‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के तहत कुक्षी में खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी, कुक्षी (धार)
कुक्षी (धार)। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत गुरुवार को धार जिले के एकलव्य आदर्श शासकीय आवासीय विद्यालय, कुक्षी में खेलकूद प्रतियोगिता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा खेलों के माध्यम से सकारात्मक सोच विकसित करना था।
कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। विद्यार्थियों ने खेल प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में विशेष पहल
मध्यप्रदेश शासन द्वारा युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
इसी अभियान के अंतर्गत कुक्षी स्थित एकलव्य आदर्श शासकीय आवासीय विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं नशामुक्ति शपथ समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्ति का संदेश दें।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से—
- एसडीएम कुक्षी विशाल धाकड़ (आईएएस)
- एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता
- थाना प्रभारी कुक्षी दीपक सिंह चौहान
- खेल विभाग के अधिकारी
- विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी
शामिल रहे।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उन्हें अनुशासित जीवन, शिक्षा और खेलों के महत्व के बारे में जानकारी दी।
खेलों के माध्यम से दिया गया सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
बालिका वर्ग में खो-खो प्रतियोगिता तथा बालक वर्ग में कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित हुई।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ भाग लिया।
मैदान में खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, टीमवर्क और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
खिलाड़ियों ने दिखाया जोश और खेल भावना

प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ खेल भावना का परिचय दिया और जीत-हार से ऊपर उठकर अनुशासन एवं टीम भावना का संदेश दिया।
शिक्षकों और अधिकारियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को बताया नशे का दुष्प्रभाव
मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से होने वाले सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नशे की लत—
- स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है।
- शिक्षा और करियर को प्रभावित करती है।
- परिवारों को आर्थिक और मानसिक संकट में डालती है।
- अपराध और हिंसा को बढ़ावा देती है।
- समाज की प्रगति में बाधा बनती है।
विद्यार्थियों से कहा गया कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण सामूहिक नशामुक्ति शपथ रहा।
सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि—
- वे स्वयं किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे।
- समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाएंगे।
- अपने परिवार और मित्रों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
- स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएंगे।
शपथ के दौरान पूरे परिसर में जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का वातावरण दिखाई दिया।
विजेता टीमों का हुआ सम्मान
खेल प्रतियोगिताओं के समापन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि एवं अन्य अधिकारियों ने विजेता प्रतिभागियों को—
- स्मृति चिन्ह
- प्रमाण-पत्र
प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना भी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
खेल और शिक्षा से बनता है मजबूत भविष्य
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने तथा शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अनुशासित जीवन ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।
यदि विद्यार्थी नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर खेल, शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपनाते हैं तो वे समाज और देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम में शामिल सभी अधिकारियों, अतिथियों और खेल विभाग का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं।
नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका


विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी लड़ाई तभी संभव है जब युवा स्वयं इसके विरुद्ध जागरूक हों।
विद्यालय स्तर पर आयोजित ऐसे अभियान विद्यार्थियों को सही समय पर सही दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।
सकारात्मक पहल बनी प्रेरणा
कुक्षी के एकलव्य आदर्श शासकीय आवासीय विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नशामुक्त समाज के निर्माण का प्रभावी संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। खेलों, जागरूकता और सामूहिक शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। शासन का “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
