मेघनाद घाट पर श्री शिव महापुराण आयोजन की पूर्णाहुति आज, महाप्रसादी में शामिल होने का आह्वान
21 वर्षों से धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों की परंपरा जारी
मेघनाद घाट। गुरुदेव की कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद और मां नर्मदा की चरण-शरण को समर्पित धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की परंपरा पिछले 21 वर्षों से लगातार जारी है। इसी धार्मिक परंपरा के तहत इस वर्ष परम गौ भक्त पंडित शिव गुरु शर्मा, उन्हेल के द्वारा 21 अगस्त से 27 अगस्त तक श्री शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की पूर्णाहुति गुरुवार, 27 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजक की ओर से सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से सहपरिवार और इष्ट-मित्रों के साथ अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में पहुंचने की अपील की गई है।
धार्मिक अनुष्ठानों को बढ़ावा देने का प्रयास
आयोजक ने बताया कि पिछले 21 वर्षों से धार्मिक अनुष्ठानों को बढ़ावा देने और सनातन धर्म की परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में शतचंडी पाठ, महारुद्र पाठ, लक्ष्मी नारायण यज्ञ और अखंड रामायण पाठ जैसे धार्मिक आयोजन कराए गए।
इसके साथ ही पर्यावरण सुरक्षा और मां नर्मदा के तटों पर स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों को भी इस पहल से जोड़ा गया। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आध्यात्मिक चेतना के साथ पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
ओंकारेश्वर से शुरू हुई धार्मिक यात्रा
आयोजक के अनुसार इस धार्मिक आयोजन की यात्रा का पहला वर्ष ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग से शुरू हुआ। दूसरे वर्ष काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और तीसरे वर्ष रामेश्वर ज्योतिर्लिंग में धार्मिक आयोजन किए गए। इसके बाद लगातार 12 वर्षों तक निमाड़ क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
इन आयोजनों को सफल बनाने में क्षेत्र के ब्राह्मण बंधुओं और धार्मिक आस्थावान लोगों का निरंतर सहयोग मिलता रहा है। आयोजक ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
संतों और आश्रमों का मिलता रहा आशीर्वाद
धार्मिक आयोजन की इस यात्रा में बालीपुर कनक धाम आश्रम, धर्मराय धाम, हनुमान गणेश मंदिर तालनपुर धाम, विद्याधाम इंदौर, गंगाकुई धाम और सियाराम बाबा सहित अनेक संतों एवं धार्मिक स्थलों का आशीर्वाद मिलता रहा है।
आयोजक के अनुसार श्री श्री 1008 बालमुकुंद दास महाराज जी की तपोस्थली मेघनाद घाट पर यह आयोजन लगातार छठे वर्ष आयोजित हो रहा है और अब पूर्णता की ओर है।
शिव महापुराण में उमड़ रहे श्रद्धालु
21 अगस्त से चल रहे श्री शिव महापुराण आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजन स्थल पर धार्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि शिव महापुराण के श्रवण से श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रेरणा मिलती है और समाज में सद्भाव, सेवा तथा संस्कारों को मजबूत करने का संदेश जाता है।
27 अगस्त को पूर्णाहुति और भंडारा
श्री शिव महापुराण आयोजन की पूर्णाहुति गुरुवार 27 अगस्त को ठीक सुबह 11 बजे होगी। पूर्णाहुति के पश्चात महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए आयोजन समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजक ने सभी धर्मप्रेमी जनों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार और इष्ट-मित्रों के साथ मेघनाद घाट पहुंचें और पूर्णाहुति कार्यक्रम में सहभागी बनें।
सहयोग के लिए जताया आभार
आयोजक ने कहा कि पिछले 21 वर्षों से धार्मिक आयोजनों की जानकारी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से समाज के लोगों तक पहुंचाना उनका प्रयास रहा है। श्रद्धालुओं और ब्राह्मण समाज के लोगों का सहयोग हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। इसी सहयोग, संतों के आशीर्वाद और मां नर्मदा की कृपा से यह धार्मिक यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 27 अगस्त को सुबह 11 बजे मेघनाद घाट पहुंचकर श्री शिव महापुराण की पूर्णाहुति, धार्मिक अनुष्ठान और महाप्रसाद में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
नर्मदे हर। जय माताजी। जय गणेश। जय परशुराम।
