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MP Information Commission में 2 नई नियुक्तियां, अब आयोग में पांच सूचना आयुक्त होंगे

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Published On: 3 April 2026
Information Commission

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MP Information Commission : मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में आलोक नागर और राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयोग में नए सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 16 के तहत की गई है और इसका उद्देश्य राज्य सूचना आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाना तथा RTI (सूचना का अधिकार) अपीलों के निपटान में तेजी लाना है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

नियुक्ति का महत्व

राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से रिक्त पदों के कारण अपीलों का भारी बैकलॉग जमा हो गया था। वर्तमान में आयोग में लगभग 23 हजार से अधिक RTI अपीलें लंबित हैं। इन नई नियुक्तियों से आयोग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और लोगों को सूचना के अधिकार का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। आयोग की गति बढ़ने से जनता का भरोसा भी मजबूत होगा और सूचना तक पहुंच सुगम बनेगी।

कार्यकाल और शर्तें

नियुक्त सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पद ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा, जो भी पहले हो। यह सुनिश्चित करता है कि आयोग में वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर नियुक्तियां हों और कार्य की निरंतरता बनी रहे।

नए आयुक्तों का प्रोफाइल

  • आलोक नागर – पूर्व में फर्म एंड सोसायटी के रजिस्टार रह चुके हैं। उनके पास प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव का लंबा अनुभव है।
  • राजेश भट्ट – वर्तमान में आकाशवाणी भोपाल में प्रोग्राम हेड के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास संचार और संगठनात्मक प्रबंधन में विशेषज्ञता है।

इन दोनों की नियुक्ति के बाद आयोग में कुल पांच सूचना आयुक्त कार्यरत होंगे। राज्य सूचना आयोग में अधिकतम 10 सूचना आयुक्तों के पद हो सकते हैं, इसलिए अभी भी आयोग में लगभग आधे पद रिक्त रहेंगे।

आयोग की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

राज्य सूचना आयोग में पहले से ही एक मुख्य सूचना आयुक्त और तीन अन्य सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण RTI अपीलों का निपटान धीमा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट हर साल सभी राज्यों से आयोग में रिक्त पदों की जानकारी मांगता है। कुछ माह पहले ही मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें बताया गया कि राज्य में एक मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्त कार्यरत हैं, जबकि तीन और पद रिक्त हैं।

चयन प्रक्रिया और नियुक्ति का विवरण

मध्यप्रदेश सरकार ने आयोग में तीन रिक्त पदों के लिए प्रस्ताव भेजा था। चयन प्रक्रिया के दौरान दो ही पदों पर नियुक्ति को मंजूरी मिली। राज्यपाल की सहमति मिलने के बाद इन दो नामों का नोटिफिकेशन 2 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया। दोनों नए सूचना आयुक्त शपथ ग्रहण के बाद अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे और आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

आयोग पर प्रभाव और अपेक्षाएं

इन नई नियुक्तियों से आयोग में अपीलों के निपटान में सुधार की उम्मीद है। लंबित मामलों का तेजी से समाधान होगा और जनता का भरोसा बढ़ेगा। आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार होगा। नए आयुक्तों की नियुक्ति से न केवल आयोग की संरचना मजबूत होगी, बल्कि RTI कार्यवाही में गति आएगी और नागरिकों के लिए न्यायसुविधा में सुधार होगा।

जनता और शासन के लिए लाभ

राज्य सूचना आयोग की कार्यक्षमता बढ़ने से सरकार की जवाबदेही में भी सुधार होगा। सूचना के अधिकार के तहत मिलने वाली जानकारी से न केवल जनता को अपने अधिकारों की जानकारी मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त, यह नियुक्ति राज्य में RTI के महत्व और उसके प्रभाव को दर्शाती है।

RTI कार्यवाही में सुधार की दिशा

आयोग में नई नियुक्तियों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित RTI अपीलें जल्द निपटेंगी। इससे ना केवल आम जनता को समय पर न्याय मिलेगा, बल्कि सरकारी विभागों में भी जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित होगा कि सूचना के अधिकार का लाभ वास्तविक रूप से आम नागरिक तक पहुंचे।

निष्कर्ष

आलोक नागर और राजेश भट्ट की नियुक्ति न केवल आयोग की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करती है, बल्कि RTI अपीलों के निपटान में तेजी लाकर जनता के लिए सकारात्मक संदेश भी देती है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सूचना का अधिकार जन-जन तक पहुंच सके और राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो। आयोग में नई नियुक्तियों से कार्य क्षमता में सुधार, लंबित मामलों का निपटान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

इस प्रकार, मध्यप्रदेश में राज्य सूचना आयोग की मजबूती और RTI कार्यवाही की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भविष्य में इन नई नियुक्तियों के साथ आयोग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है और इससे राज्य में सूचना के अधिकार के महत्व को भी मजबूती मिलेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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