—Advertisement—

शानदार श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल में भक्ति का अद्भुत संगम, संत अभयदास के प्रेरक विचारों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

Author Picture
Published On: 8 April 2026
श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल
— श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल

—Advertisement—

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल में संत अभयदास महाराज ने सेवा को सर्वोच्च भक्ति बताया, प्रभातफेरी और कथा में उमड़ा जनसैलाब।

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल का भव्य आयोजन

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल के तहत बुधवार को निमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर में पांचवें दिन भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर भगवान की महिमा का श्रवण किया।

संत अभयदास के प्रेरक विचार

कथा के दौरान व्यासपीठ से संत अभयदास महाराज ने जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करने के तीन प्रमुख मार्ग बताए—भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और वैराग्य मार्ग। उन्होंने कहा कि इन सबसे ऊपर यदि कोई मार्ग है तो वह सेवा मार्ग है।उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निष्काम भाव से अपने परिवार और जरूरतमंदों की सेवा करता है, वह सच्चे अर्थों में भक्ति करता है। सेवा को उन्होंने भक्ति का सर्वोच्च रूप बताया।

सेवा मार्ग को बताया सर्वोच्च भक्ति

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल के दौरान संत अभयदास महाराज ने विशेष रूप से गृहस्थ जीवन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।उन्होंने आधुनिक जीवनशैली और विशेषकर नौकरीपेशा महिलाओं के व्यवहार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां वे बाहर के कार्यों में समर्पण दिखाती हैं, वहीं घर में सेवा भाव की कमी दिखाई देती है। उन्होंने परिवार की सेवा को सर्वोच्च भक्ति बताया।

WhatsApp Image 2026 04 08 at 5.59.21 PM 1

संघ पर टिप्पणी और सामाजिक संदेश

कथावाचक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना सांप से करने वाले एक नेता पर बिना नाम लिए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संघ जैसे संगठन समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देते हैं। ऐसे संगठन की आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

WhatsApp Image 2026 04 08 at 5.59.22 PM

प्रभातफेरी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल के अंतर्गत प्रातः 5 बजे निकली प्रभातफेरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेषकर महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।यह प्रभातफेरी वराहश्याम मंदिर से प्रारंभ होकर गणेश चौक, महालक्ष्मी, घांचियों का चौहटा, सुनारों का बास और भीलों का चौहटा होते हुए निमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर पहुंची, जहां दर्शन के साथ इसका समापन हुआ।

महंतों का सानिध्य

इस भव्य आयोजन में महंत महेन्द्रानंदगिरी और माधवदास महाराज का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. घनश्याम व्यास ने किया।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग

इस आयोजन में विधायक डॉ. समरजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
प्रेमाराम बंजारा, गेमाराम परमार, चम्पालाल शर्मा, पहाड़सिंह राव, दिनेश दवे, श्यामलाल दवे, नेनाराम चौहान, श्यामलाल खेतावत, लक्ष्मण सिंह राव, कपूराराम जीनगर, निरंजन व्यास, वेलाराम घाची, सुरम सिंह, कालुराम परमार, जगदीश जाट, सालूराम देवासी, बगदाराम, मनोज गुप्ता, पारस घाची, जयरूपाराम माली, कन्हैयालाल खण्डेलवाल, दिनेश सोनी चाटवाड़ा, ओमप्रकाश खेतावत, भारताराम सुंदेशा, अरविंद बंजारा, पारस बंजारा, भावेश बंजारा, चिराग सोनी, विक्रम राठी, राहुल सोनी, यूनुस खान सहित अनेक लोग शामिल रहे।

निष्कर्ष

श्रीमद्भागवत कथा अन्नकूट महोत्सव भीनमाल न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह समाज को सेवा, भक्ति और जिम्मेदारी का संदेश देने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम भी बना। संत अभयदास महाराज के विचारों ने श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार किया।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp