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	<title>Cyber Security &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Cyber Security &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<item>
		<title>बंधन बैंक ने ‘Cyber Cop’ अभियान किया शुरू, रोहित शेट्टी के साथ मिलकर देशभर में बढ़ाएगा साइबर सुरक्षा की जागरूकता</title>
		<link>https://swarajvani.com/bandhan-bank-launches-cyber-cop-campaign-with/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 11:55:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Bandhan Bank]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; बंधन बैंक ने ‘Cyber Cop’ अभियान किया शुरू, रोहित शेट्टी के साथ मिलकर देशभर में बढ़ाएगा साइबर सुरक्षा की जागरूकता मुंबई, जुलाई 2026। डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार ... <a title="बंधन बैंक ने ‘Cyber Cop’ अभियान किया शुरू, रोहित शेट्टी के साथ मिलकर देशभर में बढ़ाएगा साइबर सुरक्षा की जागरूकता" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bandhan-bank-launches-cyber-cop-campaign-with/" aria-label="Read more about बंधन बैंक ने ‘Cyber Cop’ अभियान किया शुरू, रोहित शेट्टी के साथ मिलकर देशभर में बढ़ाएगा साइबर सुरक्षा की जागरूकता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="1yc37zg" data-start="0" data-end="118"><span role="text"><strong data-start="2" data-end="118">बंधन बैंक ने ‘Cyber Cop’ अभियान किया शुरू, रोहित शेट्टी के साथ मिलकर देशभर में बढ़ाएगा साइबर सुरक्षा की जागरूकता</strong></span></h1>
<p data-start="120" data-end="550"><strong data-start="120" data-end="142">मुंबई, जुलाई 2026।</strong> डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं ने आम नागरिकों, संस्थानों और वित्तीय क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसी चुनौती से निपटने और लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से <strong data-start="388" data-end="401">बंधन बैंक</strong> ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के अंतर्गत देशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान <strong data-start="495" data-end="522">‘साइबर कॉप’ (Cyber Cop)</strong> शुरू करने की घोषणा की है।</p>
<p data-start="552" data-end="840">इस अभियान को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक <strong data-start="629" data-end="645">रोहित शेट्टी</strong> भी इससे जुड़े हैं। अपने लोकप्रिय पुलिस आधारित फिल्मों और ‘कॉप यूनिवर्स’ के माध्यम से लोगों के बीच पहचान बनाने वाले रोहित शेट्टी अब साइबर सुरक्षा के संदेश को आम जनता तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।</p>
<h2 data-section-id="17gdq81" data-start="842" data-end="896"><span role="text"><strong data-start="845" data-end="896">साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच शुरू हुई पहल</strong></span></h2>
<p data-start="898" data-end="1140">आज के समय में बैंकिंग, खरीदारी, भुगतान और अन्य सेवाएं तेजी से डिजिटल माध्यमों पर निर्भर हो रही हैं। मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और इंटरनेट सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी के नए-नए तरीके भी अपनाए जा रहे हैं।</p>
<p data-start="1142" data-end="1389">फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइट, डिजिटल भुगतान से जुड़े फ्रॉड और व्यक्तिगत जानकारी चोरी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में आम लोगों को साइबर खतरों की पहचान करने और उनसे बचने के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी हो गया है।</p>
<p data-start="1391" data-end="1537">‘साइबर कॉप’ अभियान इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसके माध्यम से नागरिकों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।</p>
<h2 data-section-id="1x4t53y" data-start="1539" data-end="1581"><span role="text"><strong data-start="1542" data-end="1581">‘रुको, जांचो, रिपोर्ट करो’ का संदेश</strong></span></h2>
<p data-start="1583" data-end="1673">बंधन बैंक द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य संदेश है—<strong data-start="1640" data-end="1671">“रुको, जाँचो, रिपोर्ट करो।”</strong></p>
<p data-start="1675" data-end="1907">इस संदेश के माध्यम से लोगों को समझाया जाएगा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। पहले उसकी सत्यता की जांच करें और यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।</p>
<p data-start="1909" data-end="2066">अभियान के तहत नागरिकों को यह भी बताया जाएगा कि साइबर अपराध की स्थिति में किस प्रकार कदम उठाने चाहिए और समय पर शिकायत दर्ज कराकर नुकसान को कम किया जा सकता है।</p>
<h2 data-section-id="ur8f6y" data-start="2068" data-end="2113"><span role="text"><strong data-start="2071" data-end="2113">रोहित शेट्टी के जुड़ने से बढ़ेगी पहुंच</strong></span></h2>
<p data-start="2115" data-end="2351">फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी इस अभियान के प्रमुख चेहरे के रूप में जुड़े हैं। उनकी लोकप्रियता और युवाओं सहित आम दर्शकों के बीच मजबूत पहचान को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा।</p>
<p data-start="2353" data-end="2560">रोहित शेट्टी ने अपने फिल्मों के माध्यम से पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया है। अब वे डिजिटल अपराधों से बचाव और जागरूकता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाएंगे।</p>
<p data-start="2562" data-end="2727">उनके जुड़ने से अभियान को मनोरंजन और जागरूकता के बेहतर संयोजन के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोग साइबर सुरक्षा के विषय को आसानी से समझ सकें।</p>
<h2 data-section-id="1t1a6nu" data-start="2729" data-end="2782"><span role="text"><strong data-start="2732" data-end="2782">डिजिटल वित्तीय सेवाओं के सुरक्षित उपयोग पर जोर</strong></span></h2>
<p data-start="2784" data-end="2959">बंधन बैंक का कहना है कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण है। कई बार लोग जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं।</p>
<p data-start="2961" data-end="3172">‘साइबर कॉप’ अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि वे अपने बैंक खाते, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारियों को सुरक्षित रखें। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।</p>
<p data-start="3174" data-end="3277">बैंक का उद्देश्य है कि नागरिक डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाते समय आत्मविश्वास और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ें।</p>
<h2 data-section-id="e3dazx" data-start="3279" data-end="3323"><span role="text"><strong data-start="3282" data-end="3323">बंधन बैंक ने बताया अभियान का उद्देश्य</strong></span></h2>
<p data-start="3325" data-end="3580">बंधन बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि साइबर फ्रॉड भारत के डिजिटल इकोसिस्टम की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। बैंक का उद्देश्य केवल वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक करना भी है।</p>
<p data-start="3582" data-end="3812">उन्होंने कहा कि ‘साइबर कॉप’ अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि कोई भी डिजिटल कदम उठाने से पहले सावधानी बरतें, किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करें और साइबर अपराध होने पर तुरंत रिपोर्ट करें।</p>
<h2 data-section-id="1q3vuo8" data-start="3814" data-end="3859"><span role="text"><strong data-start="3817" data-end="3859">नागरिकों को शिकायत व्यवस्था की जानकारी</strong></span></h2>
<p data-start="3861" data-end="4153">अभियान के तहत नागरिकों को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए उपलब्ध सरकारी माध्यमों की जानकारी भी दी जाएगी। लोगों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर <strong data-start="4038" data-end="4046">1930</strong> के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।</p>
<p data-start="4155" data-end="4300">विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल तकनीकी उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।</p>
<h2 data-section-id="1vj1fe2" data-start="4302" data-end="4351"><span role="text"><strong data-start="4305" data-end="4351">सीएसआर पहल के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी</strong></span></h2>
<p data-start="4353" data-end="4565">बंधन बैंक ने इस अभियान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत शुरू किया है। बैंक का उद्देश्य है कि साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को जन-जन तक पहुंचाया जाए और समाज के सभी वर्गों को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाया जाए।</p>
<p data-start="4567" data-end="4726">यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो तेजी से डिजिटल सेवाओं से जुड़ रहे हैं लेकिन साइबर सुरक्षा के नियमों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।</p>
<h2 data-section-id="dzqizi" data-start="4728" data-end="4795"><span role="text"><strong data-start="4731" data-end="4795">हिंदुस्तान टाइम्स और एडेंट सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन का सहयोग</strong></span></h2>
<p data-start="4797" data-end="4964">‘साइबर कॉप’ अभियान बंधन बैंक की सीएसआर पहल है, जिसे <strong data-start="4849" data-end="4870">हिंदुस्तान टाइम्स</strong> द्वारा प्रस्तुत किया गया है और <strong data-start="4902" data-end="4936">एडेंट सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन</strong> द्वारा लागू किया जा रहा है।</p>
<p data-start="4966" data-end="5075">अभियान का मुख्य फोकस साइबर जागरूकता, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर धोखाधड़ी की समय पर रिपोर्टिंग पर रहेगा।</p>
<h2 data-section-id="13yi9p" data-start="5077" data-end="5120"><span role="text"><strong data-start="5080" data-end="5120">सुरक्षित डिजिटल भारत की दिशा में कदम</strong></span></h2>
<p data-start="5122" data-end="5306">भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। ‘साइबर कॉप’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p data-start="5308" data-end="5488">बंधन बैंक को उम्मीद है कि इस पहल के माध्यम से लाखों लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचेगा और नागरिक डिजिटल दुनिया में अधिक सतर्क एवं सुरक्षित तरीके से अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।</p>
<p data-start="5490" data-end="5723" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह अभियान केवल साइबर अपराधों से बचाव का संदेश नहीं देगा, बल्कि लोगों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करेगा। आने वाले समय में यह पहल डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूको बैंक का भव्य ग्राहक मिलन समारोह: बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को मिला नया आयाम</title>
		<link>https://swarajvani.com/uco-bank-hosts-customer-engagement-event-with-focus-on-financial-security/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:15:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bank Customer Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[Banking News]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Banking]]></category>
		<category><![CDATA[UCO Bank Event]]></category>
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					<description><![CDATA[यूको बैंक का भव्य ग्राहक मिलन समारोह: बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को मिला नया आयाम संवाददाता: राहुल जैन, अशोकनगर अशोकनगर। यूको बैंक की अशोकनगर एवं आसपास की ... <a title="यूको बैंक का भव्य ग्राहक मिलन समारोह: बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को मिला नया आयाम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/uco-bank-hosts-customer-engagement-event-with-focus-on-financial-security/" aria-label="Read more about यूको बैंक का भव्य ग्राहक मिलन समारोह: बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को मिला नया आयाम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>यूको बैंक का भव्य ग्राहक मिलन समारोह: बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को मिला नया आयाम</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता: राहुल जैन, अशोकनगर<br />
अशोकनगर।</strong> यूको बैंक की अशोकनगर एवं आसपास की शाखाओं द्वारा स्थानीय होटल अशोका में एक भव्य <strong>ग्राहक मिलन समारोह</strong> आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बैंक और ग्राहकों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करना, आधुनिक बैंकिंग सेवाओं की जानकारी देना तथा डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में अशोकनगर, मुंगावली, गुना, सेहराई और मलहारगढ़ शाखाओं के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बैंक के सम्मानित ग्राहक शामिल हुए।</p>
<p>समारोह में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राहकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना। साथ ही बैंक की नई योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं और विभिन्न ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। पूरे आयोजन का वातावरण आत्मीयता, पारदर्शिता और ग्राहक सेवा की भावना से परिपूर्ण रहा।</p>
<h2><strong>दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ शुभारंभ</strong></h2>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्वालियर अंचल के अंचल प्रमुख एवं उपमहाप्रबंधक <strong>अक्षय कुमार</strong> द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिससे पूरे समारोह का वातावरण गरिमामय और आध्यात्मिक हो गया।</p>
<p>मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि यूको बैंक हमेशा से ग्राहकों के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानता है। बैंक का प्रयास केवल वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ एक मजबूत और दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना भी है।</p>
<h2><strong>विभिन्न शाखाओं के अधिकारी और ग्राहकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति</strong></h2>
<p>इस संयुक्त ग्राहक मिलन समारोह में अशोकनगर, गुना, मुंगावली, सेहराई और मलहारगढ़ शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम में बैंक के सम्मानित ग्राहकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर बैंक की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।</p>
<p>समारोह में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में अग्रणी बैंक प्रबंधक (अशोकनगर) <strong>राजीव राय</strong>, संसाधन विभाग के मुख्य प्रबंधक <strong>एस. एल. सोनार्थी</strong>, एसएमई शाखा के मुख्य प्रबंधक <strong>विजय दशोरा</strong> तथा अंचल कार्यालय से <strong>अमित</strong> विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>
<p>इसके अलावा अशोकनगर शाखा प्रबंधक <strong>कमल किशोर पंत</strong>, गुना शाखा प्रबंधक <strong>सचिन साहू</strong>, सेहराई शाखा प्रबंधक <strong>गौतम साहू</strong>, मुंगावली शाखा प्रबंधक <strong>साहिब कुमार</strong>, सहायक प्रबंधक <strong>एरिक लाकरा</strong>, कैशियर <strong>रामचरण सहरिया</strong>, <strong>श्याम बाबू धनोरिया</strong> एवं <strong>शिशुपाल अहिरवार</strong> सहित अन्य बैंक कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।</p>
<h2>ग्राहकों को दी गई बैंक की नई योजनाओं की जानकारी</h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान अंचल कार्यालय से आए वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राहकों को बैंक द्वारा संचालित विभिन्न वित्तीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यूको बैंक अपने ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर नई योजनाएं शुरू करता है, जिनका उद्देश्य बचत को बढ़ावा देना और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<p>ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दरों वाली जमा योजनाओं, बचत खातों, सावधि जमा (एफडी), आवर्ती जमा (आरडी), गृह ऋण, वाहन ऋण, शिक्षा ऋण, व्यवसाय ऋण, कृषि ऋण और एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध विशेष ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को भी लगातार मजबूत कर रहा है, ताकि ग्राहक बिना शाखा आए घर बैठे अधिकांश बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकें।</p>
<h2><strong>डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने पर दिया गया विशेष जोर</strong></h2>
<p>कार्यक्रम में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, भीम ऐप, एटीएम, डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल सुविधाओं का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन आज के समय की आवश्यकता बन चुका है और यूको बैंक अपने ग्राहकों को सुरक्षित एवं आसान डिजिटल बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाता जा रहा है।</p>
<p>ग्राहकों को यह भी बताया गया कि डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने से समय की बचत होती है और बैंकिंग कार्य अधिक सुविधाजनक बन जाते हैं।</p>
<h2><strong>साइबर अपराधों से बचाव के लिए किया गया जागरूक</strong></h2>
<p>समारोह का सबसे महत्वपूर्ण विषय <strong>साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता</strong> रहा। बैंक अधिकारियों ने उपस्थित ग्राहकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन वित्तीय अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज, ईमेल, लिंक और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से लोगों से बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।</p>
<p>ग्राहकों को सलाह दी गई कि—</p>
<ul>
<li>किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या यूपीआई पिन साझा न करें।</li>
<li>बैंक कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।</li>
<li>किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।</li>
<li>केवल आधिकारिक मोबाइल एप और वेबसाइट का ही उपयोग करें।</li>
<li>किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तुरंत बैंक और संबंधित हेल्पलाइन पर दें।</li>
<li>मोबाइल फोन और बैंकिंग एप को हमेशा सुरक्षित रखें।</li>
</ul>
<p>अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।</p>
<h2><strong>ग्राहकों के सुझावों को भी मिला महत्व</strong></h2>
<p>कार्यक्रम केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें ग्राहकों को खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर भी दिया गया।</p>
<p>ग्राहकों ने बैंक की सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और शाखाओं में मिलने वाली सहायता के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों के सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।</p>
<p>अधिकारियों ने कहा कि ग्राहक ही बैंक की वास्तविक ताकत हैं और उनकी संतुष्टि बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<h2><strong>ग्राहक सेवा को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता</strong></h2>
<p>मुख्य अतिथि अक्षय कुमार ने कहा कि यूको बैंक देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल है और ग्राहकों के विश्वास के कारण लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बैंक आधुनिक तकनीक के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी बराबर महत्व देता है। ग्राहकों को बेहतर सेवा, त्वरित समाधान और पारदर्शी बैंकिंग उपलब्ध कराना यूको बैंक की प्राथमिकता है।</p>
<p>उन्होंने कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे प्रत्येक ग्राहक के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करें।</p>
<h2><strong>सफल आयोजन के लिए जताया आभार</strong></h2>
<p>कार्यक्रम के अंत में अशोकनगर शाखा प्रबंधक <strong>कमल किशोर पंत</strong> ने उपस्थित सभी अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों एवं ग्राहकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को सफल और सार्थक बनाया है।</p>
<p>उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के ग्राहक मिलन समारोह भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे बैंक और ग्राहकों के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग का संबंध और अधिक मजबूत होगा।</p>
<h2><strong>बैंक और ग्राहकों के रिश्ते को मिला नया विश्वास</strong></h2>
<p>यूको बैंक का यह ग्राहक मिलन समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह बैंक और ग्राहकों के बीच बेहतर संवाद, पारदर्शिता और विश्वास स्थापित करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। बैंक द्वारा नई योजनाओं की जानकारी, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और ग्राहकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में किए गए प्रयासों की उपस्थित लोगों ने सराहना की।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते डिजिटल दौर में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं बैंक और ग्राहकों के बीच सीधा संवाद दोनों पक्षों के लिए लाभदायक साबित होता है। यूको बैंक का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ग्राहक सेवाओं की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होने की उम्मीद है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा</title>
		<link>https://swarajvani.com/online-scam-investigation-leads-to-arrest-of-cyber-fraudster-by-manawar-police/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 12:45:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Manawar]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
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		<category><![CDATA[Police Action]]></category>
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					<description><![CDATA[मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा फेसबुक लिंक के जरिए बनाया था शिकार, साइबर टीम ... <a title="मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/online-scam-investigation-leads-to-arrest-of-cyber-fraudster-by-manawar-police/" aria-label="Read more about मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा</strong></h1>
<h2><strong>फेसबुक लिंक के जरिए बनाया था शिकार, साइबर टीम ने इंदौर से आरोपी को पकड़ा</strong></h2>
<p><strong>धार/मनावर।</strong><br />
ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मनावर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फेसबुक के जरिए संपर्क कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी पहचान के माध्यम से फरियादी से संपर्क किया और उसे एक लिंक भेजकर लालच दिया। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से कुल <strong>2 लाख 87 हजार रुपये</strong> की ठगी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और लगातार प्रयासों के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।</p>
<h1><strong>साइबर फ्रॉड के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा अभियान</strong></h1>
<p>मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने और अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।</p>
<p>इसी क्रम में हाल ही में प्रदेश स्तर पर <strong>“SAFE CLICK-2.0” अभियान</strong> चलाया गया था। यह अभियान <strong>24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक</strong> संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था।</p>
<p>इस अभियान के दौरान पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी गई।</p>
<h1><strong>पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित की गई विशेष टीम</strong></h1>
<div style="width: 832px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-334821-1" width="832" height="464" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/33.mp4?_=1" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/33.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/33.mp4</a></video></div>
<p>धार जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक <strong>श्री सचिन शर्मा</strong> ने अज्ञात साइबर ठगों की पहचान कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी तथा ठगी की राशि बरामद करने के निर्देश दिए थे।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक <strong>श्री विजय डावर</strong>, एसडीओपी <strong>श्री बृजेश कुमार मालवीय</strong> और थाना प्रभारी मनावर <strong>श्री राजेश यादव</strong> के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया।</p>
<p>गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर जांच और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।</p>
<h1><strong>हरियाणा और महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस जांच</strong></h1>
<p>साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई राज्यों में जांच की। पुलिस टीम द्वारा <strong>गुरुग्राम (हरियाणा), पालघर (महाराष्ट्र) और मुंबई (महाराष्ट्र)</strong> सहित अन्य स्थानों पर पतारसी की गई।</p>
<p>लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।</p>
<p>पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।</p>
<h1><strong>फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई थी ठगी की कहानी</strong></h1>
<p>मामले के अनुसार, थाना मनावर क्षेत्र के निवासी <strong>अनिल पिता मोहनलाल अग्रवाल</strong> ने 24 दिसंबर 2025 को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।</p>
<p>फरियादी ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर फेसबुक आईडी के माध्यम से <strong>काव्या परिहार नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी।</strong></p>
<p>इसके बाद कथित रूप से बातचीत के दौरान एक लिंक भेजा गया और एक खाते से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। शिकायत के अनुसार, लालच और विश्वास में लेकर फरियादी से अलग-अलग समय पर कुल <strong>2 लाख 87 हजार रुपये</strong> की राशि ठग ली गई।</p>
<p>फरियादी की शिकायत के आधार पर थाना मनावर में अपराध क्रमांक <strong>833/25</strong> दर्ज किया गया।</p>
<h1><strong>इन धाराओं में दर्ज किया गया था मामला</strong></h1>
<p>पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा <strong>318(4) और 319(2)</strong> के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस ने साइबर तकनीक, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से आरोपियों की जानकारी जुटाई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों में आरोपी अक्सर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, आकर्षक ऑफर और झूठे प्रलोभनों का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।</p>
<h1><strong>इंदौर निवासी आरोपी गिरफ्तार</strong></h1>
<p>पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान:</p>
<p><strong>जैद पिता जमील खान, उम्र 22 वर्ष, निवासी 148 श्रीनगर कांकड़, थाना एमआईजी, जिला इंदौर</strong></p>
<p>के रूप में बताई है।</p>
<p>पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस नेटवर्क में कितने अन्य लोग शामिल हैं।</p>
<h1><strong>अन्य आरोपियों की तलाश जारी</strong></h1>
<p>पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं।</p>
<p>फरार आरोपियों में <strong>अनिश शेख और उसके साथी</strong> शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h1><strong>साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सावधान रहने की जरूरत</strong></h1>
<p>पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।</p>
<p>किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा करने या लालच देने वाले ऑफर पर भरोसा करने से बचना चाहिए।</p>
<p>साइबर अपराधी अक्सर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं और धीरे-धीरे विश्वास हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।</p>
<p>पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।</p>
<h1><strong>पुलिस टीम के इन सदस्यों की रही महत्वपूर्ण भूमिका</strong></h1>
<p>इस पूरे मामले के खुलासे में मनावर पुलिस और साइबर टीम धार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</p>
<p>कार्रवाई में प्रमुख रूप से:</p>
<ul>
<li><strong>निरीक्षक राजेश यादव</strong></li>
<li><strong>उप निरीक्षक मनीष चौधरी</strong></li>
<li><strong>आरक्षक 899 जितेंद्र कुशवाह</strong></li>
<li><strong>साइबर टीम धार से उप निरीक्षक प्रशांत गुंजाल</strong></li>
<li><strong>प्रधान आरक्षक 71</strong></li>
<li><strong>आरक्षक शुभम</strong></li>
<li><strong>आरक्षक प्रशांत चौहान</strong></li>
<li>एवं साइबर टीम के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।</li>
</ul>
<h1><strong>साइबर अपराधों पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई</strong></h1>
<p>मनावर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूक करना भी है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।</p>
<p>मनावर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
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			</item>
		<item>
		<title>Manawar में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत बड़ा कार्यक्रम आयोजित</title>
		<link>https://swarajvani.com/security-awareness-campaign-2-0-held-in-manawar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 08:24:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Manawar]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Manawar News]]></category>
		<category><![CDATA[MP Police]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[SDOP Brijesh Kumar Malviya]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रेस नोट साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत मनावर में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित मनावर में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस की पहल Manawar , 04 जुलाई ... <a title="Manawar में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत बड़ा कार्यक्रम आयोजित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/security-awareness-campaign-2-0-held-in-manawar/" aria-label="Read more about Manawar में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत बड़ा कार्यक्रम आयोजित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रेस नोट</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="hyo6h" data-start="120" data-end="203"><strong>साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत मनावर में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित</strong></h1>
<h2 data-section-id="1hai5s7" data-start="205" data-end="260">मनावर में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस की पहल</h2>
<p data-start="262" data-end="641">Manawar , 04 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत मनावर में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद मनावर और कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, मनावर में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना था।</p>
<p data-start="643" data-end="914">आज के डिजिटल युग में जहां हर व्यक्ति इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग और सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है, वहीं साइबर अपराधों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में प्रशिक्षित किया जा सके।</p>
<h2 data-section-id="wf17r6" data-start="921" data-end="967"><strong>कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति</strong></h2>
<p data-start="969" data-end="1117">इस जागरूकता कार्यक्रम में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) श्री बृजेश कुमार मालवीय और थाना प्रभारी मनावर श्री राजेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>
<p data-start="1119" data-end="1388">दोनों अधिकारियों ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों, नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार लोग अनजाने में साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं।</p>
<h2 data-section-id="r0wiw7" data-start="1395" data-end="1434"><strong>साइबर अपराधों के बढ़ते मामले और खतरा</strong></h2>
<p data-start="1436" data-end="1729">एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और मोबाइल एप्लिकेशन के बढ़ते उपयोग ने जीवन को आसान तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधियों को नए अवसर भी प्रदान किए हैं।</p>
<p data-start="1731" data-end="1811">उन्होंने कहा कि आज के समय में सबसे ज्यादा मामले निम्न प्रकार के सामने आ रहे हैं:</p>
<ul data-start="1813" data-end="1962">
<li data-section-id="5bsepr" data-start="1813" data-end="1834">ऑनलाइन बैंक फ्रॉड</li>
<li data-section-id="1o6xiz1" data-start="1835" data-end="1857">फर्जी कॉल और मैसेज</li>
<li data-section-id="10vhh1e" data-start="1858" data-end="1870">OTP चोरी</li>
<li data-section-id="1ot7k2y" data-start="1871" data-end="1900">सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग</li>
<li data-section-id="1a4foo8" data-start="1901" data-end="1938">फर्जी लिंक के माध्यम से डेटा चोरी</li>
<li data-section-id="15nsvxi" data-start="1939" data-end="1962">डिजिटल अरेस्ट स्कैम</li>
</ul>
<p data-start="1964" data-end="2061">इन सभी अपराधों का मुख्य उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी प्राप्त कर आर्थिक नुकसान पहुंचाना होता है।</p>
<div style="width: 848px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-332084-2" width="848" height="478" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1.mp4?_=2" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1.mp4</a></video></div>
<h2 data-section-id="9s8221" data-start="2068" data-end="2124"><strong>विद्यार्थियों और नागरिकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी</strong></h2>
<p data-start="2126" data-end="2253">कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में समझाया।</p>
<p data-start="2255" data-end="2400">उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।</p>
<p data-start="2402" data-end="2432">इसके अलावा यह भी बताया गया कि:</p>
<ul data-start="2434" data-end="2643">
<li data-section-id="1xmg3kt" data-start="2434" data-end="2481">किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए</li>
<li data-section-id="1y5ycmt" data-start="2482" data-end="2530">संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब नहीं देना चाहिए</li>
<li data-section-id="1wzuapn" data-start="2531" data-end="2589">सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखनी चाहिए</li>
<li data-section-id="1gr3id8" data-start="2590" data-end="2643">केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप्स का उपयोग करना चाहिए</li>
</ul>
<h2 data-section-id="1odb2ci" data-start="2650" data-end="2697"><strong>डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड पर चेतावनी</strong></h2>
<p data-start="2699" data-end="2791">कार्यक्रम में विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” नामक नए साइबर फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी गई।</p>
<p data-start="2793" data-end="3025">अधिकारियों ने बताया कि यह एक नया तरीका है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं। यह साइबर अपराध का एक गंभीर रूप है, जिससे बचने के लिए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p>
<h2 data-section-id="epe8h0" data-start="3032" data-end="3077"><strong>सोशल मीडिया और ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष जोर</strong></h2>
<p data-start="3079" data-end="3289">एसडीओपी ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है, लेकिन यही साइबर अपराधियों का भी प्रमुख माध्यम बन गया है।</p>
<p data-start="3291" data-end="3311">उन्होंने सलाह दी कि:</p>
<ul data-start="3313" data-end="3510">
<li data-section-id="ge5cbj" data-start="3313" data-end="3378">सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें</li>
<li data-section-id="iusd7g" data-start="3379" data-end="3427">अपनी लोकेशन और निजी जानकारी सार्वजनिक न करें</li>
<li data-section-id="1itocoe" data-start="3428" data-end="3459">मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें</li>
<li data-section-id="zz62vo" data-start="3460" data-end="3510">समय-समय पर अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग अपडेट करें</li>
</ul>
<div style="width: 848px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-332084-3" width="848" height="478" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1-1.mp4?_=3" /><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1-1.mp4">https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-04-at-1.11.09-AM-1-1.mp4</a></video></div>
<h2 data-section-id="41tayt" data-start="3517" data-end="3558"><strong>साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत जरूरी</strong></h2>
<p data-start="3560" data-end="3677">कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो उसे तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए।</p>
<p data-start="3679" data-end="3785">इसके लिए सरकार द्वारा विशेष साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पोर्टल <a class="decorated-link cursor-pointer" target="_new" rel="noopener" data-start="3743" data-end="3764">www.cybercrime.gov.in</a> उपलब्ध कराया गया है।</p>
<p data-start="3787" data-end="3896">अधिकारियों ने बताया कि जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी जल्दी कार्रवाई संभव होगी और नुकसान को रोका जा सकेगा।</p>
<h2 data-section-id="1dsudvc" data-start="3903" data-end="3960"><strong>पुलिस की अपील – सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें</strong></h2>
<p data-start="3962" data-end="4180">कार्यक्रम के अंत में एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय और थाना प्रभारी राजेश यादव ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे केवल स्वयं ही नहीं बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।</p>
<p data-start="4182" data-end="4309">उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक ऐसी चुनौती है जो पूरे समाज को प्रभावित करती है, इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक जागरूकता बहुत जरूरी है।</p>
<h2 data-section-id="hhwzpf" data-start="4316" data-end="4356"><strong>नगर पालिका और स्कूल प्रशासन की भूमिका</strong></h2>
<p data-start="4358" data-end="4577">नगर पालिका परिषद और कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के विद्यार्थियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे।</p>
<p data-start="4579" data-end="4699">इससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।</p>
<h2 data-section-id="1bjrc2y" data-start="4706" data-end="4754"><strong>साइबर अपराध रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम</strong></h2>
<p data-start="4756" data-end="4875">यह जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह साइबर अपराधों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p data-start="4877" data-end="5027">आज जब डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<h3 data-section-id="1j8d2pj" data-start="5034" data-end="5045"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="5047" data-end="5206">मनावर में आयोजित यह साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 कार्यक्रम यह संदेश देता है कि डिजिटल युग में सुरक्षा और सतर्कता उतनी ही जरूरी है जितना कि तकनीक का उपयोग।</p>
<p data-start="5208" data-end="5342">यदि नागरिक सतर्क रहें, अनजान लिंक और कॉल से बचें तथा सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें, तो साइबर अपराधों से काफी हद तक बचा जा सकता है।</p>
<p data-start="5344" data-end="5457">मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।</p>
<p data-start="5464" data-end="5489">
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			</item>
		<item>
		<title>Jhabua News सेफ क्लिक 2.0: झकनावदा पुलिस का 15 दिवसीय साइबर सुरक्षा अभियान बना मिसाल, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जागरूक</title>
		<link>https://swarajvani.com/jhabua-news-safe-click-2-0-jhakanavda-police-cyber-awareness-campaign/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:24:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jhabua]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Awareness Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Crime Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Crime News]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Helpline 1930]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua News]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua Police]]></category>
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		<category><![CDATA[Jhaknavda Police]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
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		<category><![CDATA[Safe Click 2.0]]></category>
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		<category><![CDATA[झकनावदा पुलिस]]></category>
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		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश पुलिस]]></category>
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		<category><![CDATA[सेफ क्लिक 2.0]]></category>
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					<description><![CDATA[सेफ क्लिक 2.0 झकनावदा पुलिस अभियान के तहत Jhabua पुलिस ने झकनावदा, बोलासा और रूपाखेड़ा सहित कई गांवों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी, यूपीआई फ्रॉड, ... <a title="Jhabua News सेफ क्लिक 2.0: झकनावदा पुलिस का 15 दिवसीय साइबर सुरक्षा अभियान बना मिसाल, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जागरूक" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jhabua-news-safe-click-2-0-jhakanavda-police-cyber-awareness-campaign/" aria-label="Read more about Jhabua News सेफ क्लिक 2.0: झकनावदा पुलिस का 15 दिवसीय साइबर सुरक्षा अभियान बना मिसाल, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जागरूक">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सेफ क्लिक 2.0 झकनावदा पुलिस अभियान के तहत Jhabua पुलिस ने झकनावदा, बोलासा और रूपाखेड़ा सहित कई गांवों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए और 1930 हेल्पलाइन की जानकारी दी।</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="ifn4p3" data-start="1006" data-end="1118">सेफ क्लिक 2.0 झकनावदा पुलिस: गांव-गांव पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश, ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए प्रभावी उपाय</h1>
<p data-start="1120" data-end="1179"><strong data-start="1120" data-end="1179">झकनावदा (Jhaknavda), जिला Jhabua |<br />
प्रतिनिधि : मनीष कुमट</strong></p>
<p data-start="1181" data-end="1643">मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित <strong data-start="1213" data-end="1264">15 दिवसीय &#8220;सेफ क्लिक 2.0&#8221; साइबर जागरूकता अभियान</strong> के अंतर्गत <strong data-start="1276" data-end="1291">Jhabua पुलिस</strong> लगातार जिलेभर में नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। इसी क्रम में <strong data-start="1377" data-end="1394">झकनावदा पुलिस</strong> ने गांव-गांव पहुंचकर साइबर अपराधों से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। धार्मिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।</p>
<p data-start="1645" data-end="1955">यह अभियान <strong data-start="1655" data-end="1689">पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार</strong> के निर्देशन एवं <strong data-start="1706" data-end="1754">अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया</strong> के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। <strong data-start="1797" data-end="1836">चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया</strong> के नेतृत्व में झकनावदा, बोलासा, रूपाखेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।</p>
<h2 data-section-id="1h1qfbo" data-start="2281" data-end="2313">सेफ क्लिक 2.0 अभियान क्या है?</h2>
<p data-start="2315" data-end="2655"><strong data-start="2315" data-end="2332">सेफ क्लिक 2.0</strong> मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष साइबर जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के दौरान पुलिस ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा रही है।</p>
<h2 data-section-id="b3yznq" data-start="2662" data-end="2722">झकनावदा पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर चलाया जागरूकता अभियान</h2>
<p data-start="2724" data-end="2828">अभियान के अंतर्गत झकनावदा पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से—</p>
<ul data-start="2830" data-end="2996">
<li data-section-id="1b8p20a" data-start="2830" data-end="2844">धार्मिक स्थल</li>
<li data-section-id="1447gc6" data-start="2845" data-end="2869">तहसील कार्यालय झकनावदा</li>
<li data-section-id="inu6np" data-start="2870" data-end="2882">पुलिस चौकी</li>
<li data-section-id="bwk1km" data-start="2883" data-end="2911">पीएम श्री विद्यालय झकनावदा</li>
<li data-section-id="uy3ruf" data-start="2912" data-end="2949">आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बोलासा</li>
<li data-section-id="z0rz7h" data-start="2950" data-end="2961">बस स्टैंड</li>
<li data-section-id="12m18t6" data-start="2962" data-end="2978">सार्वजनिक स्थल</li>
<li data-section-id="dk8c4g" data-start="2979" data-end="2996">ग्रामीण क्षेत्र</li>
</ul>
<p data-start="2998" data-end="3008">शामिल रहे।पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी।</p>
<p data-start="2998" data-end="3008"><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-331954" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 07 03 at 7.45.18 PM" width="1600" height="1200" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.18-PM-1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<h2 data-section-id="581w7a" data-start="3140" data-end="3197">नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए महत्वपूर्ण उपाय</h2>
<p data-start="3199" data-end="3273">कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को निम्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई—</p>
<ul data-start="3275" data-end="3511">
<li data-section-id="1btzxjz" data-start="3275" data-end="3291">फर्जी बैंक कॉल</li>
<li data-section-id="ykbttl" data-start="3292" data-end="3326">केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी</li>
<li data-section-id="nq49i7" data-start="3327" data-end="3341">यूपीआई फ्रॉड</li>
<li data-section-id="1y6uqs0" data-start="3342" data-end="3362">सोशल मीडिया हैकिंग</li>
<li data-section-id="oo8m36" data-start="3363" data-end="3384">फर्जी निवेश योजनाएं</li>
<li data-section-id="1lhswyl" data-start="3385" data-end="3410">ओटीपी शेयर करने का खतरा</li>
<li data-section-id="p5hzzk" data-start="3411" data-end="3448">स्क्रीन शेयरिंग एप से होने वाली ठगी</li>
<li data-section-id="q0wivw" data-start="3449" data-end="3487">संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के नुकसान</li>
<li data-section-id="17le4nt" data-start="3488" data-end="3511">डिजिटल पेमेंट सुरक्षा</li>
</ul>
<p data-start="3513" data-end="3671">चौकी प्रभारी <strong data-start="3526" data-end="3552">सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया</strong> ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन साझा नहीं करना चाहिए।</p>
<h2 data-section-id="1a6x35v" data-start="3678" data-end="3718">साइबर अपराध होने पर तुरंत करें शिकायत</h2>
<p data-start="3720" data-end="3811">झकनावदा पुलिस ने नागरिकों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो तुरंत—</p>
<ul data-start="3813" data-end="3971">
<li data-section-id="szg1xp" data-start="3813" data-end="3875">राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।</li>
<li data-section-id="77ptbp" data-start="3876" data-end="3921">साइबर हेल्पलाइन <strong data-start="3894" data-end="3902">1930</strong> पर तुरंत कॉल करें।</li>
<li data-section-id="n65wyr" data-start="3922" data-end="3971">निकटतम पुलिस थाना या पुलिस चौकी से संपर्क करें।</li>
</ul>
<p data-start="3973" data-end="4040">समय पर शिकायत दर्ज कराने से राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<h2 data-section-id="qwfri5" data-start="4047" data-end="4111">विद्यार्थियों, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा</h2>
<p data-start="4113" data-end="4347">जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, महिलाओं, अभिभावकों, व्यापारियों एवं ग्रामीण नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुलिस ने संवादात्मक तरीके से लोगों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उन्हें डिजिटल सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक सुझाव दिए।</p>
<p data-start="4113" data-end="4347"><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-331953" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026 07 03 at 7.45.19 PM" width="1600" height="1200" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-03-at-7.45.19-PM-1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<h2 data-section-id="rd8e2x" data-start="4354" data-end="4409">चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया ने की विशेष अपील</h2>
<p data-start="4411" data-end="4461">चौकी प्रभारी <strong data-start="4424" data-end="4450">सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया</strong> ने कहा कि—</p>
<blockquote data-start="4463" data-end="4602">
<p data-start="4465" data-end="4602">&#8220;वर्तमान डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। थोड़ी-सी सतर्कता नागरिकों को बड़े आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचा सकती है।&#8221;</p>
</blockquote>
<p data-start="4604" data-end="4740">उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा बिना पुष्टि किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।</p>
<h2 data-section-id="1tjsvrm" data-start="4747" data-end="4789">झाबुआ पुलिस का अभियान रहेगा लगातार जारी</h2>
<p data-start="4791" data-end="5035">झाबुआ पुलिस ने स्पष्ट किया कि <strong data-start="4821" data-end="4838">सेफ क्लिक 2.0</strong> अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाना तथा सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल समाज का निर्माण करना है।</p>
<h2 data-section-id="mdp3sm" data-start="5042" data-end="5079">साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की सलाह</h2>
<ul data-start="5081" data-end="5355">
<li data-section-id="m4b9qi" data-start="5081" data-end="5109">ओटीपी किसी से साझा न करें।</li>
<li data-section-id="fk6vca" data-start="5110" data-end="5135">यूपीआई पिन गोपनीय रखें।</li>
<li data-section-id="15ppi7u" data-start="5136" data-end="5167">संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।</li>
<li data-section-id="t2gl2q" data-start="5168" data-end="5215">अनजान नंबरों से आए वीडियो कॉल से सावधान रहें।</li>
<li data-section-id="10c31dr" data-start="5216" data-end="5252">बैंक कभी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।</li>
<li data-section-id="1oiaxol" data-start="5253" data-end="5309">सोशल मीडिया अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।</li>
<li data-section-id="1j6dd0k" data-start="5310" data-end="5355">साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान: 26 कार्यक्रमों में 2977 नागरिक हुए जागरूक, साइबर ठगी से बचने का शक्तिशाली संदेश</title>
		<link>https://swarajvani.com/jhabua-police-safe-click-2-cyber-awareness/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:53:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jhabua]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Awareness Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Helpline 1930]]></category>
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		<category><![CDATA[Online Fraud]]></category>
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		<category><![CDATA[झाबुआ न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[झाबुआ पुलिस]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[सेफ क्लिक 2.0 अभियान]]></category>
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					<description><![CDATA[Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत जिले में 26 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 2977 नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति ... <a title="Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान: 26 कार्यक्रमों में 2977 नागरिक हुए जागरूक, साइबर ठगी से बचने का शक्तिशाली संदेश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jhabua-police-safe-click-2-cyber-awareness/" aria-label="Read more about Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान: 26 कार्यक्रमों में 2977 नागरिक हुए जागरूक, साइबर ठगी से बचने का शक्तिशाली संदेश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong data-start="299" data-end="335">Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> के तहत जिले में 26 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 2977 नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। पढ़ें प्रतिनिधि मनीष कुमट की पूरी रिपोर्ट।</p>
<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="1dgt8yh" data-start="859" data-end="974">JHABUA पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान: 26 कार्यक्रमों में 2977 नागरिक हुए जागरूक, साइबर ठगी से बचने का शक्तिशाली संदेश</h1>
<p data-start="976" data-end="1009"><strong data-start="976" data-end="1009">Jhabua | प्रतिनिधि – मनीष कुमट</strong></p>
<p data-start="1011" data-end="1468">मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित <strong data-start="1043" data-end="1079">झाबुआ पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> के तहत जिलेभर में साइबर अपराधों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी तथा अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से पुलिस गांव-गांव, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और सामुदायिक केंद्रों तक पहुंचकर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है।</p>
<h2 data-section-id="1qbj0vi" data-start="1887" data-end="1925">Jhabua पुलिस का सेफ क्लिक 2.0 अभियान</h2>
<p data-start="1927" data-end="2257"><strong data-start="1927" data-end="1963">Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> के तहत जिलेभर में 15 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तरीके बताए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की नई-नई चालों को समझे और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार न बने।</p>
<h2 data-section-id="1yf32qf" data-start="2264" data-end="2327">पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में चल रहा अभियान</h2>
<p data-start="2329" data-end="2520">यह अभियान <strong data-start="2339" data-end="2373">पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार</strong> के निर्देशन एवं <strong data-start="2390" data-end="2438">अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया</strong> के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है।सभी थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी लगातार गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बता रहे हैं। अभियान में स्थानीय पुलिस बल के साथ रक्षा सखी टीम एवं साइबर जागरूकता रथ भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<h2 data-section-id="16lvspx" data-start="2766" data-end="2813">धार्मिक स्थलों और गांवों में विशेष कार्यक्रम</h2>
<p data-start="2815" data-end="2947">अभियान के दसवें दिन जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों, सामुदायिक भवनों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।इस दौरान श्रद्धालुओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को बताया गया कि आजकल साइबर अपराधी किस प्रकार फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया और बैंकिंग फ्रॉड के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।पुलिस ने सामुदायिक उद्घोषणा के माध्यम से लोगों से सतर्क रहने की अपील की तथा साइबर सुरक्षा संबंधी पम्पलेट भी वितरित किए।</p>
<h2 data-section-id="1tml3r2" data-start="3275" data-end="3334">साइबर जागरूकता रथ एवं रक्षा सखी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका</h2>
<p data-start="3336" data-end="3461"><strong data-start="3336" data-end="3372">Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> के तहत साइबर जागरूकता रथ गांव-गांव पहुंचकर लोगों को डिजिटल सुरक्षा की जानकारी दे रहा है।रक्षा सखी टीम महिलाओं एवं छात्राओं को विशेष रूप से ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराधों की पहचान करने के तरीके समझा रही है।</p>
<h2 data-section-id="gokc0x" data-start="3609" data-end="3655">सोशल मीडिया के माध्यम से भी चल रही जागरूकता</h2>
<p data-start="3657" data-end="3771">Jhabua पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार साइबर सुरक्षा संबंधी वीडियो, पोस्टर और जागरूकता संदेश साझा कर रही है।पुलिस नागरिकों से अपील कर रही है कि—</p>
<ul data-start="3811" data-end="4034">
<li data-section-id="v8306f" data-start="3811" data-end="3837">OTP किसी से साझा न करें।</li>
<li data-section-id="1vdw2pu" data-start="3838" data-end="3873">बैंक खाते की जानकारी गोपनीय रखें।</li>
<li data-section-id="4nyag8" data-start="3874" data-end="3900">UPI PIN किसी को न बताएं।</li>
<li data-section-id="1utdrv1" data-start="3901" data-end="3936">अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।</li>
<li data-section-id="1ujb7hj" data-start="3937" data-end="3984">सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें।</li>
<li data-section-id="ufh2zf" data-start="3985" data-end="4034">लालच देने वाले मैसेज एवं कॉल पर विश्वास न करें।</li>
</ul>
<h2 data-section-id="1c957f3" data-start="4041" data-end="4074">साइबर अपराध होने पर क्या करें?</h2>
<p data-start="4076" data-end="4233">यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी निवेश, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड या अन्य साइबर अपराध का शिकार होता है तो उसे बिना देर किए शिकायत दर्ज करानी चाहिए।शिकायत दर्ज कराने के लिए—</p>
<ul data-start="4262" data-end="4342">
<li data-section-id="l3bhyr" data-start="4262" data-end="4310">राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)</li>
<li data-section-id="943t4w" data-start="4311" data-end="4342">साइबर हेल्पलाइन नंबर <strong data-start="4334" data-end="4342">1930</strong></li>
</ul>
<p data-start="4344" data-end="4408">पर तत्काल संपर्क करें, ताकि समय रहते राशि को होल्ड कराया जा सके।</p>
<h2 data-section-id="1dk5p2h" data-start="4415" data-end="4459">26 कार्यक्रमों में 2977 नागरिक हुए जागरूक</h2>
<p data-start="4461" data-end="4585"><strong data-start="4461" data-end="4497">Jhabua पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> के अंतर्गत अब तक जिलेभर में कुल <strong data-start="4530" data-end="4561">26 साइबर जागरूकता कार्यक्रम</strong> आयोजित किए जा चुके हैं।इन कार्यक्रमों में लगभग <strong data-start="4611" data-end="4628">2977 नागरिकों</strong> को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार एवं साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग संबंधी जानकारी दी गई।इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, महिलाओं, ग्रामीण नागरिकों, व्यापारियों तथा वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।</p>
<h2 data-section-id="1yfdnuk" data-start="4872" data-end="4915">नागरिकों के लिए पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह</h2>
<p data-start="4917" data-end="4965">झाबुआ पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि—</p>
<ul data-start="4967" data-end="5256">
<li data-section-id="1a47ujc" data-start="4967" data-end="5014">किसी भी अनजान व्यक्ति पर ऑनलाइन भरोसा न करें।</li>
<li data-section-id="1dr7vyy" data-start="5015" data-end="5059">KYC अपडेट के नाम पर आने वाले लिंक से बचें।</li>
<li data-section-id="9fhoup" data-start="5060" data-end="5106">मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।</li>
<li data-section-id="1v6wxml" data-start="5107" data-end="5157">बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वालों से सावधान रहें।</li>
<li data-section-id="1ixzit0" data-start="5158" data-end="5203">किसी भी निवेश से पहले उसकी सत्यता जांच लें।</li>
<li data-section-id="1va12ls" data-start="5204" data-end="5256">संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।</li>
</ul>
<h2 data-section-id="6n4g6q" data-start="5263" data-end="5309">डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा</h2>
<p data-start="5311" data-end="5417">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में थोड़ी-सी सावधानी लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना चाहिए।</p>
<h2 data-section-id="oekmfs" data-start="5580" data-end="5622">झाबुआ पुलिस का अभियान आगे भी रहेगा जारी</h2>
<p data-start="5624" data-end="5717"><strong data-start="5624" data-end="5660">झाबुआ पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> आगामी दिनों में भी जिलेभर में निरंतर संचालित किया जाएगा।पुलिस का लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक नागरिक साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच सके। इस अभियान के माध्यम से सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त डिजिटल समाज का निर्माण करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<h2 data-section-id="1j8d2pj" data-start="5982" data-end="5993">निष्कर्ष</h2>
<p data-start="5995" data-end="6376"><strong data-start="5995" data-end="6031">झाबुआ पुलिस सेफ क्लिक 2.0 अभियान</strong> केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लगातार आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंच रहा है। यदि प्रत्येक नागरिक थोड़ी-सी सावधानी बरते और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दे, तो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/jhabua-police-cyber-drive-people-safe-click-2-0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 12:16:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Awareness Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Safety]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua Police]]></category>
		<category><![CDATA[Online Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Safe Click 2.0]]></category>
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					<description><![CDATA[साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी तीसरे दिन 3000 से अधिक नागरिकों और विद्यार्थियों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी ... <a title="साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jhabua-police-cyber-drive-people-safe-click-2-0/" aria-label="Read more about साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="49qkis" data-start="121" data-end="216"><span role="text"><strong data-start="123" data-end="216">साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी</strong></span></h1>
<h2 data-section-id="1d3omzu" data-start="218" data-end="307"><span role="text"><strong data-start="221" data-end="307">तीसरे दिन 3000 से अधिक नागरिकों और विद्यार्थियों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी</strong></span></h2>
<p data-start="309" data-end="335">स्वराज वाणी से मनीष कुमट</p>
<p data-start="337" data-end="644">झाबुआ। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे 15 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ जिले में भी लगातार व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान 24 जून 2026 से शुरू हुआ है और इसका उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखना है।</p>
<p data-start="646" data-end="975">झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में जिलेभर के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सक्षम बनाना है।</p>
<h2 data-section-id="rkbr0v" data-start="982" data-end="1037"><span role="text"><strong data-start="985" data-end="1037">तीसरे दिन विभिन्न स्थानों पर चला जागरूकता अभियान</strong></span></h2>
<p data-start="1039" data-end="1286">अभियान के तीसरे दिन जिले में रक्षा सखी टीम और साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए गए। डीआरपी चौराहा, रोटला, कालीदेवी सहित कई क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने नागरिकों से संवाद किया और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।</p>
<p data-start="1288" data-end="1504">इस दौरान व्यापारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय विस्तार से समझाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।</p>
<h2 data-section-id="niydrs" data-start="1511" data-end="1560"><span role="text"><strong data-start="1514" data-end="1560">साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी</strong></span></h2>
<p data-start="1562" data-end="1680">कार्यक्रम के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—</p>
<ul data-start="1682" data-end="1842">
<li data-section-id="lk2q6t" data-start="1682" data-end="1709">ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी</li>
<li data-section-id="17ze29z" data-start="1710" data-end="1725">फिशिंग अटैक</li>
<li data-section-id="l4wf89" data-start="1726" data-end="1749">फर्जी लिंक और मैसेज</li>
<li data-section-id="199yeyw" data-start="1750" data-end="1770">OTP और KYC फ्रॉड</li>
<li data-section-id="1ot7k2y" data-start="1771" data-end="1800">सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग</li>
<li data-section-id="bi5x3z" data-start="1801" data-end="1824">डिजिटल पेमेंट फ्रॉड</li>
<li data-section-id="gyvb8j" data-start="1825" data-end="1842">पहचान की चोरी</li>
</ul>
<p data-start="1844" data-end="2077">पुलिस टीम ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी, OTP, पासवर्ड या UPI पिन साझा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पूरी जांच करना आवश्यक बताया गया।</p>
<p data-start="1844" data-end="2077"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-330479 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/a1-300x240.jpg" alt="a1" width="300" height="240" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/a1-300x240.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/a1-768x615.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/a1.jpg 954w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2 data-section-id="1r5ia12" data-start="2084" data-end="2130"><span role="text"><strong data-start="2087" data-end="2130">शैक्षणिक संस्थानों में भी हुए कार्यक्रम</strong></span></h2>
<p data-start="2132" data-end="2379">अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में सेमिनार, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में छात्रों को साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए गए।</p>
<p data-start="2381" data-end="2514">पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।</p>
<h2 data-section-id="15we8fd" data-start="2521" data-end="2561"><span role="text"><strong data-start="2524" data-end="2561">NCRP और हेल्पलाइन 1930 की जानकारी</strong></span></h2>
<p data-start="2563" data-end="2716">कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p data-start="2718" data-end="2907">पुलिस ने बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर संपर्क करने या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से कार्रवाई तेज होती है और ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।</p>
<p data-start="2718" data-end="2907"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-330480 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/2b-1-300x229.jpg" alt="2b 1" width="300" height="229" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/2b-1-300x229.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/2b-1-768x587.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/2b-1.jpg 969w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2 data-section-id="1wmwnl3" data-start="2914" data-end="2958"><span role="text"><strong data-start="2917" data-end="2958">3000 से अधिक लोगों को किया गया जागरूक</strong></span></h2>
<div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<section class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none has-data-writing-block:pointer-events-none [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(--thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:b923e215-fd02-44f3-a0e7-24caff115e88-57" data-turn-id-container="request-WEB:b923e215-fd02-44f3-a0e7-24caff115e88-57" data-testid="conversation-turn-116" data-turn="assistant">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full dark markdown-new-styling">
<p data-start="0" data-end="498">अभियान के तीसरे दिन जिलेभर में विभिन्न प्रकार की जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है और छोटी सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।</p>
<p data-start="500" data-end="837">इन गतिविधियों के माध्यम से लगभग 3000 से अधिक नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।</p>
<p data-start="839" data-end="1027" data-is-last-node="" data-is-only-node="">कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, सतर्क रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई गई, ताकि साइबर अपराधों से सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</section>
</div>
</div>
<h2 data-section-id="18h0stv" data-start="3165" data-end="3185"><span role="text"><strong data-start="3168" data-end="3185">पुलिस की अपील</strong></span></h2>
<p data-start="3187" data-end="3415">झाबुआ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी निवेश योजना, सोशल मीडिया फ्रॉड या साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत सतर्क हो जाएं और बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।</p>
<p data-start="3417" data-end="3547">पुलिस ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज करने से अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव होती है और आर्थिक नुकसान को भी रोका जा सकता है।</p>
<p data-start="3549" data-end="3759">साथ ही पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करें, ताकि एक सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त भारत का निर्माण किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Cyber Fraud  में पढ़े-लिखे लोग भी निशाने पर: डिजिटल अरेस्ट मामलों ने बढ़ाई चिंता </title>
		<link>https://swarajvani.com/cyber-fraud-alert-highly-educated-people-becoming/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 09:53:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Arrest]]></category>
		<category><![CDATA[Online Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Police Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[Safe Click Campaign]]></category>
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					<description><![CDATA[Cyber Fraud में पढ़े-लिखे लोग भी निशाने पर: डिजिटल अरेस्ट मामलों ने बढ़ाई चिंता  बढ़ते साइबर अपराधों पर बड़ा खुलासा यदि आप यह मानते हैं कि Cyber Fraud केवल कम ... <a title="Cyber Fraud  में पढ़े-लिखे लोग भी निशाने पर: डिजिटल अरेस्ट मामलों ने बढ़ाई चिंता " class="read-more" href="https://swarajvani.com/cyber-fraud-alert-highly-educated-people-becoming/" aria-label="Read more about Cyber Fraud  में पढ़े-लिखे लोग भी निशाने पर: डिजिटल अरेस्ट मामलों ने बढ़ाई चिंता ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-section-id="1j93t27" data-start="172" data-end="274"><span role="text"><strong data-start="175" data-end="274">Cyber Fraud में पढ़े-लिखे लोग भी निशाने पर: डिजिटल अरेस्ट मामलों ने बढ़ाई चिंता </strong></span></h1>
<h3 data-section-id="14lwl8t" data-start="281" data-end="323"><span role="text"><strong data-start="285" data-end="323">बढ़ते साइबर अपराधों पर बड़ा खुलासा</strong></span></h3>
<p data-start="325" data-end="570">यदि आप यह मानते हैं कि Cyber Fraud केवल कम पढ़े-लिखे या सरल स्वभाव के लोगों के साथ होती है, तो यह धारणा अब पूरी तरह गलत साबित हो रही है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में सबसे ज्यादा शिकार उच्च शिक्षित लोग बन रहे हैं।</p>
<p data-start="572" data-end="755">पिछले कुछ महीनों में सामने आए मामलों में लगभग 95 प्रतिशत पीड़ित डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, रिटायर्ड पुलिस और सेना अधिकारी, तथा बुजुर्ग कारोबारी जैसे शिक्षित और जिम्मेदार वर्ग से हैं।</p>
<h2 data-section-id="hs0gzt" data-start="762" data-end="792"><span role="text"><strong data-start="766" data-end="792">डिजिटल अरेस्ट क्या है?</strong></span></h2>
<p data-start="794" data-end="951">डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका है, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं।</p>
<p data-start="953" data-end="1023">वे पीड़ित को यह कहते हैं कि उसके नाम पर कोई अवैध गतिविधि हुई है, जैसे—</p>
<ul data-start="1025" data-end="1109">
<li data-section-id="g39h0k" data-start="1025" data-end="1057">ड्रग्स या हथियारों का पार्सल</li>
<li data-section-id="139tics" data-start="1058" data-end="1080">मनी लॉन्ड्रिंग केस</li>
<li data-section-id="17pevbb" data-start="1081" data-end="1109">फर्जी सिम कार्ड का उपयोग</li>
</ul>
<p data-start="1111" data-end="1235">इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल (स्काइप/व्हाट्सएप) पर लगातार निगरानी में रखा जाता है और मानसिक दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं।</p>
<h2 data-section-id="1qj5wfk" data-start="1242" data-end="1274"><span role="text"><strong data-start="1246" data-end="1274">डर का खेल और मानसिक दबाव</strong></span></h2>
<p data-start="1276" data-end="1481">साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन मामलों में सबसे बड़ा हथियार तकनीकी ज्ञान की कमी नहीं बल्कि डर होता है। ठग बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह गंभीर कानूनी मामले में फंस चुका है।</p>
<p data-start="1483" data-end="1560">डर के कारण लोग बिना जांच-पड़ताल के अपनी जीवनभर की जमा पूंजी तक गंवा देते हैं।</p>
<h3 data-section-id="jbar59" data-start="1567" data-end="1601"><span role="text"><strong data-start="1571" data-end="1601">सेफ क्लिक अभियान की शुरुआत</strong></span></h3>
<p data-start="1603" data-end="1756">बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने “सेफ क्लिक” अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।</p>
<p data-start="1758" data-end="1938">फिलहाल पुलिस की टीमें स्कूल, कॉलेज और कुछ निजी संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक कर रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाने की जरूरत है।</p>
<h3 data-section-id="1dmlbpp" data-start="1945" data-end="1983"><span role="text"><strong data-start="1949" data-end="1983">किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?</strong></span></h3>
<p data-start="1985" data-end="2060">विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठग उन लोगों को अधिक निशाना बनाते हैं जिनके पास—</p>
<ul data-start="2062" data-end="2156">
<li data-section-id="1ek3byd" data-start="2062" data-end="2080">रिटायरमेंट फंड</li>
<li data-section-id="7lubey" data-start="2081" data-end="2107">बैंक में बड़ी जमा राशि</li>
<li data-section-id="cze4fv" data-start="2108" data-end="2133">तकनीकी जानकारी की कमी</li>
<li data-section-id="17i94gf" data-start="2134" data-end="2156">कानून की अधूरी समझ</li>
</ul>
<p data-start="2158" data-end="2237">इसलिए रिटायर्ड अधिकारी, डॉक्टर, और प्रोफेशनल्स इनके “सॉफ्ट टारगेट” बन जाते हैं।</p>
<h3 data-section-id="eokgr0" data-start="2244" data-end="2278"><span role="text"><strong data-start="2248" data-end="2278">आम तरीके जिनसे ठगी होती है</strong></span></h3>
<p data-start="2280" data-end="2327">ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को फंसाते हैं, जैसे—</p>
<ul data-start="2329" data-end="2446">
<li data-section-id="1mruw1e" data-start="2329" data-end="2348">फर्जी पुलिस कॉल</li>
<li data-section-id="jikb5n" data-start="2349" data-end="2379">कस्टम विभाग के नाम पर धमकी</li>
<li data-section-id="1vcbb3d" data-start="2380" data-end="2412">बैंक अकाउंट ब्लॉक होने का डर</li>
<li data-section-id="19oq26y" data-start="2413" data-end="2446">वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट”</li>
</ul>
<h3 data-section-id="xt7zey" data-start="2453" data-end="2477"><span role="text"><strong data-start="2457" data-end="2477">मामलों के उदाहरण</strong></span></h3>
<p data-start="2479" data-end="2603"><strong data-start="2479" data-end="2489">केस 1:</strong><br data-start="2489" data-end="2492" />74 वर्षीय रिटायर्ड रजिस्ट्रार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 1.12 करोड़ रुपये की ठगी की गई।</p>
<p data-start="2605" data-end="2709"><strong data-start="2605" data-end="2615">केस 2:</strong><br data-start="2615" data-end="2618" />रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव को भी इसी तरह डराकर 2.52 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।</p>
<h3 data-section-id="e217ad" data-start="2716" data-end="2747"><span role="text"><strong data-start="2720" data-end="2747">Cyber विशेषज्ञों की राय</strong></span></h3>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों में कानून की सही जानकारी का अभाव और मानसिक डर है। साइबर अपराधी इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं और बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। वे खुद को कभी पुलिस अधिकारी, कभी सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित का भरोसा जीत लेते हैं। इसके बाद वे डर का माहौल बनाते हैं और यह दावा करते हैं कि व्यक्ति किसी गंभीर कानूनी मामले में फंस चुका है।</p>
<p>इस दौरान अपराधी फर्जी दस्तावेज, केस नंबर और वीडियो कॉल जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके स्थिति को वास्तविक जैसा दिखाते हैं। पीड़ित को मानसिक रूप से दबाव में लेकर वे उसे जल्दबाजी में निर्णय लेने पर मजबूर कर देते हैं। डर और घबराहट के कारण लोग सही जांच-पड़ताल किए बिना ही उनकी बातों पर विश्वास कर लेते हैं। इसी का फायदा उठाकर वे बैंक विवरण, ओटीपी और अन्य निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं, जिससे बड़ी आर्थिक ठगी हो जाती है।</p>
<h3 data-section-id="8bpdlp" data-start="2938" data-end="2969"><span role="text"><strong data-start="2942" data-end="2969">सावधानी और बचाव के उपाय</strong></span></h3>
<p data-start="2971" data-end="3014">साइबर अपराध से बचने के लिए जरूरी है कि लोग—</p>
<ul data-start="3016" data-end="3197">
<li data-section-id="agq6sc" data-start="3016" data-end="3053">किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें</li>
<li data-section-id="eshztc" data-start="3054" data-end="3109">सरकारी एजेंसी कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती</li>
<li data-section-id="137yd22" data-start="3110" data-end="3150">किसी को भी OTP या बैंक जानकारी न दें</li>
<li data-section-id="1ofp5s2" data-start="3151" data-end="3197">संदिग्ध कॉल की तुरंत पुलिस में शिकायत करें</li>
</ul>
<h3 data-section-id="1a0z0no" data-start="3204" data-end="3220"><span role="text"><strong data-start="3208" data-end="3220">निष्कर्ष</strong></span></h3>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="0" data-end="422">डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ते हुए अपराधों में शामिल हो चुके हैं। यह केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीड़ितों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है। कई मामलों में लोग डर और भ्रम की स्थिति में आकर अपनी जीवनभर की जमा पूंजी तक गंवा देते हैं। अपराधी अत्याधुनिक तकनीक और मनोवैज्ञानिक दबाव का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं, जिससे बचना और भी मुश्किल हो जाता है।</p>
<p data-start="424" data-end="842" data-is-last-node="" data-is-only-node="">ऐसे हालात में सबसे बड़ी आवश्यकता जागरूकता और सतर्कता की है। लोगों को यह समझना होगा कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस विभाग कभी भी इस तरह वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या पूछताछ नहीं करता। यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश आता है, तो तुरंत उसकी पुष्टि करनी चाहिए और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। डर के बजाय समझदारी और धैर्य से लिया गया निर्णय ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CloudSEK रिपोर्ट में खुलासा, Gemini API Key कमजोरी से Android ऐप्स में यूजर्स का डेटा लीक होने का गंभीर खतरा</title>
		<link>https://swarajvani.com/android-users-risk-cloudsek-report-reveals-gemini/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 09:59:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[TECH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Android Security]]></category>
		<category><![CDATA[API Key Vulnerability]]></category>
		<category><![CDATA[BeVigil]]></category>
		<category><![CDATA[CloudSEK Report]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Data Leak]]></category>
		<category><![CDATA[Google Gemini]]></category>
		<category><![CDATA[Mobile Apps]]></category>
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					<description><![CDATA[Android Users at Risk: Gemini API Key की खामी से डेटा लीक का बड़ा खतरा, CloudSEK रिपोर्ट में खुलासा साइबर सुरक्षा की दुनिया से Android यूजर्स के लिए एक बड़ा ... <a title="CloudSEK रिपोर्ट में खुलासा, Gemini API Key कमजोरी से Android ऐप्स में यूजर्स का डेटा लीक होने का गंभीर खतरा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/android-users-risk-cloudsek-report-reveals-gemini/" aria-label="Read more about CloudSEK रिपोर्ट में खुलासा, Gemini API Key कमजोरी से Android ऐप्स में यूजर्स का डेटा लीक होने का गंभीर खतरा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>Android Users at Risk: Gemini API Key की खामी से डेटा लीक का बड़ा खतरा, CloudSEK रिपोर्ट में खुलासा</strong></h2>
<p>साइबर सुरक्षा की दुनिया से Android यूजर्स के लिए एक बड़ा अलर्ट सामने आया है। CloudSEK की ताज़ा रिपोर्ट ने यह दावा किया है कि Google Gemini से जुड़े API Key सिस्टम में गंभीर सुरक्षा खामी पाई गई है, जिसकी वजह से करोड़ों Android यूजर्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।</p>
<p>CloudSEK के सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म BeVigil द्वारा किए गए विश्लेषण में कई लोकप्रिय Android ऐप्स की जांच की गई। इस जांच के दौरान ऐसे कई ऐप्स सामने आए जिनमें API Key सही तरीके से सुरक्षित नहीं थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खामी इतनी गंभीर है कि इससे यूजर्स की संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच संभव हो सकती है।</p>
<h2><strong>क्या है असली खतरा?</strong></h2>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, Google की API Key जो “AIza” से शुरू होती है, पहले केवल एक पहचान (identifier) के रूप में इस्तेमाल की जाती थी। लेकिन अब जब इसे Google Gemini जैसे एडवांस AI सिस्टम से जोड़ा गया है, तो इसकी क्षमता और जोखिम दोनों बढ़ गए हैं।</p>
<p>अब यह API Key केवल पहचान नहीं रही, बल्कि कई सेवाओं तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती है। यदि यह Key किसी गलत व्यक्ति या हैकर के हाथ लग जाती है, तो वह आसानी से ऐप्स के बैकएंड सिस्टम तक पहुंच सकता है।</p>
<p>इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि यूजर्स की चैट, फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स और अन्य संवेदनशील डेटा तक भी पहुंच बनाई जा सकती है। यानी एक छोटी सी लापरवाही पूरी डिजिटल सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।</p>
<h2><strong>कई बड़े ऐप्स में मिली सुरक्षा खामी</strong></h2>
<p>BeVigil की जांच में यह सामने आया कि कई बड़े और लोकप्रिय Android ऐप्स में API Keys सीधे कोड में मौजूद थीं। यह एक बेहद असुरक्षित तरीका माना जाता है क्योंकि ऐसे कोड को आसानी से डीकंपाइल (decompile) किया जा सकता है।</p>
<p>जैसे ही कोई व्यक्ति ऐप के कोड को एक्सेस करता है, वह API Key निकाल सकता है और उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। चूंकि इन ऐप्स के करोड़ों डाउनलोड हैं, इसलिए इस समस्या का असर बहुत बड़े स्तर पर हो सकता है।</p>
<p>साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या किसी एक ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई ऐप डेवलपर्स की आम गलती बन चुकी है।</p>
<h2><strong>डेवलपर्स की बड़ी लापरवाही</strong></h2>
<p>साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ डेवलपर्स की गलत प्रैक्टिस है। अक्सर डेवलपर्स सुविधा के लिए API Keys को सीधे ऐप के सोर्स कोड में डाल देते हैं।</p>
<p>पहले यह तरीका सीमित रूप से सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब जब ये Keys AI आधारित सेवाओं जैसे Gemini से जुड़ गई हैं, तो यह एक बड़ा खतरा बन गया है।</p>
<p>अगर कोई हैकर ऐप को रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए खोल लेता है, तो वह API Key को निकालकर अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल कर सकता है। इससे न सिर्फ डेटा लीक होता है, बल्कि कंपनियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>Gemini API के कारण बढ़ा खतरा</strong></h2>
<p>Google Gemini एक एडवांस AI सिस्टम है, जो टेक्स्ट, इमेज और अन्य डेटा प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होता है। इसकी API सेवाएं पेड होती हैं और काफी संवेदनशील डेटा हैंडल करती हैं।</p>
<p>अगर कोई अनधिकृत व्यक्ति इन API Keys तक पहुंच जाता है, तो वह Gemini सेवाओं का गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसका सीधा असर कंपनियों की लागत पर भी पड़ता है क्योंकि हर API कॉल का खर्च डेवलपर या कंपनी को उठाना होता है।</p>
<p>इसलिए यह केवल डेटा चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह आर्थिक नुकसान का भी बड़ा जोखिम बन सकता है।</p>
<h2><strong>BeVigil की जांच में क्या सामने आया?</strong></h2>
<p>CloudSEK के BeVigil प्लेटफॉर्म ने जब कई टॉप Android ऐप्स का गहराई से विश्लेषण किया, तो पाया गया कि:</p>
<ul>
<li>कई ऐप्स में API Keys कोड में हार्डकोडेड थीं</li>
<li>ये Keys बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा के एक्सेस की जा सकती थीं</li>
<li>कुछ ऐप्स के लाखों से लेकर करोड़ों डाउनलोड थे</li>
<li>कुछ मामलों में लाइव API Keys तक को एक्सट्रैक्ट किया जा सकता था</li>
</ul>
<p>यह स्थिति साइबर सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक मानी जा रही है।</p>
<h2><strong>यूजर्स के लिए कितना बड़ा खतरा?</strong></h2>
<p>सामान्य यूजर्स के लिए यह खतरा सीधे और गंभीर है। अगर किसी ऐप की API Key लीक हो जाती है, तो:</p>
<ul>
<li>चैटबॉट बातचीत रिकॉर्ड लीक हो सकती है</li>
<li>निजी फोटो और वीडियो एक्सेस हो सकते हैं</li>
<li>डॉक्यूमेंट्स और फाइल्स चोरी हो सकती हैं</li>
<li>लॉगिन से जुड़ी जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है</li>
</ul>
<p>इस तरह की घटनाएं डिजिटल प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं।</p>
<h2><strong>साइबर विशेषज्ञों की राय</strong></h2>
<p>साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह समस्या केवल तकनीकी नहीं है, बल्कि यह एक “डिज़ाइन और डेवलपमेंट प्रैक्टिस” की गलती है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, API Keys को हमेशा सुरक्षित सर्वर (secure backend) में स्टोर किया जाना चाहिए, न कि मोबाइल ऐप के कोड में। इसके अलावा, नियमित रूप से Key rotation और access control जरूरी है।</p>
<h2><strong>क्या सावधानी बरतनी चाहिए?</strong></h2>
<p>यूजर्स के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताई गई हैं:</p>
<ul>
<li>केवल भरोसेमंद और verified ऐप्स ही डाउनलोड करें</li>
<li>अनजान ऐप्स को unnecessary permissions न दें</li>
<li>समय-समय पर ऐप्स को अपडेट रखें</li>
<li>संवेदनशील जानकारी किसी भी ऐप पर शेयर करने से बचें</li>
</ul>
<p>डेवलपर्स के लिए भी सलाह दी गई है कि वे API Keys को सुरक्षित तरीके से मैनेज करें और कोड में सीधे embed करने से बचें।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>CloudSEK की यह रिपोर्ट एक गंभीर चेतावनी है कि जैसे-जैसे AI और डिजिटल तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर खतरों का दायरा भी बढ़ रहा है।</p>
<p>Google Gemini जैसे शक्तिशाली AI टूल जहां उपयोगकर्ताओं के लिए नई सुविधाएं ला रहे हैं, वहीं छोटी सी सुरक्षा चूक बड़े स्तर पर डेटा लीक और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।</p>
<p>यह मामला साफ करता है कि आने वाले समय में साइबर सुरक्षा को और मजबूत करना न केवल जरूरी है, बल्कि अनिवार्य भी हो गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>14.9 करोड़ Email और पासवर्ड लीक: हैकर्स का हमला, चेक करें क्या आपका डेटा भी हुआ है शामिल</title>
		<link>https://swarajvani.com/14-9-crore-emails-and-passwords-leaked/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 12:04:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Credential Stuffing]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Attack]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Security]]></category>
		<category><![CDATA[Data Leak]]></category>
		<category><![CDATA[Gmail Accounts]]></category>
		<category><![CDATA[Hackers]]></category>
		<category><![CDATA[Password Leak]]></category>
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					<description><![CDATA[14 करोड़ Gmail अकाउंट्स में सेंध!  Data Leak Check: हाल ही में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की बढ़ती घटनाओं के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने टेक ... <a title="14.9 करोड़ Email और पासवर्ड लीक: हैकर्स का हमला, चेक करें क्या आपका डेटा भी हुआ है शामिल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/14-9-crore-emails-and-passwords-leaked/" aria-label="Read more about 14.9 करोड़ Email और पासवर्ड लीक: हैकर्स का हमला, चेक करें क्या आपका डेटा भी हुआ है शामिल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>14 करोड़ Gmail अकाउंट्स में सेंध! </strong></h1>
<p><strong>Data Leak Check:</strong> हाल ही में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की बढ़ती घटनाओं के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने टेक जगत में हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार, लगभग 14.9 करोड़ Email आईडी और उनके पासवर्ड सार्वजनिक रूप से इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। हालांकि, यह किसी ताजा साइबर हमले या किसी खास कंपनी की सर्वर हैकिंग का नतीजा नहीं है, बल्कि यह पुराने डेटा ब्रीच का संकलन है, जो कई सालों से विभिन्न वेबसाइट्स और ऐप्स से लीक हुआ था।</p>
<p>हैकर्स ने पुराने डेटा ब्रीच को इकट्ठा करके एक विशाल डेटाबेस तैयार किया है, जिसकी वजह से Gmail , Facebook, Instagram, और Netflix जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि आप भी चेक करें कि क्या आपका अकाउंट इस डेटा ब्रीच का हिस्सा तो नहीं है।</p>
<h2><strong>आपके लिए क्या खतरा है?</strong></h2>
<p>अगर आपके Email और पासवर्ड किसी पुराने डेटा ब्रीच का हिस्सा बन चुके हैं और आप वही पासवर्ड हर जगह इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके लिए गंभीर खतरा हो सकता है। हैकर्स इस डेटा का इस्तेमाल करके &#8216;क्रेडेंशियल स्टफिंग&#8217; (Credential Stuffing) का प्रयास कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपके पासवर्ड का प्रयोग अन्य प्लेटफार्म्स और अकाउंट्स पर किया जा सकता है। यह असल में सुरक्षा में कमजोरी नहीं, बल्कि आपके पासवर्ड को कई जगह रिपीट करने की आदत के कारण है।</p>
<h3><strong>कैसे पता करें Data लीक हुआ है या नहीं?</strong></h3>
<p>अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका Data लीक हुआ है या नहीं, तो इसके लिए आप &#8216;Have I Been Pwned&#8217; वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह वेबसाइट ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट <strong>Troy Hunt</strong> द्वारा बनाई गई है।</p>
<p><strong>Data लीक चेक करने के स्टेप्स:</strong></p>
<ol>
<li>सबसे पहले, <a href="https://haveibeenpwned.com/" rel="nofollow noopener" target="_blank">Have I Been Pwned</a> वेबसाइट पर जाएं।</li>
<li>वेबसाइट पर जाते ही आपको अपना ईमेल ID डालने के लिए कहा जाएगा।</li>
<li>जैसे ही आप अपना ईमेल डालेंगे, वेबसाइट तुरंत आपको यह बताएगी कि क्या आपका डेटा किसी ब्रीच का हिस्सा बन चुका है।</li>
<li>यह वेबसाइट आपको बताएगी कि आपका डेटा किस वेबसाइट से लीक हुआ है, और वह ब्रीच कब हुआ था।</li>
<li>इसके अलावा, वेबसाइट यह भी जानकारी देती है कि आपका पासवर्ड भी लीक हुआ है या नहीं।</li>
</ol>
<p><strong>विशेष टिप:</strong> यह वेबसाइट पूरी तरह से <strong>फ्री</strong> है और इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान है।</p>
<h4><strong>Data लीक हो जाने पर क्या करें?</strong></h4>
<p>अगर यह पता चले कि आपका डेटा लीक हुआ है, तो आपको तुरंत कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए:</p>
<ol>
<li><strong>पासवर्ड बदलें:</strong> जिस वेबसाइट से डेटा लीक हुआ है, उसका पासवर्ड तुरंत बदलें। इसके अलावा, अगर आप वही पासवर्ड अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उन्हें भी तुरंत बदलें।</li>
<li><strong>पासवर्ड को यूनिक बनाएं:</strong> भविष्य में हर प्लेटफॉर्म के लिए अलग और यूनिक पासवर्ड रखें। यह सुनिश्चित करेगा कि यदि किसी एक प्लेटफॉर्म पर डेटा लीक भी होता है, तो अन्य प्लेटफॉर्म्स सुरक्षित रहें।</li>
<li><strong>2-Step Verification (2FA) सक्षम करें:</strong> अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सभी अकाउंट्स पर 2-Step Verification को तुरंत चालू करें। यह एक अतिरिक्त सुरक्षा स्तर है जो आपके अकाउंट को और भी सुरक्षित बनाता है।</li>
<li><strong>पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें:</strong> यदि आपको पासवर्ड याद रखने में मुश्किल होती है, तो आप <strong>1Password</strong> जैसे पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये टूल्स आपके लिए सुरक्षित पासवर्ड बनाने और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।</li>
<li><strong>सुरक्षा पर ध्यान दें:</strong> इंटरनेट की दुनिया में अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, किसी भी संदिग्ध लिंक या मेल से सावधान रहें। हमेशा सिक्योर वेबसाइट्स पर ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी डालें और सिक्योर नेटवर्क पर ही लॉगिन करें।</li>
</ol>
<h5><strong>Data लीक के बाद क्या करें:</strong></h5>
<ul>
<li><strong>प्लेटफॉर्म के ग्राहक सेवा से संपर्क करें:</strong> यदि आपको लगता है कि आपका डेटा लीक हुआ है और आपके अकाउंट से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो तुरंत उस प्लेटफॉर्म की ग्राहक सेवा से संपर्क करें। वे आपको अकाउंट को लॉक करने या सुरक्षा बढ़ाने के उपाय बता सकते हैं।</li>
<li><strong>सुरक्षा अपडेट रखें:</strong> समय-समय पर अपने डिवाइस और सॉफ़्टवेयर को अपडेट रखें ताकि उनमें कोई भी सुरक्षा खामियां न रह जाएं।</li>
</ul>
<h6><strong>क्या है क्रेडेंशियल स्टफिंग?</strong></h6>
<p>क्रेडेंशियल स्टफिंग तब होता है जब हैकर्स लीक हुए पासवर्ड और ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके अन्य अकाउंट्स में अनधिकृत लॉगिन की कोशिश करते हैं। यह एक प्रकार की ऑटोमेटेड हमले की तकनीक है जिसमें एक साथ हजारों अकाउंट्स पर पासवर्ड चेक किया जाता है। यदि आपने वही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल किया है, तो यह आपके लिए बड़ा खतरा हो सकता है।</p>
<p><strong>सारांश:</strong></p>
<p>जैसे-जैसे साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आपके पासवर्ड लीक हो चुके हैं, तो तुरंत उसे बदलें और अपने अकाउंट्स पर 2FA लागू करें। ‘Have I Been Pwned’ जैसे टूल्स से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका डेटा सुरक्षित है या नहीं। इंटरनेट सुरक्षा को लेकर जागरूकता और सही कदम उठाकर आप अपनी डिजिटल सुरक्षा को बेहतर बना सकते हैं।</p>
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