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Shri Vijay Rajendra Surishwarji महाराजा की साहित्य सेवा पर भव्य निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

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Published On: 15 April 2026
Shri Vijay Rajendra Surishwarji Maharaj’s Literary Contributions

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Shri Vijay Rajendra Surishwarji महाराजा की साहित्य सेवा पर निबंध प्रतियोगिता: ज्ञान, 

नागदा (ब्रजेश बोहरा):
जैन धर्म की समृद्ध परंपरा, आचार्यों की ज्ञानधारा और साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक अत्यंत प्रेरणादायक और भव्य निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन विश्वपूज्य Shri Vijay Rajendra Surishwarji  महाराजा के 200वें जन्मोत्सव (द्विशताब्दी) के पावन अवसर पर संपन्न हो रहा है। यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि श्रद्धा, अध्ययन और सृजन का एक ऐसा मंच है, जो जैन समाज के आध्यात्मिक और साहित्यिक वैभव को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

द्विशताब्दी वर्ष: गौरव और प्रेरणा का प्रतीक

Shri Vijay Rajendra Surishwarji महाराजा का द्विशताब्दी जन्मोत्सव जैन समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है। उनका जीवन केवल धार्मिक साधना तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने साहित्य, ज्ञान और धर्मप्रभावना के माध्यम से समाज को एक नई दिशा प्रदान की।

उनकी रचनाएँ, प्रवचन और आध्यात्मिक विचार आज भी अनुयायियों के लिए मार्गदर्शक हैं। ऐसे महान आचार्य की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता उनके योगदान को याद करने और उसे आगे बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास है।

गुरु परंपरा के सान्निध्य में आयोजन

यह आयोजन जैन गुरु परंपरा के सान्निध्य में हो रहा है, जो इसे और भी अधिक पवित्र और प्रेरणादायक बनाता है। यह प्रतियोगिता युगप्रभावक पुण्यसम्राट गुरुदेव राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती में आयोजित की जा रही है।

इसके साथ ही यह आयोजन साध्वी डॉ. प्रीतिदर्शना श्रीजी म.सा. की प्रेरणा से हो रहा है, जो साध्वी महाप्रभा श्रीजी म.सा. की सुशिष्या हैं। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से यह आयोजन आध्यात्मिक ऊँचाइयों को स्पर्श कर रहा है।

प्रतियोगिता का उद्देश्य

इस निबंध प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य केवल प्रतिभा को मंच प्रदान करना नहीं है, बल्कि जैन धर्म के महान आचार्यों के साहित्यिक योगदान को समझना, उसका अध्ययन करना और उसे समाज में प्रसारित करना भी है।

प्रतियोगिता का विषय
“श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी महाराजा की साहित्य सेवा”
रखा गया है, जो प्रतिभागियों को उनके जीवन, कार्य, साहित्य और धर्मप्रभावना पर गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित करेगा।

यह विषय न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है, जो प्रतिभागियों के चिंतन और लेखन को नई दिशा देगा।

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साहित्य सेवा का महत्व

श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा की साहित्य सेवा जैन धर्म की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया, जिससे आम जन भी उन्हें समझ सके।

उनकी रचनाएँ केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले मार्गदर्शक ग्रंथ हैं। उन्होंने समाज में नैतिकता, संयम और आध्यात्मिकता का संदेश फैलाया।

ऐसे महान आचार्य की साहित्य सेवा पर आधारित यह प्रतियोगिता प्रतिभागियों को उनके विचारों को समझने और उन्हें अपने शब्दों में व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।

आकर्षक पुरस्कार और प्रोत्साहन

प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है, जो प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने का कार्य करेंगे:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹5000
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹3000
  • तृतीय पुरस्कार: ₹2000
  • इसके अतिरिक्त 36 प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे

ये पुरस्कार न केवल प्रतिभागियों के प्रयासों का सम्मान करेंगे, बल्कि उन्हें आगे भी लेखन और अध्ययन के लिए प्रेरित करेंगे।

सहभागिता के नियम और पात्रता

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुछ आवश्यक नियम निर्धारित किए गए हैं:

  • आयु सीमा: 15 से 50 वर्ष
  • निबंध की अधिकतम शब्द सीमा: 3000 शब्द
  • भाषा: हिन्दी या गुजराती
  • निबंध मौलिक और विषय पर आधारित होना चाहिए

ये नियम इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि प्रतियोगिता में गुणवत्ता और अनुशासन बना रहे।

निबंध भेजने की प्रक्रिया

प्रतिभागियों को अपना निबंध PDF फॉर्मेट में तैयार कर व्हाट्सएप नंबर 7935588723 पर “निबंध” लिखकर भेजना होगा।

  • अंतिम तिथि: 24 नवंबर 2026

यह सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया अधिक से अधिक लोगों को भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।

परिणाम घोषणा और विशेष दिवस

प्रतियोगिता का परिणाम 15 जनवरी 2027 को घोषित किया जाएगा, जो दादा गुरुदेव के द्विशताब्दी जन्मोत्सव का पावन दिन है। इस दिन विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और उनके प्रयासों की सराहना की जाएगी।

लाभार्थी परिवार का योगदान

इस पावन आयोजन के लाभार्थी
सोभागचंदजी कांताबाई मांडोत परिवार, पुणे
हैं। परिवार के सदस्य—धर्मेन्द्र, पलक, केतन, यशी और लब्धि—इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनका यह योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है और यह दर्शाता है कि परिवारिक स्तर पर भी धर्म और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।

समाज के लिए प्रेरणा

यह प्रतियोगिता केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह युवा पीढ़ी को अपने धर्म, संस्कृति और साहित्य से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

आज के डिजिटल युग में, जब लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन उन्हें अपनी परंपराओं की ओर लौटने के लिए प्रेरित करते हैं।

लेखन के माध्यम से आत्मविकास

निबंध लेखन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आत्मविकास का एक माध्यम है। यह व्यक्ति के विचारों को स्पष्ट करता है, उसकी अभिव्यक्ति को सशक्त बनाता है और उसे गहराई से सोचने की क्षमता प्रदान करता है।

इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागी न केवल अपने लेखन कौशल को निखारेंगे, बल्कि जैन धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को भी समझ पाएंगे।

आयोजकों की अपील

आयोजकों ने सभी योग्य प्रतिभागियों से विनम्र अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लें और इस पावन अवसर का लाभ उठाएं।

साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि प्रतिभागी नियमित जानकारी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें, जिससे उन्हें प्रतियोगिता से संबंधित सभी अपडेट समय पर मिल सकें।

संपर्क जानकारी

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक प्रतिभागी
ब्रजेश बोहरा – 9827244175
पर संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अंततः, यह निबंध प्रतियोगिता जैन धर्म की समृद्ध साहित्यिक और आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। Shri Vijay Rajendra Surishwarji  महाराजा की द्विशताब्दी के इस पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज को ज्ञान, श्रद्धा और सृजन की दिशा में प्रेरित करेगा।

यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी देगा। निश्चित रूप से यह प्रतियोगिता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगी और जैन साहित्य की परंपरा को और अधिक समृद्ध करेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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