समाजवादी पार्टी SP ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मनाया जश्न, कहा- छात्रों के संघर्ष की हुई जीत
अकदस शेख । संवाददाता
देवास में समाजवादी पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मनाया जश्न, कहा- छात्रों के संघर्ष की हुई जीत
नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी
देवास। नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक से जुड़े विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में देवास में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताते हुए जश्न मनाया।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि देशभर के लाखों विद्यार्थियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि छात्रों की आवाज और लगातार चल रहे आंदोलन के दबाव के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
सयाजी द्वार पर जुटे सपा कार्यकर्ता, बांटी मिठाइयां
देवास में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बी.एल. यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सयाजी द्वार पर एकत्र हुए। यहां कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और छात्रों के संघर्ष को समर्थन दिया।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी छात्रों की जीत है, जिन्होंने अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठाई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
छात्रों और युवाओं के संघर्ष को बताया ऐतिहासिक
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अनिल सिंह पवार ने कहा कि यह जीत समाजवादी पार्टी की नहीं, बल्कि देश के उन करोड़ों विद्यार्थियों और युवाओं की है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनके संघर्ष और जनदबाव ने सरकार को इस विषय पर गंभीर निर्णय लेने के लिए मजबूर किया।
अनिल सिंह पवार ने कहा कि युवाओं का भविष्य देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना बेहद जरूरी है।
इस्तीफा स्वागत योग्य, लेकिन जवाबदेही भी जरूरी: सपा
प्रदेश सचिव अनिल सिंह पवार ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन केवल पद छोड़ने से जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसलों और नीतियों की भी समीक्षा होनी चाहिए। जिन कारणों से छात्रों और युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, उनकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा क्षेत्र में सुधार की प्रक्रिया तेज की जाए।
जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी छात्रों, युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है और सरकारों को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। पार्टी ने भरोसा दिलाया कि वह शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी।
नेताओं ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
जश्न कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान लीलाधर चौधरी, अजीज जागीरदार, इंद्रसेनराव निमोणकर, शिवनारायण यादव, सुनील शर्मा, शफीकउल्ला अंसारी, संतराम और सियाराम चंद्रवंशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की मेहनत और संघर्ष को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग को आगे भी जारी रखने की बात कही।
समाजवादी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को छात्रों की आवाज की जीत बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई मांगों का असर आखिरकार दिखाई देता है।
