स्मृति मंधाना ने शादी टूटने के बाद तोड़ी चुप्पी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल से शादी कैंसिल होने के बाद पहली बार मीडिया और पब्लिक के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पिछले 12 सालों में उन्हें यह सबसे ज्यादा समझ में आया है कि क्रिकेट उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता और जुनून है। शादी टूटने के बाद मंधाना ने पहले इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए मामले में प्राइवेसी की मांग की थी, लेकिन अब सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने खुलकर अपनी भावनाएँ साझा की हैं।
स्मृति मंधाना ने हाल ही में आयोजित एमेजॉन संभव समिट में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपने करियर की शुरुआत, संघर्ष और हाल ही में भारत की महिला टीम द्वारा वर्ल्ड कप जीतने तक की यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 2013 में भारत के लिए डेब्यू करने के बाद से यह यात्रा उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रही है।
क्रिकेट ही है सबसे बड़ी प्रेरणा
कार्यक्रम में बोलते हुए मंधाना ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं। उन्होंने बताया, “इंडिया की जर्सी पहनना सबसे बड़ी प्रेरणा है। आप अपनी सारी परेशानियां एक तरफ रख देते हैं और सिर्फ यही आपको जीवन पर ध्यान लगाने में मदद करता है।” स्मृति ने यह भी साझा किया कि बचपन से ही उनका सपना था कि लोग उन्हें वर्ल्ड चैंपियन के रूप में देखें। उनका यह जुनून ही उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देता रहा।

वर्ल्ड कप जीत का अनुभव
स्मृति मंधाना ने महिला वर्ल्ड कप जीत के अपने अनुभव को भावुक अंदाज में साझा किया। उन्होंने बताया कि टीम ने जीत का कल्पनात्मक अभ्यास पहले ही दिमाग में कर लिया था, और जब वह सच हुई, तो रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने कहा, “हमने वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद यह जीत हासिल की। यह पल सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरी महिला क्रिकेट टीम की जीत थी।” मंधाना की यह भावनाएँ दर्शाती हैं कि टीम भावना और मेहनत ने उन्हें इस सफलता तक पहुँचाया।

टीम के लिए खेलना सबसे महत्वपूर्ण
स्मृति ने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप की सफलता ने उन्हें दो बड़ी बातें सिखाईं। पहली यह कि हर पारी शून्य से शुरू होती है, चाहे पिछली बार शतक ही क्यों न बनाया हो। दूसरी यह कि खेल सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि टीम के लिए खेला जाता है। उन्होंने मिताली राज और झूलन गोस्वामी जैसी सीनियर खिलाड़ियों की प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए जीतना और भी खास बन गया। टीम के लिए खेलना उन्हें व्यक्तिगत उपलब्धियों से भी अधिक संतोष देता है।

भविष्य की योजनाएं और समर्पण
स्मृति मंधाना ने यह स्पष्ट किया कि शादी टूटने के बाद उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता क्रिकेट ही है। वह पूरी तरह टीम के लिए समर्पित हैं और भारत को बड़े खिताब जिताने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनका जुनून, मेहनत और टीम भावना उन्हें आने वाले मैचों में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। मंधाना की यह घोषणा उनके फैंस और युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों और करियर को सर्वोपरि रखना चाहिए।
