सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी इंडक्शन समारोह 2026 में नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत हुआ। जानिए मुख्य अतिथियों के प्रेरक संदेश, कार्यक्रम की खास बातें और SUAS की Learning by Doing शिक्षा प्रणाली।
सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी इंडक्शन समारोह 2026: नवप्रवेशित विद्यार्थियों का भव्य स्वागत
इंदौर। सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी इंडक्शन समारोह 2026 के तहत सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़ (SUAS), इंदौर में बैच 2026–27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए शनिवार को भव्य इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ उन्हें विश्वविद्यालय की Learning by Doing आधारित शिक्षा प्रणाली, उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पूरे परिसर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत का उत्साह दिखाई दिया।
मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि श्री सुधीन्द्र मोहन शर्मा, पूर्व राष्ट्रीय नोडल अधिकारी (ड्रिंकिंग वाटर सिक्योरिटी), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार रहे।विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ललित सिंह, संस्थापक Human EV तथा विशेष अतिथि सुश्री सानिया जेसवानी, संस्थापक Perkant Pvt. Ltd. उपस्थित रहीं।अतिथियों ने विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व क्षमता, उद्यमिता, कौशल विकास तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
पानी की तरह बनें – सुधीन्द्र मोहन शर्मा
मुख्य अतिथि श्री सुधीन्द्र मोहन शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“जीवन में पानी की तरह बनिए। पानी कभी रुकता नहीं, परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को बदलता है और अंततः अपने लक्ष्य तक पहुँचता है।”
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए धैर्य, अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है।
केवल डिग्री नहीं, कौशल भी जरूरी
डॉ. ललित सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज उद्योग जगत ऐसे युवाओं की तलाश में है जिनके पास केवल डिग्री ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव और कौशल भी हो।उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार सीखते रहने और नई तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।
हर दिन भविष्य की नींव रखता है
विशेष अतिथि सुश्री सानिया जेसवानी ने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय जीवन का प्रत्येक दिन उनके भविष्य को मजबूत बनाने का अवसर हैउन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ नए विचार अपनाने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
प्रति-कुलाधिपति डॉ. स्वाति मुजुमदार का संबोधन
समारोह प्रति-कुलाधिपति डॉ. स्वाति मुजुमदार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का भी केंद्र है।उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कुलगुरु के नेतृत्व की सराहना
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने प्रति-कुलाधिपति डॉ. स्वाति मुजुमदार के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।साथ ही कुलगुरु डॉ. दुर्गेश मिश्रा के नेतृत्व एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन की भी सराहना की गई।
कुलसचिव ने किया आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव श्री मोहम्मद अदनान ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, विशेष अतिथि, अभिभावकों, संकाय सदस्यों तथा आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।इसके बाद ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया जिसमें विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रमों और सुविधाओं की जानकारी दी गई।
Learning by Doing मॉडल की विशेषता
सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़ अपने Learning by Doing मॉडल के लिए जानी जाती है।इस शिक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि उद्योगों में प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाता है।यही कारण है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रोजगार और उद्यमिता दोनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिवार से परिचय प्राप्त किया और नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ की।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रेरणा, मार्गदर्शन और नई ऊर्जा प्रदान की।
निष्कर्ष
सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी इंडक्शन समारोह 2026 केवल स्वागत समारोह नहीं बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने वाला प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ। विश्वविद्यालय द्वारा उद्योग आधारित शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार पर दिया जा रहा विशेष जोर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

