सिंगरौली में स्पेशल ब्रांच के प्रधान आरक्षक राकेश गंगले ने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पत्रकारों से अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील का उल्लेख है।
सिंगरौली में प्रधान आरक्षक राकेश गंगले की दर्दनाक मौत, सुसाइड नोट में पत्रकारों से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की अपील
सिंगरौली में प्रधान आरक्षक राकेश गंगले आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। सिंगरौली जिले के स्पेशल ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक राकेश गंगले ने सोमवार को कार्यालय के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी बरामद होने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट: प्रियंका गुजराती | दैनिक स्वराज वाणी
स्पेशल ब्रांच कार्यालय में मिला शव
जानकारी के अनुसार राकेश गंगले सिंगरौली जिले के स्पेशल ब्रांच में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। वह मूल रूप से खरगोन जिले के निवासी बताए गए हैं और पिछले कुछ वर्षों से सिंगरौली में अपनी सेवाएं दे रहे थे।सोमवार को उनका शव स्पेशल ब्रांच कार्यालय के एक कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद तहसीलदार की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया।आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया।
सुसाइड नोट ने खड़े किए कई सवाल
पुलिस को घटनास्थल से राकेश गंगले का हस्तलिखित सुसाइड नोट मिलने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि इस नोट में उन्होंने अपनी परेशानी और विभागीय स्तर पर अपनी बात रखे जाने का उल्लेख किया है।नोट में उन्होंने अपनी समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किए जाने की बात लिखी है। साथ ही, उनके अनुसार उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिल पाने का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, सुसाइड नोट में लिखी गई बातों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। इसलिए उसमें लगाए गए किसी भी आरोप अथवा परिस्थितियों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
पत्रकारों से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की अपील
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात सुसाइड नोट के अंतिम हिस्से से जुड़ी बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राकेश गंगले ने पत्रकारों से अपनी बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील की थी।उन्होंने पत्रकारों के माध्यम से अपनी समस्या को उचित स्तर तक पहुंचाने का अनुरोध किया। सुसाइड नोट में लिखी गई इस अपील के बाद अब यह मामला विभागीय स्तर पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।हालांकि, इस अपील के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और उन्होंने किन समस्याओं का सामना किया, इसका स्पष्ट पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
सिंगरौली में प्रधान आरक्षक राकेश गंगले आत्महत्या मामले में पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। सुसाइड नोट के अलावा मौके से मिले अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रधान आरक्षक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। साथ ही सुसाइड नोट में उल्लेखित विभागीय समस्याओं और अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय स्तर पर भी उठेंगे सवाल
राकेश गंगले लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। उनकी मौत के बाद विभाग में शोक का माहौल है। वहीं, सुसाइड नोट में विभागीय स्तर पर अपनी बात रखे जाने के उल्लेख के कारण यह मामला केवल आत्महत्या की घटना तक सीमित नहीं रह गया है।अब जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि सुसाइड नोट में जिन परिस्थितियों और समस्याओं का उल्लेख किया गया है, उनकी वास्तविकता क्या थी और क्या उनकी शिकायतों को लेकर पहले किसी स्तर पर कार्रवाई हुई थी।
पुलिस द्वारा सभी पहलुओं की जांच किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल सिंगरौली में प्रधान आरक्षक राकेश गंगले आत्महत्या मामले में पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, सुसाइड नोट और संबंधित लोगों के बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।दैनिक स्वराज वाणी इस मामले में सामने आने वाले आधिकारिक पुलिस अपडेट और जांच के निष्कर्षों को प्राथमिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाएगा।
नोट: सुसाइड नोट में लिखी बातों और विभागीय आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

