बम्होरी में बच्चों ने चित्रों के जरिए दिखाई विकसित भारत की कल्पना
वैदिक बाल विकास स्कूल में चित्रकला कार्यक्रम आयोजित; उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले पांच विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार
बम्होरी। वैदिक बाल विकास स्कूल में ‘सेवा संकल्प 2026-27’ के अंतर्गत चित्रकला कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से विकसित भारत की कल्पना प्रस्तुत की। उन्होंने शिक्षा, स्वच्छता, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और विकास जैसे विषयों को रंगों से कागज पर उतारा। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले पांच विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय की प्राचार्य प्रिया आचार्य के मार्गदर्शन में शिक्षक नाजिर अहमद ने कार्यक्रम का संयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुए सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत आयोजित इस गतिविधि में बच्चों को अपनी सोच रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर मिला।
सरस्वती पूजन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ की। इसके बाद विद्यार्थियों की बनाई चित्रकलाओं का अवलोकन किया गया। अतिथियों ने एक-एक चित्र को देखकर उसमें प्रस्तुत विचारों और बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
चित्रकला कार्यक्रम में बच्चों ने केवल रंगों का उपयोग नहीं किया, बल्कि अपने चित्रों से यह भी दिखाने का प्रयास किया कि वे भविष्य के भारत को किस रूप में देखते हैं। किसी ने शिक्षा को महत्व दिया, तो किसी ने स्वच्छता, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को अपने चित्र का विषय बनाया। कार्यक्रम में इन अलग-अलग विचारों को एक साथ प्रस्तुत किया गया।
शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण के विषय चुने
‘विकसित भारत’ विषय पर चित्र बनाते समय विद्यार्थियों ने उन बातों को चित्रित किया जो उनके अनुसार देश की प्रगति से जुड़ी हैं। बच्चों की कलाकृतियों में पढ़ाई, साफ-सफाई, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण की देखभाल के संदेश दिखाई दिए।
विद्यालय के लिए यह गतिविधि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से अलग अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर देने वाली रही। चित्र बनाने के दौरान बच्चों ने विषय को समझकर अपनी कल्पना का उपयोग किया। अतिथियों ने उनके प्रयासों की प्रशंसा की और रचनात्मक गतिविधियों में आगे भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
पांच विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
अतिथियों ने उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले विद्यार्थियों हेमा, नाज, वंशिका, रितिक और राहुल को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार मिलने पर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा। विद्यालय ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
पुरस्कृत चित्रों के चयन के मानदंडों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कार्यक्रम में अतिथियों ने विद्यार्थियों की बनाई कलाकृतियां देखीं और चयनित बच्चों को मंच पर सम्मानित किया। चित्रकला में भाग लेने वाले अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया गया।
अतिथियों ने बच्चों को किया संबोधित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंडल अध्यक्ष आशीष सोनी मौजूद रहे। सरपंच प्रतिनिधि राजेश बघेल, मोहम्मद अकरम, मैथिलीशरण आचार्य और मिथुन लोधी के साथ पत्रकार फारुख मंसूरी भी उपस्थित थे।
आशीष सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की भूमिका देश के भविष्य में महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, विद्यार्थी मन लगाकर पढ़ाई और नियमित अभ्यास करें तो अपने लक्ष्य तक पहुंचने के साथ देश की प्रगति में भी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के लिए समय निकालने और लगातार मेहनत करने की बात कही।
नियमित अध्ययन का लिया संकल्प
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठने और नियमित रूप से अध्ययन करने का संकल्प दिलाया। बच्चों ने अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिदिन पढ़ाई और मेहनत जारी रखने का संकल्प लिया।
प्राचार्य प्रिया आचार्य के मार्गदर्शन और शिक्षक नाजिर अहमद के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय ने चित्रकला के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पना व्यक्त करने तथा शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण जैसे विषयों पर सोचने का अवसर दिया।
