सन नियो की अभिनेत्रियाँ मेघा रे, गौरी शेलगांवकर और आनंदिता साहू ने साझा की अपनी खास दिवाली यादें 2025
मध्य प्रदेश, अक्टूबर 2025: दिवाली, यानी रोशनी का त्योहार, हर साल खुशियों और उजाले के साथ आता है। इस त्योहार का जादू हर उम्र के लोगों के दिलों को छू जाता है। इस बार, सन नियो (Sun NXT) की तीन प्रमुख और लोकप्रिय अभिनेत्रियाँ – मेघा रे, गौरी शेलगांवकर और आनंदिता साहू – ने अपने बचपन की दिवाली की यादें और इस वर्ष के दिवाली उत्सव की तैयारियों के बारे में खुलकर बातचीत की।
इन अभिनेत्रियों ने न केवल अपने निजी अनुभव साझा किए, बल्कि यह भी बताया कि Sun NXT के शो सेट्स पर भी वे अपने फैन्स और सह-कलाकारों के साथ त्योहार कैसे मनाती हैं।
मेघा रे की दिवाली यादें और इस साल की तैयारियाँ
‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी‘ में दिव्या का किरदार निभा रही मेघा रे कहती हैं, “नवरात्रि के बाद ही मेरी दिवाली की उत्सुकता चरम पर पहुँच जाती है। घर में मिठाइयों की खुशबू, फूलों की सजावट और दीयों की रोशनी से घर का माहौल जादुई हो जाता है। मेरे लिए दिवाली का असली मज़ा परिवार के साथ समय बिताने में है। हम सब मिलकर घर की सफाई, रंगोली बनाना और दीए जलाना करते हैं।”
मेघा आगे बताती हैं कि वह पटाखों को ज्यादा पसंद नहीं करतीं, क्योंकि उनके घर में पालतू जानवर हैं और तेज़ आवाज़ उन्हें परेशान कर सकती है। “इस साल मैं अपने परिवार के साथ-साथ ‘दिव्य प्रेम’ के सेट पर अपनी नई फैमिली के साथ भी दिवाली मनाऊँगी। यह मेरे लिए काफी खास होगा क्योंकि सेट पर मेरे सह-कलाकारों के साथ त्यौहार की खुशियाँ बाँटना भी एक अलग अनुभव है।”
गौरी शेलगांवकर के बचपन की दिवाली
‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी‘ में घेवर की भूमिका निभा रही गौरी शेलगांवकर ने बताया, “दिवाली हमेशा से मेरा सबसे पसंदीदा त्योहार रहा है। बचपन से ही जैसे ही दिवाली का समय आता, मैं बहुत उत्साहित हो जाती। माँ तरह-तरह के पकवान बनाती थीं – लड्डू, चिवड़ा, चकली और बहुत कुछ। मुझे और मेरे भाई को चकली सबसे ज्यादा पसंद थी। हम उसे इतना जल्दी खा जाते कि माँ को फिर से बनानी पड़ती।”
गौरी आगे कहती हैं कि उन्हें घर के बाहर बड़ी-बड़ी रंग-बिरंगी रंगोली बनाना भी बहुत अच्छा लगता था। इस साल उन्होंने ‘बींदणी’ की शूटिंग से कुछ दिन की छुट्टी ली है, ताकि परिवार के साथ पूरी तरह से दिवाली मना सकें। “मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूँ कि घर का खाना परिवार के साथ खाऊँ और इस त्योहार को पूरी तरह एंजॉय करूँ।”
आनंदिता साहू की पारंपरिक दिवाली
‘सत्या साची‘ में सत्या का किरदार निभा रही आनंदिता साहू ने अपनी दिवाली की यादों को साझा किया। उन्होंने कहा, “कुछ यादें कभी फीकी नहीं पड़तीं और मेरी बचपन की दिवाली की यादें, जो मैंने ओडिशा में बिताई थीं, उन्हीं में से एक हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन हम सब महानदी के किनारे दीए जलाते थे। पूरा शहर दीयों की चमक से जगमगा उठता और छेना पोड़ा व मंगल मिठाइयों की खुशबू वातावरण को और भी खूबसूरत बना देती।”
आनंदिता आगे बताती हैं कि इस साल भी वे पारंपरिक तरीके से दिवाली मनाएंगी। “मैं घर को झोटी (रंगोली) से सजाऊँगी, दीए जलाऊँगी, पूजा करूँगी और घर की बनी मिठाइयों का आनंद लूँगी। साथ ही, मैं अपने ‘सत्या साची’ परिवार के साथ भी सेट पर मिठाइयाँ बाँटकर इस त्योहार की खुशियाँ साझा करूँगी। आखिरकार, दिवाली का असली अर्थ ही है प्यार, रोशनी और खुशियाँ बाँटना।“
Sun NXT के शो और दिवाली का जश्न
इन अभिनेत्रियों के अनुभव सिर्फ उनके निजी जीवन तक सीमित नहीं हैं। Sun NXT के शो सेट्स पर भी दिवाली का माहौल अलग ही होता है। सेट पर दीप जलाना, रंगोली सजाना और मिठाइयाँ बाँटना अभिनेत्रियों और टीम के लिए एक साझा खुशी का अनुभव है। यह न केवल उनके दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाता है, बल्कि उनकी टीम और सह-कलाकारों के साथ संबंधों को भी मजबूत करता है।
Sun NXT ने हमेशा अपने दर्शकों को त्योहारों का आनंद घर बैठे देने का प्रयास किया है। इस दिवाली भी दर्शक अपने पसंदीदा शो –
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‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ शाम 7:30 बजे
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‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ रात 9:00 बजे
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‘सत्या साची’ बहुत जल्द
के जरिए देख सकते हैं। ये शो दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि त्यौहार के महत्व, पारिवारिक मूल्यों और साझा खुशियों की भावना को भी उजागर करते हैं।
दिवाली 2025 का संदेश
मेघा, गौरी और आनंदिता की यादें हमें यह याद दिलाती हैं कि दिवाली केवल रोशनी और पटाखों का त्योहार नहीं है। यह प्यार, परिवार, मिठाइयाँ और खुशियों का उत्सव है। इस साल, चाहे आप घर पर हों या Sun NXT शो के सेट पर, दिवाली के असली आनंद का मतलब है – परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, परंपराओं को जीना और दूसरों के साथ खुशियाँ बाँटना।
दिवाली 2025 के लिए इन अभिनेत्रियों की यह साझा की गई यादें और उत्सव की तैयारियाँ दर्शकों को त्योहार की खुशियों और प्रकाश की ऊर्जा का एहसास कराती हैं।
