Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे की रफ्तार धीमी, 18 महीने की देरी के बाद दिसंबर तक पूरा होने का दावा
₹900 करोड़ की लागत से बन रहा 216 किलोमीटर लंबा हाईवे, इंदौर से खंडवा का सफर करीब 2 घंटे में पूरा होने की उम्मीद
इंदौर। मध्य प्रदेश में सड़क और हाईवे परियोजनाओं को गति देने के प्रयासों के बीच Indore-Ichhapur फोरलेन हाईवे परियोजना तय समयसीमा से पीछे चल रही है। करीब 216 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण पिछले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनवरी में पूरा होना था, लेकिन परियोजना में लगभग डेढ़ साल की देरी हो चुकी है। अब संबंधित अधिकारियों की ओर से इसे इस साल दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया गया है।
करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह फोरलेन हाईवे इंदौर और खंडवा के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग 3 से 4 घंटे लगते हैं, जबकि हाईवे के निर्माण के बाद सफर करीब 2 घंटे में पूरा होने का अनुमान है।
पांच चरणों में किया जा रहा हाईवे का निर्माण
इंदौर-इच्छापुर फोरलेन परियोजना को पांच चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य चल रहा है। भंवरकुआं से तेजाजी नगर के बीच करीब साढ़े छह किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो चुका है और इस मार्ग पर यातायात भी संचालित हो रहा है।
वहीं तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच लगभग 34 किलोमीटर लंबे हिस्से का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद बलवाड़ा से धनगांव के बीच लगभग 40 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में बताया जा रहा है।
परियोजना के शेष हिस्सों में भी निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि बचे हुए काम को निर्धारित गति से पूरा कर दिसंबर तक पूरे फोरलेन को यातायात के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
40 से अधिक गांवों को मिलेगा फायदा
इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे का प्रभाव केवल इंदौर और खंडवा के बीच यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। इस मार्ग से जुड़े 40 से अधिक गांवों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। हाईवे बनने से इन क्षेत्रों के किसानों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान हो सकता है।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कृषि उपज और अन्य सामान को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होने की संभावना है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इंदौर के अन्य सड़क प्रोजेक्ट भी देरी से जूझ रहे
इंदौर में केवल इंदौर-इच्छापुर हाईवे ही समयसीमा से पीछे नहीं है। शहर के बायपास और फ्लायओवर से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी निर्माण में देरी के कारण चर्चा में रहे हैं। इंदौर बायपास की स्थिति को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। शहर में बनने वाले कुछ फ्लायओवर तय समयसीमा में पूरे नहीं हो सके हैं।
पूर्वी और पश्चिमी बायपास परियोजनाओं में भू-अर्जन और न्यायालय से जुड़े मामलों के कारण भी काम प्रभावित होने की बात सामने आई है। वहीं नेशनल हाईवे के एमआर-10 जंक्शन पर निर्माणाधीन फ्लायओवर को भी पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं किया जा सका है।
राऊ क्षेत्र में फ्लायओवर निर्माण से जुड़ी खामियां सामने आने के बाद मरम्मत का काम भी कराना पड़ा। इन परियोजनाओं में देरी का असर शहर की यातायात व्यवस्था और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर पड़ रहा है।
इंदौर से खंडवा के सफर में आएगा बदलाव
इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे का निर्माण पूरा होने के बाद इंदौर से खंडवा की सड़क कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। वर्तमान में कई हिस्सों में यातायात दबाव और सड़क की स्थिति के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है। फोरलेन मार्ग बनने से वाहनों की आवाजाही सुगम होने और यात्रा समय कम होने की संभावना है।
इस परियोजना को आगे हैदराबाद की दिशा में बेहतर सड़क संपर्क से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसे में यह मार्ग क्षेत्रीय परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
करीब डेढ़ साल की देरी के बाद अब अधिकारियों की ओर से परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। फिलहाल कई हिस्सों में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर काम जारी है।
अब निगाह इस बात पर है कि शेष निर्माण कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और क्या परियोजना को नई समयसीमा के भीतर यातायात के लिए पूरी तरह खोला जा सकेगा। हाईवे पूरा होने के बाद इंदौर, खंडवा और इससे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।
