श्री विद्यासागर युवा संगठन ने आयोजित की विशाल भोजन सेवा, 1100 से अधिक जरूरतमंदों ने पाया लाभ
ब्यावर: प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म और तप कल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर श्री विद्यासागर युवा संगठन ने समाज सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। संगठन द्वारा आयोजित इस विशेष सेवा प्रकल्प के अंतर्गत एक विशाल भोजन सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें 1100 से अधिक जरूरतमंद और निर्धन लोगों को भोजन कराया गया।
“आदि प्रभु की भक्ति हो, दीन-दुखियों की सेवा हो” के पावन संकल्प के साथ संगठन के सदस्यों ने समाज के कमजोर वर्ग को भोजन उपलब्ध कराकर मानवता का संदेश दिया। इस सेवा कार्य ने यह साबित कर दिया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है।
भगवान आदिनाथ के आदर्शों को आत्मसात कर सेवा
संगठन के संगठन मंत्री अमित गोधा ने बताया कि भगवान आदिनाथ ने मानव समाज को दान, त्याग और सेवा का मार्ग दिखाया। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। यही प्रेरणा संगठन के सदस्यों को मिली और उन्होंने इस पावन अवसर पर जरूरतमंद भाई-बहनों की सेवा करने का निर्णय लिया।
अमित गोधा ने आगे कहा, “भगवान आदिनाथ के आदर्शों को आत्मसात करते हुए युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित करना हमारी प्राथमिकता है। इस सेवा कार्य के माध्यम से हम समाज में दान, सेवा और त्याग के मूल्यों को बढ़ावा देना चाहते हैं।”
विशाल भोजन सेवा का आयोजन
संगठन के अध्यक्ष कमल जैन, मंत्री कल्पेश जैन और संगठन मंत्री अमित गोधा ने बताया कि यह सेवा कार्य सुबह महावीर कीर्ति स्तंभ, अजमेरी गेट के बाहर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के सदस्य स्वयं सेवा करते हुए 1100 से अधिक जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराते रहे।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर अतिथियों द्वारा भगवान आदिनाथ के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन कर आयोजन की शुरुआत की गई। इस अवसर ने धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से कार्यक्रम को विशेष बनाया।
संगठन के सदस्यों ने स्वयं भोजन वितरण किया और सुनिश्चित किया कि सभी को प्रेम और सम्मान के साथ भोजन मिले। इस प्रयास ने यह दिखाया कि समाज सेवा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक मानवता का संदेश है।

समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित
इस पावन आयोजन में श्री दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष अशोक काला और मंत्री विजय फागीवाला सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
उपस्थित सदस्यों में प्रमुख थे:
- राजकुमार पहाड़िया, शशिकांत गदिया, प्रकाश गदिया, संजय रावका, दिनेश अजमेरा
- चंद्रप्रकाश गोधा, घनश्यामदास शास्त्री, संजय गंगवाल, अरुण कासलीवाल, विरेंद्र गोधा
- कमल जैन, कल्पेश जैन, अक्षत कटारिया, अंशुल रानीवाला, उज्ज्वल काला
- अमित बाकलीवाल, चंचल जैन, अंकित रावंका, सुमित पहाड़िया, सुदेश पाटनी
- अमित गोधा, मोहित जैन, श्रेणिक छाबड़ा, दीपक सोनी, हरीश जैन
- टीकम कासलीवाल, विकल कासलीवाल, संदीप पाटनी, विश्वास फागीवाला, यश पहाड़िया
- सन्मति रावंका, आशीष गदिया, पुष्प काला, चंद्रेश रावंका, पीयूष कासलीवाल
- वैभव गंगवाल, हितेश रावंका और अन्य समाजजन
उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने श्री विद्यासागर युवा संगठन के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।
युवाओं ने पेश की मानवता की मिसाल
इस आयोजन में युवाओं ने न केवल सेवा की, बल्कि मानवता, दान और त्याग का अद्भुत उदाहरण पेश किया। संगठन के सदस्य स्वयं भोजन वितरण में लगे रहे और यह सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद सम्मानपूर्वक भोजन प्राप्त करे।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकजुटता, सहानुभूति और सेवा भावना को बढ़ावा मिलता है।
संगठन के संदेश और प्रेरणा
श्री विद्यासागर युवा संगठन ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि समाज में सेवा और दान के मूल्यों को बढ़ावा देना है। संगठन के अध्यक्ष कमल जैन ने कहा, “हमारा लक्ष्य युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है। भगवान आदिनाथ के आदर्शों को अपनाकर ही हम समाज में सच्चा बदलाव ला सकते हैं।”
संगठन द्वारा लगातार किए जा रहे सामाजिक कार्य, चाहे वह भोजन सेवा, रक्तदान, शिक्षा या स्वास्थ्य सेवा हो, समाज में युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं।

नागरिकों और समाजजनों की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी श्री विद्यासागर युवा संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी हैं। नागरिकों ने संगठन के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
संगठन के माध्यम से युवाओं ने यह संदेश दिया कि धार्मिक उत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के जरूरतमंदों की सेवा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
श्री विद्यासागर युवा संगठन द्वारा आयोजित यह विशाल भोजन सेवा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता का संदेश है। 1100 से अधिक जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना, युवाओं की सक्रिय भागीदारी, समाज के गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति और संगठन का समर्पण सभी मिलकर इसे एक यादगार अवसर बनाते हैं।
भगवान आदिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के पावन अवसर पर इस सेवा कार्य ने यह साबित किया कि दान, सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाकर ही समाज में सच्चा बदलाव लाया जा सकता है।
