—Advertisement—

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद: 5 बड़े आरोपों से घिरी MP वन विभाग की शीर्ष पोस्ट, सरकार पर बढ़ा दबाव

Author Picture
Published On: 26 February 2026
Forest department Madhya Pradesh

—Advertisement—

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद को लेकर मध्यप्रदेश में घमासान तेज। वन्यजीव मौत, प्रशासनिक पारदर्शिता और जांच की मांग पर जानिए पूरा मामला।

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद क्या है?

https://img.naidunia.com/naidunia/ndnimg/05032024/05_03_2024-mp_forest_department_pccf_post_202435_191049.jpg

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद इन दिनों मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राज्य में नए वन बल प्रमुख (PCCF) की नियुक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1991 बैच के IFS अधिकारी शुभरंजन सेन के नाम पर विचार हो रहा है, लेकिन वन्यजीव एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद से जुड़े कई तथ्य ऐसे हैं जिनकी स्वतंत्र जांच जरूरी है।

अजय दुबे ने क्यों उठाए सवाल?

वन्य प्राणी मामलों पर सक्रिय रहने वाले अजय दुबे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि:

  • वर्ष 2024–2026 के दौरान संरक्षित वन्यजीवों की रिकॉर्ड मौतें हुईं।
  • कुछ मामलों में सबूतों के नष्ट होने की बात सामने आई।
  • कानूनी कार्रवाई और निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगे।

वन्यजीव शिकार मामलों का हवाला

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद में जिन मामलों का जिक्र प्रमुखता से किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • बालाघाट में बाघ शिकार मामला
  • नर्मदापुरम में काले हिरण प्रकरण
  • तेंदुआ और हाथी मौतों के कथित रिकॉर्ड आंकड़े

दुबे का आरोप है कि इन मामलों में निगरानी की प्रक्रिया पर्याप्त पारदर्शी नहीं रही। यही वजह है कि शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद को लेकर पुनर्विचार की मांग उठ रही है।

प्रशासनिक पदस्थापनाओं पर आपत्ति

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू प्रशासनिक निर्णय भी हैं।

पत्र में कहा गया:

  • कुछ अधिकारियों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रखा गया।
  • सेवा विस्तार में पारदर्शिता पर सवाल।
  • वित्तीय स्वीकृतियों में स्पष्टता की कमी।

टाइगर स्ट्राइक फोर्स और अंतरराष्ट्रीय तस्करी

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद में टाइगर स्ट्राइक फोर्स की कार्यप्रणाली को भी मुद्दा बनाया गया है।

आरोपों के मुताबिक:

  • अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी मामलों में निगरानी कमज़ोर रही।
  • संरक्षित क्षेत्रों में विशेष अनुमति देकर फिल्मांकन की अनुमति दी गई।
  • निगरानी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।

यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि मध्यप्रदेश को “टाइगर स्टेट” कहा जाता है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

अब तक राज्य सरकार या वन विभाग की ओर से शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सूत्रों के अनुसार:

  • नियुक्ति प्रक्रिया शासन स्तर पर विचाराधीन है।
  • शिकायतों की समीक्षा की जा सकती है।
  • राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज है।

क्या नियुक्ति से पहले जांच होगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है।

यदि जांच होती है तो:

  • स्वतंत्र समिति गठित हो सकती है।
  • पूर्व मामलों की समीक्षा हो सकती है।
  • पारदर्शिता के नए मानक तय किए जा सकते हैं।

क्यों अहम है यह नियुक्ति?

वन बल प्रमुख (PCCF) पद:

  • राज्य की वन नीति तय करता है
  • वन्यजीव संरक्षण की निगरानी करता है
  • अंतरराष्ट्रीय संरक्षण एजेंसियों से समन्वय करता है

ऐसे में शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद राज्य के प्रशासनिक और पर्यावरणीय भविष्य से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक असर

विश्लेषकों के अनुसार:

  • विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है।
  • सरकार पर पारदर्शिता का दबाव बढ़ सकता है।
  • नियुक्ति प्रक्रिया में देरी संभव है।

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है।

निष्कर्ष

शुभरंजन सेन PCCF नियुक्ति विवाद ने मध्यप्रदेश के वन प्रशासन को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।एक ओर सरकार के पास प्रशासनिक अधिकार है, तो दूसरी ओर वन्यजीव संरक्षण और पारदर्शिता की जिम्मेदारी भी है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएगी या नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp