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श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar भूमिपूजन में मानव सेवा और संस्कारों का प्रेरक संदेश बना आकर्षण का केंद्र

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Published On: 12 May 2026
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श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का भूमिपूजन वज्रतिलक विजयजी महाराज की निश्रा में संपन्न हुआ, मानव सेवा का संदेश दिया गया।

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का भूमिपूजन श्रद्धा और सेवा भाव के साथ संपन्न

भायंदर। श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का भूमिपूजन समारोह श्रद्धा, सेवा और मानवता के प्रेरणादायक संदेश के साथ संपन्न हुआ। भायंदर (वेस्ट) के उत्तन रोड पर बनने जा रहे इस वृद्धाश्रम का निर्माण जिनभक्ति मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट (मुंबई) एवं गोल्डन स्टार फाउंडेशन (मीरा भाईंदर) द्वारा किया जा रहा है।यह आयोजन वृद्धाश्रम प्रणेता गुरुराम-अभय शिशु परम पूज्य गणिवर्य जिनरत्नविजयजी म.सा. की प्रेरणा और श्री वज्रतिलक विजयजी म.सा. की निश्रा में संपन्न हुआ।भूमिपूजन समारोह में बड़ी संख्या में समाजसेवी, धार्मिक व्यक्तित्व और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का भूमिपूजन

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का भूमिपूजन समारोह धार्मिक वातावरण और मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ।भायंदर (वेस्ट) के उत्तन रोड पर बनने जा रहा यह वृद्धाश्रम समाज सेवा और मानव कल्याण के उद्देश्य से तैयार किया जाएगा।कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

मानव सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म

भूमिपूजन समारोह के दौरान श्री वज्रतिलक विजयजी म.सा. ने मानव सेवा के महत्व पर विस्तृत विचार व्यक्त किए।

मानव सेवा श्रेष्ठ सेवा”

गुरुदेव ने कहा कि मानव सेवा जीवन की सबसे श्रेष्ठ सेवा है।उन्होंने कहा कि “मानव सेवा श्रेष्ठ सेवा” केवल एक वाक्य नहीं बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है।

सेवा का वास्तविक अर्थ

गुरुदेव ने कहा कि सेवा केवल धन देने तक सीमित नहीं है।

  • दुखी व्यक्ति को सांत्वना देना
  • भूखे को भोजन देना
  • बीमार की सेवा करना
  • अनपढ़ को शिक्षा देना
  • जरूरतमंद की सहायता करना

भी सच्ची सेवा के रूप हैं।

सेवा और परोपकार पर गुरुदेव का संदेश

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar भूमिपूजन के दौरान गुरुदेव ने समाज को सेवा और परोपकार का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

निस्वार्थ सेवा का महत्व

उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया हर छोटा कार्य भी सेवा कहलाता है।दूसरों की मदद करने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, वह किसी भौतिक वस्तु से नहीं मिल सकता।

समाज निर्माण में सेवा की भूमिका

गुरुदेव ने कहा कि जब लोग एक-दूसरे की सहायता करते हैं, तभी एक मजबूत और संवेदनशील समाज का निर्माण होता है।

समाज और संस्कारों के निर्माण पर जोर

कार्यक्रम में गुरुदेव ने वर्तमान समय में सेवा संस्कारों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

बच्चों में सेवा के संस्कार जरूरी

उन्होंने कहा कि आज के स्वार्थी युग में मानव सेवा की भावना कम होती जा रही है।इसलिए बच्चों को बचपन से ही सेवा और परोपकार के संस्कार देना आवश्यक है।

विभिन्न सेवा कार्यों की प्रेरणा

गुरुदेव ने रक्तदान, नेत्रदान, शिक्षा दान और समय दान जैसे कार्यों को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

वृद्धाश्रम निर्माण का उद्देश्य

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar का उद्देश्य वृद्धजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सेवा भाव से युक्त वातावरण प्रदान करना है।

वृद्धजनों के लिए सहारा

वृद्धाश्रम उन बुजुर्गों के लिए आश्रय और सहयोग का केंद्र बनेगा जिन्हें देखभाल और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता है।

सेवा और संवेदना का केंद्र

आयोजकों ने बताया कि यह वृद्धाश्रम केवल भवन नहीं बल्कि सेवा, करुणा और संवेदना का केंद्र होगा।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति

भूमिपूजन समारोह में कई प्रमुख समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।इनमें मुख्य रूप से —

  • किशोर गोसलीया
  • अरुणजी (दादर)
  • जयंतीभाई जैन (चेंबूर)
  • प्रकाश जैन
  • कोरटा तीर्थ ट्रस्टी किरण मेहता (अंधेरी)
  • नवीन आर. गाला (दादर)
  • बाबूभाई भगवानजी (दादर)
  • कोरटा तीर्थ ट्रस्टी दिलीप पुनमिया
  • चंपालालजी जैन
  • दीपक जैन
  • राजन भोसले
  • मुकेश भाई दर्शन

विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सेवा भावना से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar  कार्यक्रम के दौरान कई प्रेरणादायक बातें साझा की गईं।

वृक्ष और नदियों से सीख

गुरुदेव ने कहा कि जैसे वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते और नदियां अपना जल स्वयं नहीं पीतीं, वैसे ही मनुष्य का जीवन भी दूसरों के कल्याण के लिए होना चाहिए।

कर्म ही सबसे बड़ी पूंजी

उन्होंने कहा कि जीवन के अंत में पद, पैसा और प्रतिष्ठा साथ नहीं जाते, केवल अच्छे कर्म ही मनुष्य के साथ जाते हैं।

समाज के लिए नई पहल

यह वृद्धाश्रम परियोजना समाज में सेवा और सहयोग की नई मिसाल बनकर सामने आई है।

समाजसेवियों ने जताया सहयोग

उपस्थित लोगों ने वृद्धाश्रम निर्माण में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

संपर्क जानकारी

अधिक जानकारी के लिए —

  • OFFICE: 9967821921
  • महेंद्र जैन
  • किशोर गोसलिया — 9323979387

से संपर्क किया जा सकता है।

निष्कर्ष

भायंदर में आयोजित श्री महावीर वृद्धाश्रम Bhayandar भूमिपूजन समारोह मानव सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सेवा और संवेदना से ही समाज मजबूत और संस्कारित बनता है।

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