<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>BJP Executive Committee &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/bjp-executive-committee/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Wed, 11 Feb 2026 09:22:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>BJP Executive Committee &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Bhopal: बीजेपी कार्यकारिणी विवाद में घिरी, महाशिवरात्रि पर फिर से जारी होगी लिस्ट</title>
		<link>https://swarajvani.com/bjp-faces-internal-discord-in-bhopal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 09:21:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal BJP]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Controversy]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Executive Committee]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Internal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Sachin Das Babba]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=306451</guid>

					<description><![CDATA[Bhopal BJP कार्यकारिणी विवाद: महाशिवरात्रि को फिर से जारी होगी सूची Bhopal BJP की जिला कार्यकारिणी की सूची हाल ही में जारी की गई थी, लेकिन पार्टी के अंदरूनी विवाद ... <a title="Bhopal: बीजेपी कार्यकारिणी विवाद में घिरी, महाशिवरात्रि पर फिर से जारी होगी लिस्ट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bjp-faces-internal-discord-in-bhopal/" aria-label="Read more about Bhopal: बीजेपी कार्यकारिणी विवाद में घिरी, महाशिवरात्रि पर फिर से जारी होगी लिस्ट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Bhopal BJP कार्यकारिणी विवाद: महाशिवरात्रि को फिर से जारी होगी सूची</strong></h1>
<p>Bhopal BJP की जिला कार्यकारिणी की सूची हाल ही में जारी की गई थी, लेकिन पार्टी के अंदरूनी विवाद और विरोध के कारण इसे रोक दिया गया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस सूची के कारण पार्टी में असंतोष और नाराजगी सामने आई है। अब कहा जा रहा है कि महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में नई सूची जारी की जाएगी, ताकि नेताओं के बीच संतुलन और सामंजस्य स्थापित हो सके।</p>
<h2><strong>कार्यकारिणी में विरोध की वजह</strong></h2>
<p>BJP की जिला कार्यकारिणी में सचिन दास बब्बा को जिला महामंत्री बनाया गया था। उनके नाम पर कई नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई। विरोध जताने वालों का कहना था कि इस तरह का निर्णय बिना व्यापक चर्चा और सहमति के लिया गया।</p>
<p>कुछ स्थानीय नेताओं का आरोप था कि सूची में पार्षदों और अन्य पदाधिकारियों के चयन में पक्षपात और असमानता दिखाई दे रही है। इसके अलावा, पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जबकि कुछ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी।</p>
<p>सूची में पार्षदों को उचित स्थान न मिलने की वजह से भी नाराजगी पैदा हुई। इससे स्पष्ट होता है कि कार्यकारिणी की घोषणा में नेताओं की राय और स्थानीय समीकरणों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।</p>
<h3><strong>सूची जारी करने और हटाने की प्रक्रिया</strong></h3>
<p>Bhopal जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने सूची को पार्टी के सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट किया। इसके बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी इसे अपने ऑफिशियल पेज पर साझा किया।</p>
<p>सूची के जारी होते ही नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। नेताओं की नाराजगी को देखते हुए सूची को ऑफिशियल पेज से हटा दिया गया। यह कदम विवाद को और बढ़ने से रोकने के लिए उठाया गया।</p>
<p>सूची हटाने के पीछे मुख्य कारण यह था कि कुछ नेताओं का मानना था कि सूची में उनके या उनके समर्थकों को उचित स्थान नहीं मिला, जिससे पार्टी में असंतोष फैल रहा था।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/mp-govt-greenlights-major-industrial-corridor/?"><strong>Read Also : 21 किलोमीटर लंबे Corridor से औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम।</strong></a></p>
<h4><strong>महाशिवरात्रि पर नई सूची जारी होगी</strong></h4>
<p>अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि नई सूची महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में जारी की जाएगी। इस बार पार्टी नेतृत्व सभी पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए सूची तैयार करेगा।</p>
<p>नई सूची में संतुलन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ नेताओं, पार्षदों और जिला कार्यकर्ताओं के सुझाव को महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी नेता या समूह के साथ अन्याय न हो और पार्टी में एकता बनी रहे।</p>
<h5><strong>विरोधियों के मुख्य बिंदु</strong></h5>
<ol>
<li><strong>सचिन दास बब्बा की नियुक्ति:</strong> कुछ नेताओं का कहना है कि उनका नाम बिना व्यापक चर्चा के घोषित किया गया।</li>
<li><strong>पार्षदों और स्थानीय नेताओं की अनदेखी:</strong> सूची में कई पार्षदों और नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिला।</li>
<li><strong>निर्दलीय चुनाव की चेतावनी:</strong> कुछ नेता भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने की धमकी दे चुके हैं।</li>
<li><strong>भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़:</strong> यह घटना पार्टी में आंतरिक तनाव और असंतोष को दर्शाती है।</li>
</ol>
<p>इन बिंदुओं से स्पष्ट होता है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करना जरूरी है, अन्यथा यह भविष्य में चुनावी नुकसान का कारण बन सकता है।</p>
<h6><strong>पार्टी नेतृत्व का दृष्टिकोण</strong></h6>
<p>पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि नई सूची को संतुलित और सभी नेताओं की सहमति से तैयार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य है कि सभी नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले और कोई नाराज न रहे।</p>
<p>रविन्द्र यति और हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, नई सूची में नेताओं की आपत्तियों और सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा। यह कदम पार्टी में पारदर्शिता और सामंजस्य बनाए रखने के लिए आवश्यक है।</p>
<p>पार्टी नेतृत्व यह भी सुनिश्चित करेगा कि सूची में शामिल सभी पदाधिकारी पार्टी के विकास और आगामी चुनावों में योगदान दे सकें।</p>
<pre><strong>भविष्य में पार्टी की रणनीति</strong></pre>
<p>भाजपा अब इस अनुभव से यह सीख ले रही है कि किसी भी जिला कार्यकारिणी या पदाधिकारियों की नियुक्ति से पहले व्यापक चर्चा और सर्वसम्मति सुनिश्चित करना आवश्यक है।</p>
<p>भविष्य में पार्टी यह कदम उठाएगी कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि किसी प्रकार की नाराजगी और विवाद न उत्पन्न हो।</p>
<p>नई सूची में किसानों, युवा नेताओं और पार्षदों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की योजना है, ताकि पार्टी का基层 समर्थन मजबूत हो।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>भोपाल बीजेपी कार्यकारिणी विवाद इस बात को दर्शाता है कि पार्टी में भी नेताओं के बीच मतभेद और विरोध संभव है। महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में नई सूची जारी होने के बाद उम्मीद है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद शांत होंगे और सभी नेताओं को संतोषजनक रूप से शामिल किया जाएगा।</p>
<p>इस कदम से न केवल पार्टी में एकता बनी रहेगी, बल्कि आगामी चुनावों में भी भाजपा को लाभ मिलेगा।</p>
<p>पार्टी नेताओं की सहमति और संतुलन बनाए रखना भविष्य की रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है, ताकि किसी भी विवाद या असंतोष के कारण पार्टी की छवि प्रभावित न हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
