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इंदौर में श्री चंद्रनाथ जिनालय अम्बिकापुरी में भरत कुसुम मोदी सन्त सदन का भव्य शिलान्यास समारोह, मुनि सेवा का उज्जवल प्रतीक

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Published On: 11 November 2025
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इंदौर समाचार: श्री चंद्रनाथ जिनालय अम्बिकापुरी में “भरत कुसुम मोदी सन्त सदन” का भव्य शिलान्यास एवं प्रथम आवरण समारोह संपन्न

इंदौर (Indore Jain Samaj News):
इंदौर शहर के एरोड्रम रोड स्थित तीर्थ स्वरूप श्री चंद्रनाथ जिनालय, अम्बिकापुरी परिसर में रविवार को भव्य धार्मिक एवं सामाजिक माहौल के बीच “भरत कुसुम मोदी सन्त सदन” के शिलान्यास एवं प्रथम आवरण समारोह का आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक क्षण जैन समाज के लिए गर्व, हर्ष और पुण्य का अद्भुत संगम बना।

इस शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे भामाशाह समाजसेवी दानवीर श्री भरत कुसुम मोदी, जिनके करकमलों से “भरत कुसुम मोदी सन्त सदन” के निर्माण कार्य का शिलान्यास संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य, धर्मप्रेमी बंधु एवं महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संत सदन: मुनि सेवा का उज्जवल प्रतीक

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संत सदन जैन मुनियों एवं साधु-साध्वियों के निवास हेतु समर्पित एक पवित्र स्थल होगा। उन्होंने कहा कि –

“भरत कुसुम मोदी संत सदन आने वाले समय में मुनि सेवा, धर्म प्रचार और साधना का केंद्र बनेगा। यह भवन जैन समाज की सेवा भावना और त्याग की मिसाल पेश करेगा।”

उन्होंने आगे बताया कि श्री चंद्रनाथ जिनालय के पूर्ण मार्बल निर्माण और नवीन भवन संरचना का कार्य भी श्री भरत कुसुम मोदी परिवार के आर्थिक सहयोग से किया जा रहा है। यह समाजसेवा का एक प्रेरणादायी उदाहरण है, जो जैन धर्म के आदर्शों को साकार रूप देगा।

शिलान्यास समारोह का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान से

समारोह का शुभारंभ मंगलाचरण, नवकार मंत्र एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत समागम देखा गया। श्री भरत कुसुम मोदी और श्रीमती कुसुम मोदी ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद संत सदन का शिलान्यास किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारों और मंत्रोच्चार के बीच इस पवित्र क्षण का साक्षी बनकर अपने आप को धन्य महसूस किया।

जिनालय ट्रस्ट द्वारा सम्मान समारोह

श्री चंद्रनाथ जिनालय ट्रस्ट के अध्यक्ष विजेंद्र सोगानी एवं मंत्री डॉ. अभिषेक सेठी ने इस अवसर पर उपस्थित सभी समाज श्रेष्ठियों, दानवीरों और सेवाभावियों का बहुमान किया। उन्होंने कहा कि –

“जैन समाज सदैव धर्म, सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। आज भरत कुसुम मोदी जी जैसे भामाशाह के सहयोग से यह पवित्र कार्य संभव हुआ है। उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।”

कार्यक्रम में समाजसेवी हंसमुख गांधी, कैलाश वेद, आकाश पांड्या, नकुल पाटोदी, अर्पित वाणी, प्रदीप बड़जात्या, मयंक जैन, अनामिका बाकलीवाल, संजय पाटोदी, धन्नकुमार अजमेरा सहित अनेक गणमान्य समाजजन उपस्थित रहे और सम्मानित किए गए।

कार्यक्रम संचालन और आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का संचालन प्रभावशाली शैली में अर्पित वाणी ने किया, जिन्होंने अपनी मधुर वाणी से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
अंत में, जिनालय ट्रस्ट के अध्यक्ष विजेंद्र सोगानी ने सभी उपस्थित अतिथियों, सहयोगकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि –

“यह केवल शिलान्यास नहीं, बल्कि समाज की आस्था, एकता और धार्मिक समर्पण का प्रतीक है। भविष्य में यह संत सदन पूरे देश के जैन समाज के लिए गौरव का केंद्र बनेगा।”

भरत कुसुम मोदी सन्त सदन की विशेषताएं

  1. नवीन संरचना: अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन, जिसमें मुनि भगवंतों के लिए साधना, ध्यान और विश्राम की व्यवस्था होगी।

  2. पूर्ण मार्बल निर्माण: पूरा परिसर श्वेत संगमरमर से निर्मित होगा, जिससे इसकी पवित्रता और सौंदर्य दोनों में वृद्धि होगी।

  3. पर्यावरण अनुकूल डिज़ाइन: परिसर में हरियाली, जल संरक्षण और सौर ऊर्जा जैसी पर्यावरणीय योजनाओं का समावेश किया जाएगा।

  4. आध्यात्मिक केंद्र: यह स्थान धार्मिक आयोजनों, प्रवचन कार्यक्रमों और समाज सेवा गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनेगा।

भामाशाह भरत कुसुम मोदी का योगदान

श्री भरत मोदी और श्रीमती कुसुम मोदी लंबे समय से जैन समाज में अपने सामाजिक कार्यों और दानशीलता के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके सहयोग से कई धार्मिक एवं शैक्षणिक परियोजनाएं सफलतापूर्वक संचालित हुई हैं।
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि –

“भरत कुसुम मोदी परिवार का यह योगदान समाज में सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने मुनि सेवा और समाज उत्थान के लिए जो भावना दिखाई है, वह अतुलनीय है।”

समाज की एकता और सेवा का संदेश

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता, सेवा भावना और धर्म निष्ठा में निहित है। संत सदन का निर्माण इसी भावना का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि जब समाज एक साथ मिलकर कुछ करता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।

समापन

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक नवकार मंत्र का जाप किया गया और सभी ने समाज में शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की।
इस तरह श्री चंद्रनाथ जिनालय, अम्बिकापुरी (इंदौर) में भरत कुसुम मोदी सन्त सदन शिलान्यास एवं प्रथम आवरण समारोह श्रद्धा, सेवा और आनंद के अद्भुत वातावरण में संपन्न हुआ।

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