उद्यानिकी विभाग कार्यालय में लापरवाही के आरोप, अधिकारी नदारद और कर्मचारी आराम करते नजर आए
Ashoknagar । जिला उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी आराम करते हुए नजर आए, जबकि कई अधिकारियों के चेंबर खाली दिखाई दिए। इस स्थिति को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि जिला उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में निर्धारित समय के दौरान कुछ कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं थे। वहीं, कार्यालय में मौजूद कुछ कर्मचारियों के आराम करते हुए नजर आने की बात सामने आई है। ऐसे में विभागीय कामकाज के लिए कार्यालय पहुंचने वाले किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की मौजूदगी पर सवाल
उद्यानिकी विभाग किसानों से सीधे जुड़ा विभाग है। जिले के किसान विभिन्न योजनाओं, अनुदान, उद्यानिकी फसलों, पौधरोपण और अन्य विभागीय कार्यों के संबंध में जानकारी एवं सहायता के लिए कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से लोगों को अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभाग में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। यदि कार्यालयीन समय में कर्मचारी अपने दायित्वों के बजाय आराम करते पाए जाते हैं, तो इसकी जवाबदेही किसकी तय होगी, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई अधिकारियों के चेंबर भी मिले खाली
कार्यालय में कुछ अधिकारियों के चेंबर खाली नजर आने की बात भी सामने आई है। अधिकारी और कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह भी संभव है कि कुछ अधिकारी या कर्मचारी विभागीय कार्य से कार्यालय से बाहर गए हों। इसलिए पूरे मामले की स्थिति संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
किसानों को होती है विभाग से काम की जरूरत
उद्यानिकी विभाग किसानों के लिए महत्वपूर्ण विभाग है। जिले में बड़ी संख्या में किसान फल, सब्जी, मसाला और अन्य उद्यानिकी फसलों से जुड़े हैं। विभाग के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
ऐसे में कार्यालय में कर्मचारियों की समय पर उपलब्धता जरूरी है। किसानों को यदि किसी योजना या विभागीय प्रक्रिया के संबंध में जानकारी लेने के लिए कार्यालय आना पड़े और संबंधित कर्मचारी उपलब्ध न मिले तो उन्हें दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
कार्यालय में कर्मचारियों के आराम करते नजर आने के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों से यह मांग उठ रही है कि कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय में अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहता है या कार्य में लापरवाही करता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जवाबदेही तय करने की मांग
मामले को लेकर अब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और कार्यालयीन अनुशासन सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय आम नागरिकों और किसानों की सुविधा के लिए होते हैं और वहां समय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। उनकी ओर से यदि कार्यालय से अनुपस्थिति या अन्य स्थिति को लेकर कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है, तो उससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल कार्यालय में कर्मचारियों के कथित तौर पर आराम करते नजर आने और अधिकारियों के चेंबर खाली मिलने के मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि वरिष्ठ अधिकारी मामले को लेकर क्या संज्ञान लेते हैं और कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
दैनिक स्वराज वाणी | राहुल जैन, अशोकनगर
