गुप्त नवरात्रि की अष्टमी पर डॉ. खांगर ने विद्यार्थियों को भेंट की पाठ्य सामग्री, बच्चों के चेहरों पर खिले खुशी के भाव
संवाददाता : कौशिक पण्डित
सावन जाट, मनावर। भारतीय संस्कृति और परंपराओं में सेवा, दान और जरूरतमंदों की सहायता को विशेष महत्व दिया गया है। विशेषकर बच्चों को ईश्वर का स्वरूप मानते हुए उनकी शिक्षा और विकास में सहयोग करना पुण्य कार्य माना जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए गुप्त नवरात्रि की अष्टमी के पावन अवसर पर बड़वानी के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. एल. खांगर एवं उनके पुत्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिनव (गोलू) खांगर ने सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की।
डॉ. खांगर परिवार ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय बयड़ीपुरा देवगढ़ (संकुल गणपुर) के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उपयोगी एवं आकर्षक पाठ्य सामग्री भेंट की। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके अध्ययन में सहयोग प्रदान करना रहा।
विद्यार्थियों के चेहरों पर आई मुस्कान
शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में नई पाठ्य सामग्री प्राप्त कर विद्यालय के छोटे-छोटे विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। बच्चों ने प्रसन्नता के साथ सामग्री प्राप्त की और शिक्षा के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
डॉ. खांगर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में किया गया सहयोग समाज के भविष्य को मजबूत बनाने का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
लंबे समय से समाज सेवा में योगदान
गौरतलब है कि डॉ. बी. एल. खांगर पिछले 50 वर्षों से बड़वानी क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ वे सामाजिक जिम्मेदारियों को भी महत्वपूर्ण मानते हैं और समय-समय पर जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।
डॉ. खांगर द्वारा विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री वितरित करने की पहल शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और समाज के भविष्य को बेहतर बनाने की सोच को दर्शाती है। उनका मानना है कि बच्चों को शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना समाज को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. खांगर परिवार की इस पहल को शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रकार के कार्य न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सेवा और सहयोग के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
इस अवसर पर विद्यालय के शाला प्रभारी राजेश बैरागी एवं शिक्षक हरिओम पाटीदार ने डॉ. खांगर परिवार की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार के सहयोग से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।
विद्यालय परिवार की ओर से डॉ. बी. एल. खांगर एवं अभिनव खांगर का हृदय से आभार व्यक्त किया गया। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी समाज के सक्षम लोग बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए आगे आते रहेंगे।
सेवा और संस्कार का संदेश
गुप्त नवरात्रि जैसे पावन धार्मिक अवसर पर विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री भेंट कर डॉ. बी. एल. खांगर एवं उनके परिवार ने सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी संदेश दिया है। इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की भावना को मजबूत करना भी है।
शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला होती है। ऐसे में जरूरतमंद विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना सराहनीय कार्य है। डॉ. खांगर परिवार की इस पहल से विद्यालय के बच्चों को शैक्षणिक सहयोग मिला और उनके चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
इस प्रकार के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। डॉ. खांगर परिवार ने धार्मिक भावना को समाज सेवा से जोड़ते हुए यह संदेश दिया है कि पर्व और उत्सव केवल व्यक्तिगत खुशियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज के उत्थान का माध्यम भी बन सकते हैं। यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
