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सोयाबीन किसानों का संकट गहराया: समर्थन मूल्य, बीमा राशि और बिजली बिल में राहत की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन मंच ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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Published On: 10 October 2025
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भारतीय किसान यूनियन मंच के नेतृत्व में किसानों ने सोयाबीन सहित विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, कहा – ‘मध्यप्रदेश का किसान संकट में है’

नागदा जंक्शन (मध्यप्रदेश), 10 अक्टूबर 2025।
भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर बड़ा प्रदर्शन करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को दिया गया, जिसमें किसानों ने सोयाबीन की फसल का उचित समर्थन मूल्य, बीमा राशि का शीघ्र भुगतान और बिजली बिल में छूट जैसी प्रमुख मांगें रखीं।

इस ज्ञापन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कवि देवसिंह गुर्जर एवं राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्रसिंह गुर्जर ने किया। बड़ी संख्या में किसान इस मौके पर मौजूद रहे।

किसान बोले – “सोयाबीन उत्पादन में भारी गिरावट, लागत भी नहीं निकल पा रही”

ज्ञापन में बताया गया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश के किसानों की स्थिति बेहद दुर्दशापूर्ण और चिंताजनक है। प्रदेश में लगातार अतिवृष्टि (excess rainfall) और अफलन (crop failure) के कारण सोयाबीन सहित कई प्रमुख फसलों की पैदावार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

जहाँ पहले एक बीघा जमीन से 4 से 5 क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन होता था, वहीं इस वर्ष किसानों को केवल 40 से 50 किलो प्रति बीघा की उपज मिली है। इस स्थिति में किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही, जिससे प्रदेशभर के किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

किसानों की हालत पर दुखद घटनाएं – एक किसान ने की आत्महत्या

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि फसल की बर्बादी और आर्थिक दबाव से परेशान होकर उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील के एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान संगठनों ने सरकार पर उपेक्षा और राहत राशि न देने का आरोप लगाया है।

कवि देवसिंह गुर्जर ने कहा,

“सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। न तो फसल बीमा की राशि दी जा रही है, न ही बिजली बिलों या ऋण में राहत मिल रही है। ऐसे में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।”

समर्थन मूल्य और भावान्तर योजना पर सवाल

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि जब वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचते हैं, तो उन्हें केवल 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक ही भाव मिल रहा है, जबकि सरकार ने सोयाबीन का समर्थन मूल्य ₹5328 प्रति क्विंटल तय किया है।
इसके बावजूद भावान्तर भुगतान योजना (Bhavantar Yojana) के तहत किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा।

किसानों ने मांग की है कि भावान्तर योजना को समाप्त कर सीधी समर्थन मूल्य खरीद प्रणाली लागू की जाए, ताकि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।

मुख्य मांगें – बीमा भुगतान, बिजली बिल में राहत, ऋण अदायगी की अवधि बढ़ाने की अपील

किसानों ने महामहिम राज्यपाल से निम्न प्रमुख मांगें रखीं –

  1. भावान्तर योजना के स्थान पर सीधे समर्थन मूल्य पर खरीद प्रणाली लागू की जाए।

  2. बीमा कंपनियों को निर्देशित किया जाए कि वे फसल बीमा राशि शीघ्र प्रदान करें।

  3. किसानों की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिजली बिलों में छूट और राहत पैकेज दिया जाए।

  4. कृषि ऋण की अदायगी अवधि बढ़ाई जाए और ब्याज में छूट दी जाए।

  5. अतिवृष्टि एवं फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

सुरेन्द्रसिंह गुर्जर ने कहा कि यदि सरकार किसानों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

कृषक नेताओं की उपस्थिति और किसानों की एकजुटता

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्रसिंह गुर्जर, प्रदेश अध्यक्ष कवि देवसिंह गुर्जर, जनपद उपाध्यक्ष देवीसिंह चन्द्रवंशी, सरपंच उमरावसिंह गुर्जर, दरबार सिंह पंवार (कलसी), पप्पू सिंह पंवार, नानालाल जाट, सरपंच मोती सिंह गुर्जर, रामेश्वर गुर्जर, लखन गुर्जर (विधानसभा अध्यक्ष), दुलेसिंह गुर्जर, राकेश गुर्जर (अलसी), प्रध्युम गुर्जर, लाखन सिंह राजपूत, श्यामलाल राजगढ़, नारायण गुर्जर, गोवर्धनलाल और रवि गुर्जर सहित कई किसान शामिल थे।

सभा के दौरान किसानों ने एक स्वर में कहा कि सरकार यदि किसानों के साथ न्याय नहीं करती, तो आगामी दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन और धरना प्रदर्शन किए जाएंगे।

“किसान है देश की रीढ़, पर आज सबसे उपेक्षित” – कवि देवसिंह गुर्जर

प्रदेश अध्यक्ष कवि देवसिंह गुर्जर ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान आज कर्ज, बिजली बिल और बीमा कंपनियों के जाल में फंसा हुआ है। उन्होंने कहा –

“किसान देश की रीढ़ है, लेकिन उसकी आवाज़ को कोई नहीं सुन रहा। हम यह संघर्ष किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए जारी रखेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय किसान यूनियन मंच किसानों की हर समस्या पर सरकार तक आवाज़ पहुंचाएगा और जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।


दिनांक: 10 अक्टूबर 2025
स्थान: नागदा जंक्शन, मध्यप्रदेश

📞 संपर्क:
कवि देवसिंह गुर्जर, प्रदेश अध्यक्ष – भारतीय किसान यूनियन मंच
मो. 81205 72549

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