प्रेस नोट
साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत मनावर में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मनावर में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस की पहल
Manawar , 04 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 के तहत मनावर में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद मनावर और कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, मनावर में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना था।
आज के डिजिटल युग में जहां हर व्यक्ति इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग और सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है, वहीं साइबर अपराधों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में प्रशिक्षित किया जा सके।
कार्यक्रम में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस जागरूकता कार्यक्रम में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) श्री बृजेश कुमार मालवीय और थाना प्रभारी मनावर श्री राजेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दोनों अधिकारियों ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों, नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार लोग अनजाने में साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं।
साइबर अपराधों के बढ़ते मामले और खतरा
एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और मोबाइल एप्लिकेशन के बढ़ते उपयोग ने जीवन को आसान तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधियों को नए अवसर भी प्रदान किए हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में सबसे ज्यादा मामले निम्न प्रकार के सामने आ रहे हैं:
- ऑनलाइन बैंक फ्रॉड
- फर्जी कॉल और मैसेज
- OTP चोरी
- सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग
- फर्जी लिंक के माध्यम से डेटा चोरी
- डिजिटल अरेस्ट स्कैम
इन सभी अपराधों का मुख्य उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी प्राप्त कर आर्थिक नुकसान पहुंचाना होता है।
विद्यार्थियों और नागरिकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में समझाया।
उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
इसके अलावा यह भी बताया गया कि:
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए
- संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब नहीं देना चाहिए
- सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखनी चाहिए
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप्स का उपयोग करना चाहिए
डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड पर चेतावनी
कार्यक्रम में विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” नामक नए साइबर फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि यह एक नया तरीका है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं। यह साइबर अपराध का एक गंभीर रूप है, जिससे बचने के लिए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष जोर
एसडीओपी ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है, लेकिन यही साइबर अपराधियों का भी प्रमुख माध्यम बन गया है।
उन्होंने सलाह दी कि:
- सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें
- अपनी लोकेशन और निजी जानकारी सार्वजनिक न करें
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें
- समय-समय पर अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग अपडेट करें
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत जरूरी
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो उसे तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
इसके लिए सरकार द्वारा विशेष साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पोर्टल www.cybercrime.gov.in उपलब्ध कराया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी जल्दी कार्रवाई संभव होगी और नुकसान को रोका जा सकेगा।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें
कार्यक्रम के अंत में एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय और थाना प्रभारी राजेश यादव ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे केवल स्वयं ही नहीं बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक ऐसी चुनौती है जो पूरे समाज को प्रभावित करती है, इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक जागरूकता बहुत जरूरी है।
नगर पालिका और स्कूल प्रशासन की भूमिका
नगर पालिका परिषद और कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्कूल के विद्यार्थियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे।
इससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
साइबर अपराध रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह साइबर अपराधों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आज जब डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
मनावर में आयोजित यह साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 2.0 कार्यक्रम यह संदेश देता है कि डिजिटल युग में सुरक्षा और सतर्कता उतनी ही जरूरी है जितना कि तकनीक का उपयोग।
यदि नागरिक सतर्क रहें, अनजान लिंक और कॉल से बचें तथा सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें, तो साइबर अपराधों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
