टिविटी का नया उदाहरण बनेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore -Khadwa राजमार्ग निर्माण:216 किमी राजमार्ग का निर्माण अधूरा, सुरंग और फ्लाइओवर में देरी</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-khandwa-highway-construction-delay/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:32:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MadhyaPradeshDevelopment]]></category>
		<category><![CDATA[Flyover and Underpass]]></category>
		<category><![CDATA[Highway Construction Delay]]></category>
		<category><![CDATA[Indore-Khandwa Highway]]></category>
		<category><![CDATA[NHAI Project]]></category>
		<category><![CDATA[road safety]]></category>
		<category><![CDATA[Tunnel Construction]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore -Khadwa राजमार्ग निर्माण की स्थिति: मार्च डेडलाइन से जमी हुई उम्मीदें Indore -Khadwa राजमार्ग, जो मध्यप्रदेश के प्रमुख सड़क नेटवर्क में से एक है, को आधुनिक बनाने और यातायात ... <a title="Indore -Khadwa राजमार्ग निर्माण:216 किमी राजमार्ग का निर्माण अधूरा, सुरंग और फ्लाइओवर में देरी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-khandwa-highway-construction-delay/" aria-label="Read more about Indore -Khadwa राजमार्ग निर्माण:216 किमी राजमार्ग का निर्माण अधूरा, सुरंग और फ्लाइओवर में देरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore -Khadwa राजमार्ग निर्माण की स्थिति: मार्च डेडलाइन से जमी हुई उम्मीदें</strong></h1>
<p>Indore -Khadwa राजमार्ग, जो मध्यप्रदेश के प्रमुख सड़क नेटवर्क में से एक है, को आधुनिक बनाने और यातायात सुगमता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कार्य शुरू किया है। एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट की पूरी होने की प्रारंभिक डेडलाइन मार्च 2026 तय की थी। लेकिन जिस रफ्तार से निर्माण कार्य चल रहा है, उसे देखते हुए विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जून 2026 से पहले इसका पूरा होना मुश्किल नजर आता है।</p>
<p>इस राजमार्ग पर फ्लाइओवर और अंडरपास के निर्माण कार्य अभी भी अधूरे हैं। इसके साथ ही, डिवाइडर पर पौधारोपण का काम भी लंबित है। यही कारण है कि सड़क का पूर्ण रुप से आधुनिक और सुरक्षित स्वरूप अभी तक नहीं दिख रहा है।</p>
<h2><strong>216 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट और निर्माण एजेंसी</strong></h2>
<p>इस राजमार्ग का कुल लंबाई 216 किलोमीटर है और इसका निर्माण कार्य <strong>मेघा इंजीनियरिंग कंपनी</strong> द्वारा संभाला जा रहा है। प्रोजेक्ट की जटिलता को देखते हुए राजमार्ग के कई हिस्सों में विशेष संरचनात्मक निर्माण किए जा रहे हैं। खासकर तलाई, भेरूघाट और चोरल क्षेत्रों में सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 1300 मीटर है।</p>
<p>हालांकि, निर्माण एजेंसी के अनुसार, तीन में से अभी तक कोई भी सुरंग पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। सुरंगों के निर्माण में देरी के कारण प्रोजेक्ट की पूरी गति प्रभावित हो रही है। एनएचएआई ने भरोसा जताया है कि सुरंग का निर्माण अगले दो से तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हाल ही में निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्य की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण एजेंसी को समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<h3><strong>वाहनों की आवाजाही पर असर</strong></h3>
<p>राजमार्ग के कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य के कारण <strong>वाहनों की आवाजाही केवल एक तरफ से ही हो पा रही है।</strong> खासकर तेजाजी नगर से चौखी ढाणी तक का मार्ग एकल लेन में परिवर्तित हो गया है। इसके चलते रोजाना हजारों चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>बस और ट्रक जैसे भारी वाहन जब एक ही लेन से गुजरते हैं, तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। स्थानीय लोग और यात्री लगातार इस स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं। विशेषकर रात के समय सड़क पर संकेतक और पर्याप्त लाइटिंग की कमी के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।</p>
<p>एनएचएआई और निर्माण एजेंसी ने इस चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने का प्रयास किया है। लेन के चिह्नों और ट्रैफिक संकेतकों को ठीक करने का कार्य जारी है, लेकिन अभी भी सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।</p>
<h4><strong>डामरीकरण और अन्य निर्माण कार्य</strong></h4>
<p>राजमार्ग के दूसरे हिस्सों में डामरीकरण यानी सड़क पर डामर बिछाने का कार्य जारी है। यह प्रक्रिया सड़क की गुणवत्ता और लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<p>प्रोजेक्ट डायरेक्टर <strong>प्रवीण यादव</strong> ने बताया कि निर्माण एजेंसी को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मार्च तक की डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यों की निगरानी की जा रही है। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<h5><strong>प्रोजेक्ट के महत्व और चुनौती</strong></h5>
<p>Indore -Khadwa राजमार्ग न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क में भी अहम भूमिका निभाता है। यह मार्ग व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण है।</p>
<p>हालांकि, निर्माण कार्य में देरी और अधूरे काम की स्थिति ने आम जनता की उम्मीदों को प्रभावित किया है। परियोजना में शामिल चुनौतियों में भारी वाहनों की आवाजाही, रात में लाइटिंग की कमी, सुरंग और फ्लाइओवर का जटिल निर्माण कार्य शामिल हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोजेक्ट की पूरी होने की समयसीमा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना, पर्याप्त संसाधन और नियमित निगरानी की आवश्यकता है।</p>
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<h6><strong>जनता की प्रतिक्रिया</strong></h6>
<p>स्थानीय नागरिक और सड़क उपयोगकर्ता निर्माण की धीमी गति और दुर्घटना के खतरे को लेकर चिंतित हैं। रोजाना यातायात की समस्या से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है।</p>
<p>कुछ लोग इस निर्माण को लेकर आश्वस्त हैं कि अगर समयबद्ध कार्य किया गया, तो यह राजमार्ग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और यातायात सुविधा के लिए लाभकारी होगा। वहीं, कई लोग सुझाव दे रहे हैं कि सुरक्षा संकेतक और लाइटिंग का तत्काल सुधार किया जाए ताकि सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।</p>
<pre><strong>भविष्य की संभावनाएँ</strong></pre>
<p>एनएचएआई का उद्देश्य मार्च तक कार्य पूरा करना है। निर्माण एजेंसी और अधिकारियों के प्रयासों के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि यदि काम में तेजी लाई जाती है, तो यह समयसीमा पूरी हो सकती है।</p>
<p>इसके साथ ही, सड़क के पूरी तरह तैयार होने के बाद क्षेत्र की यातायात सुविधा, यात्रा का समय और सुरक्षा में सुधार होगा। सुरंगों, फ्लाइओवर और अंडरपास के निर्माण से भारी वाहनों के मार्ग को भी सुगम बनाया जाएगा।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>Indore -Khadwa राजमार्ग का निर्माण प्रोजेक्ट आधुनिक सड़क नेटवर्क के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि निर्माण की धीमी गति और अधूरे कार्य ने जनता की उम्मीदों को प्रभावित किया है, लेकिन एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की ओर से किए जा रहे प्रयास इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायक होंगे।</p>
<p>सड़क सुरक्षा, समय पर डामरीकरण, फ्लाइओवर और सुरंग निर्माण पर ध्यान देकर, यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की आर्थिक और यातायात स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</p>
<p>स्थानीय लोगों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और साथ ही गुणवत्ता के उच्च मानक बनाए रखना, इस प्रोजेक्ट की सफलता की कुंजी होगी।</p>
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