श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल में 4 से 10 अप्रैल तक भव्य आयोजन, अभयदास महाराज के प्रवचन, कलश यात्रा से शुभारंभ, जानें पूरी जानकारी।
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल: भक्ति और आस्था का भव्य आयोजन
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल के तहत नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर ट्रस्ट द्वारा एक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का आयोजन 4 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन राजस्थान के भीनमाल शहर के जाकोब तालाब स्थित मंदिर परिसर में किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है।
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल का महत्व
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का माध्यम है। भागवत कथा को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो जीवन के सही मार्ग, भक्ति और धर्म का संदेश देती है।इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों को समझने का अवसर मिलता है।
आयोजन का समय और स्थान
यह भव्य आयोजन 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। स्थान है — जाकोब तालाब स्थित नीमगोरिया क्षेत्रपाल मंदिर परिसर, भीनमाल।
🕑 कथा का समय:
- दोपहर 2:00 बजे से
- सायं 5:30 बजे तक
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल का शुभारंभ 4 अप्रैल को प्रातः 8:30 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा।यह यात्रा गायत्री शक्तिपीठ से शुरू होकर मंदिर परिसर तक पहुंचेगी। इसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति (महिलाएं) भाग लेंगी।
महत्वपूर्ण बातें:
- महिलाओं को कलश सामग्री शक्तिपीठ से ही दी जाएगी
- पंजीकरण अनिवार्य है
- अंतिम तिथि: 31 मार्च
कथा वाचन और प्रवचन
इस सात दिवसीय कथा महायज्ञ में प्रसिद्ध कथावाचक अभयदास महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद् भागवत महापुराण का अमृतमय ज्ञान प्रदान करेंगे।उनके प्रवचन श्रद्धालुओं को:
- धर्म का सही मार्ग
- जीवन के मूल्य
- भक्ति का महत्व
समझने में मदद करेंगे।
आयोजन समिति और तैयारियां
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए ट्रस्ट द्वारा लगातार तैयारियां की जा रही हैं।हाल ही में हुई बैठक में उपस्थित सदस्य:
- अध्यक्ष: प्रेमाराम बंजारा
- उपाध्यक्ष: नेनाराम
- सदस्य: कपूराराम जीनगर
- कोषाध्यक्ष: पहाड़सिंह राव
- सचिव: दिनेश दवे
बैठक में कथा आयोजन, व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
सामूहिक सहयोग से आयोजन
श्रीमद् भागवत कथा भीनमाल का आयोजन केवल ट्रस्ट ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।यह आयोजन समाज में एकता, सेवा और भक्ति की भावना को बढ़ावा देता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव
इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में:
- भक्ति का वातावरण
- आध्यात्मिक जागरण
- सांस्कृतिक चेतना
का प्रसार होगा।10 अप्रैल को इस महायज्ञ की पूर्णाहुति शुभ वेला में की जाएगी।

