—Advertisement—

शिवराज की दिल्ली शिकायत और मोहन यादव का कमजोर कंट्रोल? — जीतू पटवारी का बड़ा बयान

Author Picture
Published On: 27 November 2025
jitu patwari mohan yadav

—Advertisement—

शिवराज सिंह चौहान दिल्ली जाकर शिकायत करते हैं, मोहन यादव का मंत्रियों पर कंट्रोल नहीं — जीतू पटवारी का बड़ा आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जीएसटी कलेक्शन के मुद्दे पर हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों द्वारा वित्त मंत्री पर सवाल उठाए जाने के बाद, इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

जीतू पटवारी का दावा है कि मंत्रियों के बीच गहरे मतभेद हैं और मंत्रिमंडल के भीतर एक ऐसा अलग समूह तैयार हो चुका है, जो वर्तमान मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम कर रहा है। इस समूह का नेतृत्व, उनके अनुसार, कोई और नहीं बल्कि शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं, जो लगातार दिल्ली जाकर शिकायतें कर रहे हैं।

कैबिनेट में जीएसटी कलेक्शन को लेकर विवाद — वही मुद्दा जो बना बड़ा राजनीतिक सवाल

प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन घटने को लेकर कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने वित्त विभाग और इससे जुड़े निर्णयों पर सवाल खड़े किए थे।

कांग्रेस का कहना है कि आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है, ऊपर से मंत्रियों के बीच ऐसा टकराव प्रदेश के लिए शुभ संकेत नहीं है। पटवारी का आरोप है कि भाजपा की अंदरूनी कलह अब खुले मंच पर दिखने लगी है और यह प्रदेश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

“मंत्रियों का झगड़ा बढ़ रहा है, शिवराज कर रहे हैं दिल्ली में शिकायत” — पटवारी

पार्टी कार्यालय में हुई बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा:

“मैं लगातार कह रहा हूँ कि मंत्रियों के बीच आपसी झगड़े बढ़ चुके हैं। मंत्रीमंडल में एक समूह बन गया है, जिसका नेतृत्व शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं। यह समूह लगातार दिल्ली में संघ और केंद्रीय नेतृत्व से शिकायत करता है ताकि मुख्यमंत्री को कमजोर किया जा सके।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता खुद अपनी ही सरकार को अस्थिर करने में लगे हैं।

पटवारी ने कहा कि यह स्थिति न केवल राजनीतिक अस्थिरता पैदा करती है बल्कि प्रशासनिक मशीनरी का मनोबल भी गिराती है।

“हम खुश नहीं हैं कि वे आपस में लड़ रहे हैं” — पटवारी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा के अंदरूनी विवाद से पार्टी को कोई राजनीतिक लाभ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा—

“हमारा दायित्व यह नहीं है कि वे आपस में लड़ें तो हम खुश हों। हमारा दायित्व है कि मध्यप्रदेश मजबूत बने। हम चाहते हैं कि प्रदेश का भविष्य सुरक्षित हो।”

लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री का प्रशासन पर से नियंत्रण लगातार कमजोर हो रहा है।

“मोहन यादव न तो मंत्रीमंडल पर नियंत्रण कर पा रहे हैं, न ही प्रशासनिक अमले पर। ऐसे में प्रदेश कैसे आगे बढ़ेगा?”

पटवारी ने इसे प्रदेश के लिए “खतरनाक संकेत” बताया।

वित्त मंत्री पर बड़ा हमला — “कर्ज लिया जाता है और 50% कमीशन खाया जाता है”

पत्रकारों से चर्चा में पटवारी ने आर्थिक मुद्दे पर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा—

“वित्त मंत्री रोज कर्ज ले रहे हैं और उस पर 50 फीसदी तक कमीशन खाया जा रहा है। स्थिति यह है कि हर दिन करीब 200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाता है और उसमें से 100 करोड़ रुपये गायब कर लिए जाते हैं।”

उन्होंने इस मॉडल को “भ्रष्टाचार का नया पैटर्न” बताया और दावा किया कि सरकार ने प्रदेश को कर्ज के जाल में फंसा दिया है।

पटवारी बोले कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाली पीढ़ियों पर इसका भारी बोझ पड़ेगा, और प्रदेश गहरे आर्थिक संकट में चला जाएगा।

राजनीतिक खर्च पर तंज — “जिस माइक से भाषण दे रहे हैं, वह भी कर्ज का”

पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की हालिया सभाओं और सरकारी कार्यक्रमों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा—

“राजनीतिक अय्याशी क्या होती है? सरकारी खर्च पर भीड़ जुटाना, कर्ज लेकर बड़े मंच बनवाना, कर्ज के पैसों से माइक और लाइट लगाना — और फिर भाषण में कहना कि स्वागत करो। यह जनता के पैसों की बर्बादी है।”

उन्होंने कहा कि अगर सरकार विकास कार्यो पर खर्च करती तो जनता भी उसका समर्थन करती, लेकिन यहां तो स्थिति उलट है— कर्ज लिया जा रहा है और उसका उपयोग प्रचार के लिए किया जा रहा है।

“सवाल पूछो तो सरकार नाराज हो जाती है”

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार आलोचना सहन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा—

“जब मैं सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता हूं तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री नाराज हो जाते हैं। लेकिन विपक्ष का कर्तव्य ही है सवाल पूछना।”

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में लोकतांत्रिक परंपराएँ कमजोर हो रही हैं और किसी भी तरह की आलोचना को दुश्मनी की तरह लिया जा रहा है।

“जनता ने जनादेश विकास के लिए दिया था, दुख देने के लिए नहीं” — पटवारी

समापन में पटवारी ने कहा—

“मध्यप्रदेश की जनता ने बीजेपी को इतना बड़ा जनादेश इसलिए नहीं दिया था कि वे प्रदेश को दुख, दर्द और आर्थिक संकट में डाल दें। यह सरकार जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ कर रही है।”

उन्होंने कहा कि जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और आने वाले समय में भाजपा को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना होगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp