नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, खिलाड़ियों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
संवाददाता: राहुल जैन
खेल एवं युवा कल्याण विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त पहल से युवाओं को दिया गया स्वस्थ जीवन का संदेश
अशोकनगर। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और खेलों के माध्यम से स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक अशोकनगर के मार्गदर्शन में जिले में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर खिलाड़ियों को न केवल खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें नशे के दुष्प्रभावों, सामाजिक जिम्मेदारियों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित कर नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखना था।
खेलों के माध्यम से दिया गया नशामुक्ति का संदेश
आज के समय में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। इसे देखते हुए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल प्रतियोगिताओं को जागरूकता अभियान से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि यदि युवा खेलों से जुड़ेंगे तो उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास होगा तथा वे नशे जैसी आदतों से स्वतः दूर रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को बताया गया कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं, जबकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, करियर और समाज सभी के लिए नुकसानदायक होता है।
प्रभारी जिला खेल अधिकारी अरुण रघुवंशी ने दी प्रतियोगिताओं की जानकारी
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री अरुण रघुवंशी ने बताया कि संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जिले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नशा मुक्ति के प्रति जागरूक भी किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों को यह समझाया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ जीवनशैली आवश्यक है। नशा इन सभी गुणों को समाप्त कर देता है और व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर बना देता है।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक जागरूकता विकसित करना भी है ताकि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को किया प्रेरित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। विशेष रूप से युवाओं को इसका शिकार बनने से रोकना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है। कई बार युवा केवल गलत संगति, जिज्ञासा या सामाजिक दबाव के कारण नशे की ओर कदम बढ़ा देते हैं, जिसका परिणाम जीवनभर भुगतना पड़ता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने गांव, मोहल्ले, विद्यालय और खेल संस्थानों में नशा मुक्ति के संदेशवाहक बनें तथा अपने साथियों को भी खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करें।
एसडीओपी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम में उपस्थित एसडीओपी श्री रवि प्रताप सिंह चौहान ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि नशे की लत अपराधों की वृद्धि का एक प्रमुख कारण भी बनती है। कई बार व्यक्ति नशे की पूर्ति के लिए गलत रास्ता अपनाने लगता है, जिससे उसका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे सही मार्ग दिखाने का प्रयास करें तथा आवश्यक होने पर प्रशासन और परिवार का सहयोग लेकर उसका उपचार करवाएं।
खिलाड़ियों को दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण वह रहा जब प्रतियोगिताओं के समापन पर उपस्थित सभी खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं अधिकारियों को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति जागरूकता की शपथ दिलाई गई।
सभी ने संकल्प लिया कि—
- किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे।
- दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
- खेल एवं योग जैसी सकारात्मक गतिविधियों को अपनाएंगे।
- स्वस्थ समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- अपने आसपास नशा विरोधी वातावरण तैयार करेंगे।
इस शपथ के माध्यम से कार्यक्रम ने केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रहकर सामाजिक परिवर्तन का संदेश भी दिया।
विजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
खेल प्रतियोगिताओं के समापन पर विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए अधिकारियों ने कहा कि खेलों में जीत और हार दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात खेल भावना और अनुशासन है।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों ने भी भविष्य में और अधिक मेहनत कर जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का संकल्प व्यक्त किया।
अभिभावकों की भूमिका भी बताई गई महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों को भी संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
यदि माता-पिता बच्चों के साथ समय बिताएं, उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें खेल, शिक्षा तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, तो नशे की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार का सकारात्मक वातावरण बच्चों को आत्मविश्वासी बनाता है और वे गलत संगति से बचते हैं।
खेल और फिटनेस से मिलता है बेहतर भविष्य
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नियमित खेलकूद केवल शरीर को स्वस्थ नहीं बनाते, बल्कि मानसिक तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज देशभर में “फिट इंडिया”, “खेलेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया” जैसे अभियान युवाओं को खेलों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। यदि युवा खेल मैदान में समय बिताएंगे तो उनके पास नशे जैसी बुराइयों के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा।
समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रयास
नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम भी बनी। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि प्रशासन, खेल विभाग, पुलिस, प्रशिक्षक, अभिभावक और खिलाड़ी मिलकर समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल अकादमियों और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएं, तो युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होगी और नशे की प्रवृत्ति में कमी आएगी।
अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक अधिकारियों, खेल प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर प्रहलाद श्रीवास्तव, वीरेंद्र कुमार, आदित्य शर्मा, देवेंद्र नरवरिया, अपूर्व चटर्जी, राहुल सिसोदिया, प्रियम शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए ताकि युवा खेलों के माध्यम से स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।
नशामुक्त भारत की ओर एक मजबूत कदम
अशोकनगर में आयोजित यह जिला स्तरीय खेल आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। प्रतियोगिता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि “खेल अपनाइए, नशा छोड़िए और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाइए।”
युवाओं की ऊर्जा यदि खेल, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में लगेगी, तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि समाज भी अपराध, नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
रिपोर्ट: अशोकनगर संवाददाता
