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21 किलोमीटर लंबे Corridor से औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम।

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Published On: 11 February 2026
MP Govt Approves Ambitious Indore-Pithampur Economic Corridor Project
— MP Govt Approves Ambitious Indore-Pithampur Economic Corridor Project

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Indore-Pithampur इकोनॉमिक Corridor: 

मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक Corridor परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह फैसला एमपी औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के संचालक मंडल की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2360.11 करोड़ रुपए है। यह कॉरिडोर लगभग 21 किलोमीटर लंबा और आठ लेन का होगा, जो इंदौर से शुरू होकर पीथमपुर एबी रोड से जुड़ेगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।

औद्योगिक जोन और किसानों की भागीदारी

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें किसानों की सहमति से बड़े पैमाने पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। कॉरिडोर के दोनों ओर 3 से 5 किलोमीटर तक औद्योगिक ज़ोन बनाए जाएंगे।

किसानों को क्या विकल्प मिलेंगे?

  1. किसान अपनी जमीन पर खुद उद्योग स्थापित कर सकते हैं।
  2. विकसित भूखंड को अन्य उद्योगों को बेच सकते हैं।
  3. राज्य सरकार द्वारा विकसित कुल भूमि का 60 प्रतिशत हिस्सा किसानों को आवंटित किया जाएगा।

यह परियोजना PPP (Public-Private Partnership) मोड में विकसित की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

योजना में शामिल गांव

प्रस्तावित योजना में कुल 17 गांव शामिल हैं:

  • कोडियाबर्डी
  • नैनोद
  • रिंजलाय
  • बिसनावदा
  • नावदा पंथ
  • श्रीराम तलावली
  • सिन्दोड़ा
  • सिन्दोड़ी
  • शिवखेड़ा
  • नरलाय
  • मोकलाय
  • डेहरी
  • सोनवाय
  • भैंसलाय
  • बागोदा
  • टीही
  • धन्नड़

कुल 1290.74 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी, जिसमें से 1165.14 हेक्टेयर निजी भूमि और 165.88 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है।

भूमि अधिग्रहण और आपत्तियां

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कई जमीन मालिकों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। स्थानीय स्तर पर सुनवाई के बाद लगभग 450 से अधिक अपीलें भोपाल स्थित अपील अधिकारी के समक्ष लंबित हैं। इन पर सुनवाई अभी जारी है।

किसानों को विकल्प: लैंड पूलिंग एक्ट के तहत

राज्य सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट के अंतर्गत किसानों को दो विकल्प दिए हैं:

  1. जमीन के बदले 60 प्रतिशत विकसित भूखंड प्राप्त करना।
  2. नकद मुआवजा लेना, जो भूमि क्रय नीति के अनुसार निर्धारित होगा।

इस तरह, किसानों की सहमति और विकल्पों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

परियोजना का आर्थिक महत्व

Indore-Pithampur इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इस परियोजना से राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नई कंपनियों की स्थापना होगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

रोजगार और निवेश के अवसर
  • औद्योगिक जोन में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध होगी।
  • किसानों और स्थानीय निवासियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • परियोजना के आसपास सुपरमार्केट, सेवा उद्योग और लॉजिस्टिक हब विकसित होंगे।
सामाजिक प्रभाव और ग्रामीण क्षेत्र में बदलाव

इस परियोजना का सामाजिक प्रभाव भी काफी बड़ा है। किसानों को अपनी जमीन पर उद्योग स्थापित करने या विकसित भूखंड बेचने का अधिकार मिलने से उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां और बुनियादी ढांचे का विकास भी संभव होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में लाभ

  1. स्थानीय व्यापार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कें, बिजली और पानी की सुविधा विकसित होगी।
  3. बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यावरण और टिकाऊ विकास

Indore-Pithampur कॉरिडोर परियोजना को सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों को ग्रीन जोन और हरित पट्टी के साथ विकसित किया जाएगा।

पर्यावरणीय पहल

  • वृक्षारोपण और हरित पट्टी का विकास।
  • औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण।
  • सतत ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल।

इस तरह परियोजना आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगी।

निष्कर्ष

Indore-Pithampur इकोनॉमिक Corridor परियोजना मध्य प्रदेश में औद्योगिक और ग्रामीण विकास का नया अध्याय साबित होने जा रही है। यह न केवल राज्य में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों, ग्रामीणों और छोटे उद्योगपतियों को भी लाभ पहुंचाएगी।

किसानों को विकल्प देने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के चलते यह परियोजना सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सफल मॉडल बन सकती है। साथ ही, यह प्रदेश की आर्थिक शक्ति और निवेश क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करेगी।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में नए निवेश, रोजगार के अवसर और ग्रामीण समृद्धि की नई दिशा देखने को मिलेगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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