इंदौर कलेक्टर का सख्त एक्शन: Coldrif Cough Syrup लिखने या बेचने पर डॉक्टर और केमिस्ट सीधे जाएंगे जेल, आज से शुरू होगा सघन जांच अभियान
इंदौर, अक्टूबर 2025 —
छिंदवाड़ा में जहरीले Coldrif Cough Syrup से हुई बच्चों की मौत के बाद अब इंदौर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले में कड़ी कार्यवाही के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी डॉक्टर प्रतिबंधित या संदिग्ध दवाओं वाले कफ सिरप को मरीजों को लिखते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। साथ ही, ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔹 प्रशासनिक जांच अभियान आज से शुरू
कलेक्टर के निर्देश पर मंगलवार से पूरे इंदौर जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। इस दौरान दवा बाजार, मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों से सभी प्रकार के कफ सिरप के नमूने एकत्र किए जाएंगे।
इन नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा जाएगा। यदि किसी सिरप में प्रतिबंधित या हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो निर्माता, विक्रेता और संबंधित डॉक्टर — तीनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🔹 दवा बाजार में कलेक्टर की कड़ी निगरानी
कलेक्टर शिवम वर्मा ने सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट को निर्देश दिए हैं कि वे दवा बाजार और शिशु रोग विशेषज्ञों (पीडियाट्रिशन) पर लगातार निगरानी रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔹 इंदौर में Coldrif Syrup की सप्लाई नहीं — ड्रग विभाग
ड्रग इंस्पेक्टर लोकेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार को सात प्रमुख डिपो का निरीक्षण किया गया। किसी भी स्थान पर Coldrif Cough Syrup का स्टॉक नहीं मिला है। फिलहाल, इंदौर में इस सिरप की सप्लाई नहीं की गई है।
🔹 बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू
कलेक्टर शिवम वर्मा ने यह भी ऐलान किया कि इंदौर जिले में Coldrif Cough Syrup की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित की जाती है।
उन्होंने सभी ड्रग कंट्रोलरों को फील्ड में रहकर विशेष निगरानी बनाए रखने और संदिग्ध दवाओं पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।
🔹 डॉक्टर और केमिस्ट पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट कहा —
“यदि कोई डॉक्टर प्रतिबंधित सिरप लिखता है या कोई केमिस्ट इसे बेचता पाया गया, तो दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
🔹 विशेष निगरानी टीम गठित
प्रशासन ने इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई है, जो जिलेभर में लगातार सैंपलिंग और निरीक्षण करेगी। इस टीम में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोलर और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है।
निष्कर्ष:
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि जहरीली दवाओं से जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी डॉक्टर, केमिस्ट या दवा कंपनी को नियमों से छूट नहीं दी जाएगी। प्रशासन अब “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत कार्य करेगा।


