सीहोर में नर्मदा नदी से हो रहे अवैध रेत खनन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भड़क गए और तीन अफसरों को कड़ी फटकार लगाई।
शिवराज सिंह चौहान अवैध रेत खनन पर सख्त
शिवराज सिंह चौहान अवैध रेत खनन को लेकर एक बार फिर सख्त नजर आए। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
बैठक के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो दिखाकर अधिकारियों से सवाल किया कि जब खुलेआम नर्मदा नदी में पोकलेन और जेसीबी मशीनें चल रही हैं, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।
नर्मदा में अवैध खनन पर भड़के शिवराज सिंह चौहान
सीहोर जिले की इस महत्वपूर्ण बैठक में जब नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा उठा तो शिवराज सिंह चौहान अवैध रेत खनन के मामले में बेहद नाराज दिखाई दिए।
उन्होंने कलेक्टर बालागुरु को मोबाइल में वीडियो दिखाते हुए कहा —
“अगर मैं यह वीडियो यहीं चला दूं तो ठीक नहीं रहेगा। यह वीडियो कल रात का ही है। नर्मदा में खुलेआम मशीनें चल रही हैं।”
उनकी इस सख्त टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद अधिकारी एक पल के लिए चुप हो गए।
कलेक्टर को दिखाया वीडियो, जवाब देते नहीं बना
शिवराज सिंह चौहान अपने साथ एक पेन ड्राइव और मोबाइल वीडियो भी लेकर पहुंचे थे।उन्होंने कहा कि यह सबूत दिखाता है कि नर्मदा नदी में रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है।जब माइनिंग अफसर धर्मेंद्र चौहान ने सफाई देने की कोशिश की कि कार्रवाई की जाती है, तब शिवराज ने तुरंत कहा —
“यह वीडियो एक रात का नहीं, कई घटनाओं का है। अगर कार्रवाई हो रही है तो यह सब कैसे हो रहा है?”उनकी इस बात का अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नहीं था।
इन तीन अधिकारियों पर गुस्सा
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान अवैध रेत खनन के मुद्दे पर खास तौर पर तीन अधिकारियों पर नाराज हो गए।
अर्चना पटेल – डीएफओ
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए शिवराज ने कहा किवन विभाग के कुछ कर्मचारी खुलेआम वसूली कर रहे हैं और पुराने पट्टों की जांच के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा —”20-20 साल पुराने पट्टों की जांच के नाम पर रेंजर वसूली कर रहे हैं। यहां तक कि नगर परिषद की जेसीबी तक जब्त कर ली गई।”
धर्मेंद्र चौहान – माइनिंग अफसर
माइनिंग विभाग पर भी शिवराज ने तीखा हमला बोला।बैठक में विधायक रमाकांत भार्गव ने कहा कि नर्मदा नदी में रेत का अवैध खनन लगातार हो रहा है और इसमें कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है।उन्होंने आरोप लगाया —”जो पैसे देता है उसकी मशीन चलती है, और जो पैसे नहीं देता उसकी मशीन पकड़ ली जाती है।”इस आरोप पर शिवराज सिंह चौहान बेहद नाराज हो गए।
केके उपाध्याय – उपनिदेशक कृषि
कृषि विभाग की योजनाओं को लेकर भी शिवराज ने नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि बुदनी क्षेत्र के किसानों को बोवनी के समय मिलने वाला केंद्र सरकार का अनुदान नहीं मिल रहा है।उन्होंने अधिकारियों से कहा —”अगर जांच करा दी जाए तो अभी एफआईआर हो सकती है।”
नर्मदा नदी पर बढ़ता संकट
नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवनरेखा मानी जाती है।लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रेत माफिया के कारण नदी की प्राकृतिक संरचना को भारी नुकसान पहुंच रहा है।अवैध खनन के कारण —
- नदी का प्रवाह बदल रहा है
- पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है
- आसपास के गांवों में कटाव बढ़ रहा है
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जैव विविधता पर खतरा बढ़ रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
प्रशासन को कड़ा संदेश
सीहोर की इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान का सख्त रुख प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि सरकार अब अवैध खनन को लेकर गंभीर है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में —
- बड़े स्तर पर जांच
- अधिकारियों पर कार्रवाई
- रेत माफिया पर सख्त कदम
देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
शिवराज सिंह चौहान अवैध रेत खनन के मुद्दे पर जिस तरह से सख्त नजर आए हैं, उससे साफ है कि नर्मदा नदी को बचाने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार अब सख्त कदम उठाने के मूड में है।सीहोर की बैठक में अधिकारियों को दी गई फटकार केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि एक बड़ा संदेश भी है कि नर्मदा नदी के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
