मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज चातुर्मास 2026 के ऐतिहासिक मंगल कलश स्थापना समारोह में सपना-मनीष गोधा, आनंद-नवीन गोधा, गिरीश जैन (गिन्नी ग्रुप), आकाश कोल सहित सभी दानवीरों का सम्मान हुआ। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज चातुर्मास 2026: दानवीरों के त्याग की अनुमोदना से गूंजा पूरा पांडाल
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू | दैनिक स्वराज वाणी | इंदौर
इंदौर। मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज चातुर्मास 2026 के मंगल कलश स्थापना समारोह ने इस वर्ष श्रद्धा, समर्पण और धर्म प्रभावना का ऐसा अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। दलाल बाग में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
देश-विदेश से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज चातुर्मास 2026 के शुभ अवसर पर देश और विदेश से हजारों श्रद्धालु इंदौर पहुंचे। दलाल बाग परिसर पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और गुरु-वंदना से सराबोर दिखाई दिया। चारों ओर जयघोष, मंगल गीत और गुरु भक्ति की भावनाओं ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस वर्ष का चातुर्मास स्थापना समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज की एकजुटता, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गया।
दानवीरों के त्याग की हुई भव्य अनुमोदना
कार्यक्रम के दौरान जब मंच से उन पुण्यात्माओं के नाम घोषित किए गए जिनके त्याग, सेवा और समर्पण से यह ऐतिहासिक चातुर्मास संभव हो पाया, तब पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।विशेष रूप से सपना मनीष गोधा के गुरु भक्ति और निस्वार्थ समर्पण की भावपूर्ण अनुमोदना की गई।
कलश पुन्यार्जक एवं प्रमुख दानवीर
- सपना मनीष गोधा
- आनंद नवीन गोधा
- गिरीश जैन (गिन्नी ग्रुप)
- आकाश कोल
- धर्मेंद्र सिनकेम
- हर्ष तृप्ति जैन
- रानी अशोक डोषी
- अक्षय कासलीवाल
- राहुल स्पोर्ट्स
- सौरभ बड़जात्या
- संजय जैन (ललितपुर)
सहित अनेक अन्य दानवीरों के त्याग, सेवा एवं उदारता की मंच से मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि धन तभी सार्थक होता है जब वह धर्म, समाज और मानव कल्याण के लिए समर्पित हो। इन सभी पुण्यात्माओं ने अपने जीवन से इस संदेश को साकार किया है।
परम चक्रवर्ती की उपाधि से सम्मान
समारोह के दौरान मुनि पुंगव सुधा सागर जी महाराज ने मुख्य कलश पुन्यार्जक सपना मनीष गोधा एवं आनंद नवीन गोधा को “परम चक्रवर्ती” की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान उनके अद्वितीय समर्पण, सेवा और गुरु भक्ति का प्रतीक माना गया।
सामूहिक साधना का बना इतिहास
धर्म प्रभावना समिति ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि इंदौर के संपूर्ण भक्त परिवार की सामूहिक साधना, सेवा और सहयोग का परिणाम है।हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, समाज के दानवीरों का योगदान तथा गुरु भक्तों की आस्था ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
गणमान्यजनों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- डॉ. जैनेन्द्र जैन
- भूपेंद्र जैन
- रविंद्र जैन
- कमल जैन (भोपाल)
- प्रदीप चौधरी
- राजीव जैन (पार्षद)
- श्रीमती मुक्ता जैन (महिला परिषद संभाग अध्यक्ष)
- सरला सामरिया
- साधना दगडे
सहित बड़ी संख्या में समाजश्रेष्ठी, धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन अनुराग जैन एवं ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश ने किया।
