अपने ही लोगों पर गोली क्यों चलाई… वांगचुक की पत्नी ने CRPF पर उठाए सवाल
लेह/नई दिल्ली, सितंबर 2025:
लेह-लद्दाख में हुई हाल की हिंसा और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गृह मंत्रालय ने हिंसा का जिम्मेदार वांगचुक को मानते हुए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत केस दर्ज किया और उन्हें जोधपुर जेल भेज दिया। अब उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने सामने आकर पति का बचाव किया है और सभी आरोपों को झूठा बताया है।
क्या हुआ था?
- लद्दाख में लोग लंबे समय से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
- सोनम वांगचुक इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
- उनकी मांग थी कि लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि यहाँ के लोगों को जमीन और संसाधनों पर अधिकार मिले।
- आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से चल रहा था – अनशन, धरना और शांति मार्च के रूप में।
लेकिन पिछले हफ्ते अचानक माहौल बिगड़ गया।
- प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई।
- पत्थरबाजी हुई और हालात काबू से बाहर होने पर CRPF ने फायरिंग की।
- इसके बाद सरकार ने हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया और गिरफ्तार कर लिया।

वांगचुक पर क्या आरोप लगे?
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए—
- हिंसा भड़काने का आरोप – कहा गया कि उन्होंने भीड़ को उकसाया।
- पाकिस्तान से संबंध – दावा किया गया कि उनका पाकिस्तानी खुफिया एजेंट से संपर्क था।
- विदेशी फंडिंग – आरोप है कि आंदोलन के लिए बाहर से पैसा आया।
इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्हें NSA के तहत जेल भेजा गया।
पत्नी गीतांजलि अंगमो ने क्या कहा?
- वांगचुक की पत्नी और HIAL की सह-संस्थापक डॉ. गीतांजलि अंगमो ने मीडिया से बात की।
- उन्होंने कहा कि सोनम हमेशा गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हैं।
- 10 दिन तक अनशन चला, लेकिन कहीं कोई हिंसा नहीं हुई।
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हिंसा के लिए उन्होंने साफ तौर पर CRPF को जिम्मेदार ठहराया और सवाल किया –
👉 “अपने ही लोगों पर गोली क्यों चलाई गई?” -
अंगमो का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद 48 घंटे से ज़्यादा वक्त तक परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पाया।

पाकिस्तान यात्रा और फंडिंग पर सफाई
- अंगमो ने बताया कि सोनम की पाकिस्तान यात्राएँ जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सम्मेलनों से जुड़ी थीं।
- ये सभी सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित किए गए थे।
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उन्होंने कहा –
“हिमालय के ग्लेशियर भारत और पाकिस्तान दोनों को पानी देते हैं। इस मुद्दे पर हम सरहद नहीं देखते।”
अब आगे क्या?
गीतांजलि अंगमो ने साफ किया कि अब वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगी।
उनका कहना है कि सोनम वांगचुक को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है, जबकि वे सिर्फ लद्दाख के लोगों के अधिकार और विकास में उनकी हिस्सेदारी की बात कर रहे थे।
निष्कर्ष
- सरकार और एजेंसियाँ मानती हैं कि वांगचुक हिंसा और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
- लेकिन उनका परिवार और समर्थक इसे राजनीतिक दबाव और गलतफहमी बता रहे हैं।
- अब सोनम वांगचुक की लड़ाई सड़क से हटकर अदालत तक पहुँच चुकी है।
