लगातार सातवें वर्ष “तारे ज़मीं पर 2025” कार्यक्रम का भव्य आयोजन
प्रेस्टीज कॉलेज इंदौर में दिव्यांग और असहाय बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से जीता सभी का दिल
इंदौर। मीडिया टुडे द्वारा आयोजित लगातार सातवें वर्ष होने वाले बहु-प्रतीक्षित कार्यक्रम “तारे ज़मीं पर 2025” का भव्य और सफल आयोजन इस वर्ष प्रेस्टीज कॉलेज, विजयनगर इंदौर में आयोजित हुआ। इस वार्षिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग एवं असहाय बच्चों की प्रतिभा को एक सम्मानजनक मंच प्रदान करना और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।
इस खास अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 400 से अधिक दिव्यांग और असहाय बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। बच्चों की सामूहिक ऊर्जा, आत्मविश्वास और अद्भुत प्रतिभा को देखकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
1. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिव्यांग बच्चों की उत्कृष्ट भागीदारी
“तारे ज़मीं पर 2025” कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि दिव्यांग बच्चों ने अपनी कला, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास से दर्शकों का मन मोह लिया।
- आनंद सर्विस सोसायटी के बच्चों ने वंदे मातरम और जय महाकाल की प्रस्तुति सांकेतिक भाषा (Sign Language) में दी, जिसे दर्शकों ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया।
- अभाकुंज वेलफेयर सोसाइटी के बच्चों ने मंच पर मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ आध्यात्मिकता से भर दिया।
- शासकीय मानसिक रूप से अविकसित बाल गृह इंदौर के बच्चों ने जोशीले राजस्थानी लोकनृत्य से माहौल में रंग भर दिया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और यह प्रदर्शन पूरे आयोजन का आकर्षण बना रहा।
इन प्रस्तुतियों ने साबित कर दिया कि दिव्यांगता कोई बाधा नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी पहचान बना सकता है।
2. स्वादिष्ट भोजन और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्थाएँ
कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई थी। नाश्ता, भोजन और मिठाई सहित सभी व्यवस्थाएँ बच्चों के स्वास्थ्य, पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थीं।
इस पहल का उद्देश्य यह था कि दिव्यांग एवं असहाय बच्चों को दिनभर के कार्यक्रम में कहीं भी असुविधा न हो और वे खुलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
3. मेडल, ट्रॉफी और आकर्षक उपहारों का वितरण
कार्यक्रम में भाग लेने वाले हर बच्चे को प्रोत्साहित करने के लिए मेडल, ट्रॉफी और उपहार प्रदान किए गए।
मीडिया टुडे और आयोजन समिति का मानना है कि “दिव्यांग बच्चों को सम्मान और प्रोत्साहन देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हैं।”
प्रत्येक सहभागी बच्चे के चेहरे पर खुशी और गर्व की चमक ने इस सोच को पूरी तरह सार्थक कर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि
“तारे ज़मीं पर 2025” कार्यक्रम में इंदौर के कई प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल
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प्रेस्टीज कॉलेज के चेयरमैन डॉ. देवीश जैन
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शिक्षा, समाजसेवा और मीडिया जगत से जुड़े कई वरिष्ठ हस्तियाँ भी मौजूद थीं।
सभी अतिथियों ने दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और मीडिया टुडे टीम की इस अनोखी पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
“तारे ज़मीं पर 2025” सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने वाला महत्वपूर्ण मंच है। इसके उद्देश्यों में शामिल हैं—
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दिव्यांग और असहाय बच्चों की प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना।
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समाज में दिव्यांग बच्चों के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता बढ़ाना।
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उनकी प्रतिभा, कला और आत्मविश्वास को पहचान दिलाना।
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उन्हें समान अवसर देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना।
समाजसेवा से जुड़े संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से यह कार्यक्रम लगातार सफल हो रहा है और वर्ष दर वर्ष बच्चों की भागीदारी बढ़ती जा रही है।
विशेष सहयोगकर्ताओं का योगदान
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में शहर के कई संस्थानों और संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विशेष सहयोग रहा—
- प्रेस्टीज कॉलेज इंदौर
- ओमैक्स फाउंडेशन इंदौर
- राधे राधे फाउंडेशन इंदौर
- रियलमार्क प्राइवेट लिमिटेड इंदौर
- मिलेनियम इंफ्रा इंदौर
- अग्रवाल 420 नमकीन इंदौर
- अविरात रियल स्टेट देवास
- पारिजात कॉलेज इंदौर
इन सभी संस्थानों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, बच्चों के भोजन, उपहार, मंच सज्जा, लॉजिस्टिक और अन्य आवश्यक संसाधनों में सहयोग दिया।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
मंच पर प्रस्तुतियाँ देने वाले बच्चों, उनके शिक्षकों और सामाजिक संस्थाओं ने बताया कि—
- ऐसे आयोजनों से बच्चों को आत्मविश्वास बढ़ता है।
- उन्हें समाज में सम्मान महसूस होता है।
- बच्चे उत्साह के साथ नई कला सीखते हैं और खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।
- परिवारों और अभिभावकों को भी अपने बच्चों की क्षमताओं पर गर्व होता है।
मीडिया टुडे की इस पहल को सभी प्रतिभागियों और संस्थाओं ने समाजसेवी दृष्टिकोण से सराहनीय बताया।
निष्कर्ष
“तारे ज़मीं पर 2025” कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि दिव्यांगता किसी भी प्रतिभा को सीमित नहीं कर सकती। सही मंच, प्रोत्साहन और समर्थन मिलने पर ये बच्चे किसी भी बड़े आयोजन को सफल बना सकते हैं।
मीडिया टुडे और आयोजकों का यह सात वर्षों से जारी प्रयास भविष्य में भी इसी तरह दिव्यांग बच्चों को सशक्त और प्रेरित करता रहेगा।
यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था, बल्कि समाज में समावेशिता, समान अवसर और संवेदनशीलता का एक जीवंत संदेश भी साबित हुआ।



