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SIR Form Fraud: वोटर लिस्ट में गलती, दो वोटर आईडी और गलत जानकारी पर सख्त कार्रवाई—Form-7 से तुरंत करें सुधार

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Published On: 1 December 2025
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SIR Form Fraud: वोटर लिस्ट में छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी, गलत जानकारी पर हो सकती है जेल – जानें पूरी खबर

देशभर में वोटर लिस्ट को अपडेट और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है और यह सख्ती से जांच की जा रही है कि कोई भी नागरिक एक से अधिक जगह पर पंजीकृत न हो।

इसी बीच आयोग ने SIR Form Fraud को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अगर कोई नागरिक गलत जानकारी देता है या जानबूझकर अपनी जानकारी छुपाता है, तो उसके खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई होगी। दो वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Fraud) रखना या दो जगह वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होना अब अपराध की श्रेणी में आता है।


क्या है SIR Form Fraud?

जब मतदाता SIR के दौरान दी जाने वाली जानकारी में कोई गलत तथ्य दर्ज करता है, अपना पुराना पता छुपाता है, या दो जगह नाम होने पर उसे हटाने की सूचना नहीं देता—तो यह SIR Form Fraud माना जाता है।

  • दो वोटर आईडी रखना

  • अलग-अलग पते पर दो जगह नाम दर्ज होना

  • गलत आयु, गलत पता या फर्जी दस्तावेज देना

  • गैर नागरिक होते हुए भी भारतीय मतदाता होने का दावा करना

ये सभी कृत्य Representation of the People Act, 1950 के तहत अपराध हैं।


दो जगह नाम होना क्यों अपराध?

देश के कई राज्यों में पाया गया कि कुछ लोगों के नाम पैतृक गांव और वर्तमान पते—दोनों जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज थे। इससे एक व्यक्ति को दो वोट डालने का मौका मिल सकता है, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आंकड़ों की गड़बड़ी के कारण भी ऐसा होता है, लेकिन यदि मतदाता इसे ठीक नहीं कराता, तो उसे सीधे Voter ID Fraud माना जाता है।


चुनाव आयोग की सख्त चेतावनी

चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि:

“SIR के दौरान गलत जानकारी देना दंडनीय अपराध है। अगर कोई मतदाता दो जगह वोटर लिस्ट में नाम पाता है और फिर भी उसे हटाने की कोशिश नहीं करता, तो उसे कानूनी सजा मिलेगी।”

अर्थात, अब सामान्य गलतियाँ भी गंभीर परिणाम दे सकती हैं।


कितनी हो सकती है सजा? – जानें कानून

Representation of the People Act, 1950, Section 31 के अनुसार:

  • गलत जानकारी देने पर

  • एक से अधिक वोटर आईडी रखने पर

  • दो जगह मतदाता सूची में नाम होने पर

1 साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।

यानी मामूली सी अनदेखी भी आपको कानूनी परेशानी में डाल सकती है।


क्या करें अगर दो जगह नाम दर्ज है?

अगर आपको पता चलता है कि आपके नाम से दो वोटर आईडी या दो स्थानों पर पंजीकरण है, तो आपको तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

सबसे सरल उपाय है Form-7 भरना।

Form-7 किसलिए होता है?

Form-7 का उपयोग वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए किया जाता है। यदि आपका नाम पुराने पते पर अभी भी दर्ज है, तो यह फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन भरकर उसे हटाया जा सकता है।


Form-7 भरते समय कौन सी जानकारी देनी होती है?

Form-7 सबमिट करते समय आपको अपनी पहचान संबंधी कुछ महत्वपूर्ण विवरण देने होते हैं:

  • पूरा नाम

  • EPIC नंबर (Voter ID नंबर)

  • पिता/पति का नाम

  • मोबाइल नंबर

  • वह पता जहाँ से नाम हटाना है

इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाता है ताकि कोई भी फर्जीवाड़ा न हो सके।


किस स्थिति में वोटर लिस्ट से नाम कट सकता है?

हालांकि Form-7 सिर्फ दोहरे नाम हटाने के लिए नहीं है। इसके तहत अन्य कारणों से भी नाम हटाया जा सकता है:

1. मतदाता की मृत्यु

अगर परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है, तो उसका नाम हटाने के लिए परिजन Form-7 भर सकते हैं।

2. कम उम्र

यदि किसी का नाम गलती से 18 वर्ष से कम उम्र में जुड़ गया है, तो आयोग उसे हटाने का अधिकार रखता है।

3. लंबे समय तक गैर-मौजूदगी

जो लोग लंबे समय से किसी पते पर निवास नहीं करते, उनका नाम भी हटाया जा सकता है।

4. दो वोटर आईडी या दोहरा पंजीकरण

सबसे सामान्य और गंभीर स्थिति यही है। दोहरी प्रविष्टि अपने-आप में Voter Fraud मानी जाती है।

5. भारतीय नागरिक न होना

यदि कोई विदेशी नागरिक फर्जी कागजात देकर वोटर लिस्ट में जुड़ चुका है, तो उसका नाम तत्काल रद्द किया जाता है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।


नया SIR अभियान क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में मतदाता सूची में दोहराव और गलतियों की संख्या बड़ी है। गलत डेटा के कारण:

  • चुनावी नतीजों पर अवांछित असर पड़ सकता है

  • फर्जी वोटिंग बढ़ सकती है

  • जनगणना और सरकारी योजनाओं के आंकड़े प्रभावित होते हैं

SIR अभियान का उद्देश्य सभी इन गलतियों को दूर करना है ताकि वोटर लिस्ट शत-प्रतिशत सही और पारदर्शी बने।


मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह

यदि आप चुनाव आयोग की किसी सूचना को नजरअंदाज करते हैं—खासकर SIR के दौरान—तो आपको अनजाने में भी कानूनी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए:

  • अपनी वोटर लिस्ट की एंट्री चेक करें

  • अगर दो जगह नाम है तो तुरंत Form-7 भरें

  • किसी भी बदलाव की सूचना BLO को दें

  • गलत जानकारी कभी न दें

  • अपने EPIC नंबर की जांच करें

यह सभी कदम आपको SIR Form Fraud जैसी गंभीर गड़बड़ी से बचाते हैं।

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