सिहोनियां में श्रद्धा-भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ वार्षिक मेला और महामस्तकाभिषेक
भगवान शांतिनाथ के जयकारों से गूंजा अतिशय क्षेत्र, देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
सिहोनियां/मुरैना (मनोज जैन नायक)। जैन समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सिहोनियां में मंगलवार को वार्षिक मेला महोत्सव एवं भगवान शांतिनाथ का महामस्तकाभिषेक धार्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। सुबह से ही अतिशय क्षेत्र में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान शांतिनाथ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
मनोज जैन नायक। वार्षिक मेला एवं महामस्तकाभिषेक में मुरैना, अंबाह सहित देश के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अंबाह में चातुर्मासरत क्षुल्लिका माताजी के पावन सान्निध्य में सुबह 7 बजे धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने नित्याभिषेक, शांतिधारा और पूजन-अर्चन कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।
मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और धार्मिक आयोजन में सहभागी बने।
शांतिनाथ महामंडल विधान सम्पन्न
सुबह 10 बजे से प्रतिष्ठाचार्य पं. राजेंद्र जैन शास्त्री मगरौनी एवं पं. संजय शास्त्री के निर्देशन में श्री शांतिनाथ महामंडल विधान सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य माताजी ने प्रवचन देते हुए क्षमा, अहिंसा, करुणा और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म के मार्ग पर चलते हुए जीवन में इन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
आयोजन में बानमोर, जौरा, गाजियाबाद, दिल्ली, अजमेर, इटावा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, डबरा, गोरमी और पोरसा सहित अनेक स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से अतिशय क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर बाहर से आए श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क वात्सल्य भोज की व्यवस्था भी की गई।

प्रासुक जल से भगवान का महामस्तकाभिषेक
संध्याकाल में भगवान शांतिनाथ, भगवान कुंथुनाथ एवं भगवान अरहनाथ की विशाल प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक प्रारंभ हुआ। प्रासुक एवं शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक में सहभागिता की।
भगवान शांतिनाथ, कुंथुनाथ एवं अरहनाथ का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य सीताराम महावीर प्रसाद जैन, नोनेरा वाले खोड़ा दिल्ली; महेशचंद्र अंकित जैन, ऐसाह वाले ग्वालियर; एवं संजय यश जैन चौधरी परिवार, अंबाह को प्राप्त हुआ।
वहीं शांतिधारा करने का सौभाग्य निकेत भंडारी, लवीश जैन छीपीटोला आगरा, महेशचंद्र बनवारी लाल जैन तथा सनतकुमार हर्षुल जैन ग्वालियर को प्राप्त हुआ।
कलशों से भगवान की प्रतिमाओं पर जलधारा प्रवाहित होते ही श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शांतिधारा का उच्चारण किया। इस दौरान भगवान शांतिनाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और जगत कल्याण की मंगलकामना की।
कार्यक्रम का मंच संचालन क्षेत्र के परम संरक्षक जिनेश जैन अंबाह ने किया।
समिति पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्थाएं
आयोजन को सफल बनाने में श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी सिहोनियां एवं कार्यकारिणी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। क्षेत्र के परम संरक्षक जिनेश जैन, संरक्षक आशीष जैन सोनू, अध्यक्ष रविंद्र जैन टिल्लू, उपाध्यक्ष नीलेश जैन, मंत्री विवेक जैन बंटी एवं कोषाध्यक्ष रवि जैन सहित समिति के पदाधिकारियों ने व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, धार्मिक अनुष्ठानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जुटे रहे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक वातावरण में भगवान शांतिनाथ के दर्शन और महामस्तकाभिषेक में सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।
