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	<title>AshoknagarNews &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>AshoknagarNews &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Ashoknagar : करीला धाम की बदलेगी तस्वीर? महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकास की उम्मीद, अशोकनगर की निगाहें सरकार पर</title>
		<link>https://swarajvani.com/ashoknagar-hopes-of-develop-on-lines-of-mahaka/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 06:02:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[AshoknagarNews]]></category>
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					<description><![CDATA[करीला धाम की बदलेगी तस्वीर? महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकास की उम्मीद, अशोकनगर की निगाहें सरकार पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ी पोस्ट ने जगाई उम्मीदें; अब घोषणाओं ... <a title="Ashoknagar : करीला धाम की बदलेगी तस्वीर? महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकास की उम्मीद, अशोकनगर की निगाहें सरकार पर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ashoknagar-hopes-of-develop-on-lines-of-mahaka/" aria-label="Read more about Ashoknagar : करीला धाम की बदलेगी तस्वीर? महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकास की उम्मीद, अशोकनगर की निगाहें सरकार पर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 dir="ltr"><strong>करीला धाम की बदलेगी तस्वीर? महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकास की उम्मीद, अशोकनगर की निगाहें सरकार पर</strong></h2>
<p dir="ltr"><strong>केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ी पोस्ट ने जगाई उम्मीदें; अब घोषणाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>Ashoknagar ।</strong> अशोकनगर जिले का करीला धाम माता जानकी के प्रति अटूट श्रद्धा और लव-कुश से जुड़ी लोकमान्यताओं का केंद्र है। इस धाम को महाकाल उज्जैन की तर्ज पर विकसित करने की बात सामने आने से क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस मंशा का उल्लेख किया गया है। हालाँकि विस्तृत आधिकारिक घोषणा, बजट और कार्ययोजना की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>आस्था पुरानी है, अब सुविधाओं की बारी</strong></h3>
<p dir="ltr">रंगपंचमी पर यहाँ लगने वाला विशाल मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत परिचय है और हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की आस्था इस धाम से जुड़ी है। सवाल यह है कि श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुपात में सुविधाओं का विस्तार हुआ है या नहीं। सुगम रास्ते, स्वच्छ पेयजल, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुविधाएँ, व्यवस्थित पार्किंग और मेले के समय बेहतर प्रबंधन विकास की पहली सीढ़ियाँ मानी जा रही हैं।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>महाकाल लोक से प्रेरणा, पर करीला की अपनी पहचान</strong></h3>
<p dir="ltr">महाकाल लोक ने दिखाया है कि धार्मिक पर्यटन को योजनाबद्ध विकास से जोड़ने पर क्षेत्र की पहचान और स्थानीय रोजगार को अवसर मिलते हैं। करीला के लिए भी ऐसी संभावनाएँ हैं, लेकिन विकास का अर्थ केवल भव्य द्वार और रोशनी नहीं होना चाहिए। उज्जैन के अनुभवों से प्रेरणा ली जा सकती है, पर करीला की मौलिक लोकपरंपरा और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहनी चाहिए।</p>
<p dir="ltr"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-367724 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-16-at-8.52.26-pm-300x169.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 16 at 8.52.26 pm" width="300" height="169" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-16-at-8.52.26-pm-300x169.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-16-at-8.52.26-pm-1024x576.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-16-at-8.52.26-pm-768x432.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-16-at-8.52.26-pm.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h3 dir="ltr"><strong>स्थानीय लोगों को मिले रोजगार</strong></h3>
<p dir="ltr">पर्यटन बढ़ने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार, छोटे दुकानदारों की आमदनी में बढ़ोतरी, तथा हस्तशिल्प, परिवहन, भोजनालय और धर्मशालाओं को नए अवसर मिल सकते हैं। इसके लिए ऐसी नीति जरूरी बताई गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि तीर्थ की प्रसिद्धि बढ़े और स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>स्पष्ट कार्ययोजना की उम्मीद</strong></h3>
<p dir="ltr">लोगों की अपेक्षा है कि यदि सरकार आगे बढ़ती है, तो कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए: कितनी राशि खर्च होगी, कौन-से निर्माण कार्य होंगे, स्थानीय प्रशासन की क्या भूमिका होगी, और काम कब शुरू व पूरा होगा। ये सवाल आलोचना के लिए नहीं, जनहित के लिए हैं।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अवसर</strong></h3>
<p dir="ltr">सुनियोजित विकास से अशोकनगर की धार्मिक पहचान व्यापक हो सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। इसके लिए सड़क संपर्क, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा, यात्री विश्राम स्थल और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के साथ धाम की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा।</p>
<p dir="ltr">अब उम्मीदों को ठोस रूप देने के लिए आधिकारिक योजना, संसाधनों की उपलब्धता और समयबद्ध क्रियान्वयन अहम होंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ashoknagar  : उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए</title>
		<link>https://swarajvani.com/negligence-at-ashoknagar-horticulture-department/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 10:17:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[#HorticultureDepartment]]></category>
		<category><![CDATA[AshoknagarNews]]></category>
		<category><![CDATA[MadhyaPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[v#Ashoknagar]]></category>
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					<description><![CDATA[उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए Ashoknagar । जिला उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान कथित लापरवाही का मामला ... <a title="Ashoknagar  : उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए" class="read-more" href="https://swarajvani.com/negligence-at-ashoknagar-horticulture-department/" aria-label="Read more about Ashoknagar  : उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए">Read more</a>]]></description>
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<h1><strong>उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए</strong></h1>
<p><strong>Ashoknagar ।</strong> जिला उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी आराम करते हुए नजर आए, जबकि कई अधिकारियों के चेंबर खाली दिखाई दिए। इस स्थिति को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p>बताया जा रहा है कि जिला उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में निर्धारित समय के दौरान कुछ कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं थे। वहीं, कार्यालय में मौजूद कुछ कर्मचारियों के आराम करते हुए नजर आने की बात सामने आई है। ऐसे में विभागीय कामकाज के लिए कार्यालय पहुंचने वाले किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की मौजूदगी पर सवाल</strong></h2>
<p>उद्यानिकी विभाग किसानों से सीधे जुड़ा विभाग है। जिले के किसान विभिन्न योजनाओं, अनुदान, उद्यानिकी फसलों, पौधरोपण और अन्य विभागीय कार्यों के संबंध में जानकारी एवं सहायता के लिए कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से लोगों को अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।</p>
<p>मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभाग में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। यदि कार्यालयीन समय में कर्मचारी अपने दायित्वों के बजाय आराम करते पाए जाते हैं, तो इसकी जवाबदेही किसकी तय होगी, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>
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<h2><strong>कई अधिकारियों के चेंबर भी मिले खाली</strong></h2>
<p>कार्यालय में कुछ अधिकारियों के चेंबर खाली नजर आने की बात भी सामने आई है। अधिकारी और कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<p>यह भी संभव है कि कुछ अधिकारी या कर्मचारी विभागीय कार्य से कार्यालय से बाहर गए हों। इसलिए पूरे मामले की स्थिति संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><strong>किसानों को होती है विभाग से काम की जरूरत</strong></h3>
<p>उद्यानिकी विभाग किसानों के लिए महत्वपूर्ण विभाग है। जिले में बड़ी संख्या में किसान फल, सब्जी, मसाला और अन्य उद्यानिकी फसलों से जुड़े हैं। विभाग के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p>ऐसे में कार्यालय में कर्मचारियों की समय पर उपलब्धता जरूरी है। किसानों को यदि किसी योजना या विभागीय प्रक्रिया के संबंध में जानकारी लेने के लिए कार्यालय आना पड़े और संबंधित कर्मचारी उपलब्ध न मिले तो उन्हें दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।</p>
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<h3><strong>निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल</strong></h3>
<p>कार्यालय में कर्मचारियों के आराम करते नजर आने के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।</p>
<p>ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों से यह मांग उठ रही है कि कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय में अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहता है या कार्य में लापरवाही करता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।</p>
<h3><strong>जवाबदेही तय करने की मांग</strong></h3>
<p>मामले को लेकर अब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्यालयीन अनुशासन सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय आम नागरिकों और किसानों की सुविधा के लिए होते हैं और वहां समय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है।</p>
<p>हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। उनकी ओर से यदि कार्यालय से अनुपस्थिति या अन्य स्थिति को लेकर कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है, तो उससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p>फिलहाल कार्यालय में कर्मचारियों के कथित तौर पर आराम करते नजर आने और अधिकारियों के चेंबर खाली मिलने के मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि वरिष्ठ अधिकारी मामले को लेकर क्या संज्ञान लेते हैं और कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।</p>
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<p><strong>दैनिक स्वराज वाणी | राहुल जैन, अशोकनगर</strong></p>
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		<item>
		<title>Ashoknagar : बिना नक्शे के पट्टे की जमीनों की बिक्री और नामांतरण पर उठे सवाल, शाढ़ौरा तहसील में जांच की मांग</title>
		<link>https://swarajvani.com/land-deal-controversy-in-ashoknagar-mutation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:33:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[#RevenueDepartment]]></category>
		<category><![CDATA[#ShadhoraTehsil]]></category>
		<category><![CDATA[AshoknagarNews]]></category>
		<category><![CDATA[LandDispute]]></category>
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					<description><![CDATA[**बिना नक्शे बिक गई पट्टे ज़मीनें कैसे हो गए नामांतरण **** Ashoknagar संवाददाता राहुल जैन 8085745845 शाढ़ौरा तहसील में भू-माफिया और अफसरों की साठगांठ का खेल,आखिर किसके इशारे पर उधड़ीं ... <a title="Ashoknagar : बिना नक्शे के पट्टे की जमीनों की बिक्री और नामांतरण पर उठे सवाल, शाढ़ौरा तहसील में जांच की मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/land-deal-controversy-in-ashoknagar-mutation/" aria-label="Read more about Ashoknagar : बिना नक्शे के पट्टे की जमीनों की बिक्री और नामांतरण पर उठे सवाल, शाढ़ौरा तहसील में जांच की मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>**बिना नक्शे बिक गई पट्टे ज़मीनें कैसे हो गए नामांतरण ****</strong></h1>
<p><em><strong>Ashoknagar संवाददाता </strong></em><br />
<em><strong>राहुल जैन 8085745845</strong></em></p>
<p>शाढ़ौरा तहसील में भू-माफिया और अफसरों की साठगांठ का खेल,आखिर किसके इशारे पर उधड़ीं नियमों की धज्जियां&#8230;..</p>
<p>राहुल जैन स्वराज वाणी संवाददाता अशोकनगर।राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और नियमों की दुहाई देने वाले अधिकारियों की नाक के नीचे शाढ़ौरा तहसील के ग्राम सेमरी लोहाबाद में लापरवाही का ऐसा नंगा नाच चल रहा है, जिसने पूरे तंत्र की साख पर बट्टा लगा दिया है।</p>
<p>सवाल सीधा और बेहद गंभीर है जब शासकीय रिकॉर्ड में गांव का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है, तो पट्टे की जमीनों की धड़ल्ले से खरीद-फरोख्त और नामांतरण किस आधार पर कर दिया गया।&#8217;दैनिक दीनबंधु&#8217; द्वारा की गई विशेष पड़ताल में सेमरी लोहाबाद की पट्टे की जमीनों के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री और नामांतरण को लेकर चौंकाने वाले और सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर, शासकीय जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का यह पूरा खेल भू-माफिया, पटवारी, तहसीलदार और पंजीयक कार्यालय की साठगांठ की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>
<p>&#8216;दैनिक दीनबंधु&#8217; की तहकीकात में जो सर्वे नंबर और खरीदारों के नाम उजागर हुए हैं, वे यह साबित करने के लिए काफी हैं कि इस फर्जीवाड़े के तार स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश की राजधानी भोपाल तक जुड़े हुए हैं। जिनमें खरीददार निम्न लिखित है :-</p>
<p>1. अशोक नगर जिले की तहसील शाढ़ौरा के ग्राम सैमरी लोहावाद के पट्टे की भूमि सर्वे क्रमांक 84/4 रकबा 1.0 हेक्टेयर है जिसके दो खरीदार हैं जिसमें उपासना शर्मा पत्नी सत्येंद्र शर्मा निवासी भार्गव कॉलोनी गुना और पुष्पा जैन पत्नी जीतेश कुमार जैन निवासी वार्ड क्रमांक 3 नया बस स्टैंड अशोक नगर 84/4 में क्रेता हैं।</p>
<p>2. वही ग्राम सेमरी लोहाबाद के भूमि सर्वे नंबर 11/2/1/2/3 जिसका रकबा 0.964 हेक्टेयर है। यह भी पट्टे की भूमि है। जिसके खरीदार संतोष कुशवाहा पुत्र गप्पूलाल कुशवाहा निवासी ग्राम करैया बुद्धू और नीलेश रघुवंशी पुत्र हरनाम सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम सावन इस पट्टे की भूमि के खरीदार हैं।</p>
<p>3. एक और पट्टे की भूमि क्रय करने के मामले में ग्राम सेमरी लोहाबाद तहसील शाढ़ौरा के भूमि सर्वे क्रमांक 18/4 जिसका रकवा 0.500 हेक्टेयर है। यह भी पट्टे की भूमि है जिसके खरीदार रामाकांत शर्मा पुत्र सूर्यकांत शर्मा निवासी बी 208 गीत स्काई ब्ले मित्तल कॉलेज के पास करोंद रोड भोपाल और दूसरे हैं विश्ववीर रघुवंशी पुत्र अर्जुन सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम देरखा यह भी पट्टे की भूमि है इसमें भी दो खरीददार शामिल हैं।</p>
<p>1. वहीं एक और अन्य मामले में ग्राम सेमरी लोहाबाद तहसील सालोरा के भूमि सर्वे क्रमांक 11/2/क/4 जिसका रकबा 0.964 है। जिसके खरीदार राकेश रघुवंशी पुत्र शिवराज रघुवंशी निवासी वार्ड क्रमांक पांच महल मोहल्ला शाढ़ौरा और अभिषेक सोनी पुत्र विट्ठल दास सोनी निवासी सुठालिया इस भूमि में खरीदार हैं।</p>
<p>जब नक्शे में जमीन की चौहद्दी और वास्तविक स्थिति ही तय नहीं है, तो तहसील कार्यालय ने किस प्रतिवेदन के आधार पर इस पूरे हेक्टेयरों का नामांतरण मंजूर कर दिया वही एक प्रकरण में अभी नामांतरण नहीं हुआ है।</p>
<p>मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता के कड़े नियम स्पष्ट कहते हैं कि किसी भी कृषि या शासकीय भूमि के क्रय-विक्रय, नामांतरण या बटवारे से पहले उसकी भौगोलिक स्थिति, खसरा और नक्शे का मिलान अनिवार्य है। यदि किसी गांव का नक्शा ही उपलब्ध नहीं है या त्रुटिपूर्ण है, तो जमीन का भौतिक सीमांकन संभव नहीं है। यह तय कर पाना असंभव है कि बेची जा रही जमीन वही है या किसी अन्य शासकीय/निजी भूमि पर कब्जा कराया जा रहा है।</p>
<p>इसके बावजूद शाढ़ौरा तहसील कार्यालय में फाइलों पर आंखें मूंदकर दस्तखत किए गए। पटवारियों ने बिना नक्शे के प्रतिवेदन कैसे बनाए रजिस्ट्रार ने बिना नक्शा तस्दीक किए रजिस्ट्री कैसे की और तहसीलदार ने बिना नक्शे के नामांतरण आदेश जारी कैसे कर दिए। जब इस संबंध में अशोक नगर एसडीएम इसरार खान से बात की तो उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी, पट्टे बेचने के लिए कलेक्टर की अनुमति जरूरी होती है इसका हम पता कर लेंगें।</p>
<p>यह पूरा मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किए गए राजस्व घोटाले का है। सेमरी लोहाबाद में पट्टे की जमीनों को रसूखदारों और बाहरी खरीदारों को औने-पौने दामों में बेचने या नामांतरित कराने का यह खेल बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव ही नहीं है।</p>
<p>क्या शासन की गाइडलाइन और नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं,क्या पट्टेदार गरीब किसानों/भूमिहीनों को डरा-धमकाकर या लालच देकर उनकी जमीनें छीनी गईं, क्या बिना नक्शे के नामांतरण करके भविष्य में खसरा और शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जों का रास्ता साफ किया गया। यदि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि तंत्र में बैठे आला अफसर भी इस फर्जी वाडे की गंगा में हाथ धोने से परहेज नहीं कर रहे हैं।</p>
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		<title>Ashoknagar:  देह व्यापार के कथित अड्डे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान पर चला बुलडोजर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 12:33:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[#BulldozerAction]]></category>
		<category><![CDATA[AdministrationAction]]></category>
		<category><![CDATA[AshoknagarNews]]></category>
		<category><![CDATA[IllegalConstruction]]></category>
		<category><![CDATA[MadhyaPradeshNews]]></category>
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					<description><![CDATA[देह व्यापार के कथित अड्डे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान पर चला बुलडोजर संवाददाता: राहुल जैन अशोकनगर में नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त ... <a title="Ashoknagar:  देह व्यापार के कथित अड्डे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान पर चला बुलडोजर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ashoknagar-administration-launches-crackdown/" aria-label="Read more about Ashoknagar:  देह व्यापार के कथित अड्डे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान पर चला बुलडोजर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>देह व्यापार के कथित अड्डे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान पर चला बुलडोजर</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता: राहुल जैन</strong></p>
<p>अशोकनगर में नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, अवैध निर्माण को किया गया ध्वस्त</p>
<p>Ashoknagar । जिले में अनैतिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने देह व्यापार के कथित अड्डे के रूप में चिन्हित किए गए आरोपी सीमा अहिरवार के बिना अनुमति बने मकान को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।</p>
<p>बताया जा रहा है कि आरोपी के मकान में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें पुलिस प्रशासन को मिल रही थीं। स्थानीय नागरिकों द्वारा भी इस संबंध में लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं। लोगों का कहना था कि ऐसी गतिविधियों के कारण आसपास के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।</p>
<h2><strong>शिकायतों के बाद प्रशासन ने शुरू की जांच</strong></h2>
<p>प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि संबंधित मकान में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मामले की जांच की और आवश्यक कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने आरोपी के निर्माण की वैधता की भी पड़ताल शुरू की।</p>
<p>नगर पालिका प्रशासन द्वारा मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। भवन निर्माण की अनुमति, नक्शा स्वीकृति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जुटाई गई। जांच में यह बात सामने आई कि संबंधित मकान का निर्माण नगर पालिका की अनुमति के बिना किया गया था।</p>
<p>प्रशासन ने इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन मालिक को नोटिस जारी किया। तय समय सीमा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।</p>
<h2><strong>अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का पीला पंजा</strong></h2>
<p>मंगलवार को नगर पालिका की टीम जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। किसी भी तरह के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।</p>
<p>मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले मकान के अंदर मौजूद सामान को सुरक्षित तरीके से बाहर निकलवाया। इसके बाद प्रशासन की अनुमति से जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई।</p>
<p>धीरे-धीरे मकान की दीवारों और कमरों को हटाया गया। कुछ ही समय में पूरा अवैध निर्माण मलबे में तब्दील हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखी।</p>
<h2><strong>महिला पुलिस बल भी रहा तैनात</strong></h2>
<p>प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान विशेष सतर्कता बरती। चूंकि मामला महिला से जुड़ा था, इसलिए मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।</p>
<p>पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>स्थानीय लोगों ने जताया समर्थन</strong></h2>
<p>प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने इसे सकारात्मक कदम बताया। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि क्षेत्र में गलत गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।</p>
<p>नागरिकों ने कहा कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ा संदेश मिलेगा।</p>
<h2><strong>प्रशासन का अभियान रहेगा जारी</strong></h2>
<p>अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ऐसे सभी मामलों की जांच करेगा जहां सरकारी नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया गया है या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।</p>
<p>नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि किसी भी भवन का निर्माण निर्धारित नियमों और अनुमति के अनुसार होना चाहिए। बिना अनुमति के किए गए निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>अवैध गतिविधियों पर सख्ती का संदेश</strong></h2>
<p>प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समाज में गलत गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।</p>
<p>पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि संचालित हो रही है तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। समय पर सूचना मिलने से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।</p>
<h2><strong>जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर</strong></h2>
<p>मामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी रहने की बात कही गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p>अशोकनगर में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि अवैध निर्माण और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।</p>
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