🌕 Sharad Purnima 2025: शरद पूर्णिमा पर बरसेगा अमृत, जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और शुभकामना संदेश
नई दिल्ली, अक्टूबर 2025:
हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इसी रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी शीतल चांदनी से अमृत वर्षा होती है।
इस वर्ष शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन मां लक्ष्मी की आराधना और चंद्रमा की पूजा का सर्वश्रेष्ठ अवसर माना गया है।
🕉️ शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों में अमृत तत्व का वास होता है। इस दिन रात्रि 12 बजे के बाद चांद की रोशनी में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखी जाती है। सुबह इस खीर का सेवन “अमृत खीर” के रूप में किया जाता है। ऐसा करने से माना जाता है कि व्यक्ति को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ, सुख-समृद्धि और यश-कीर्ति प्राप्त होती है।
🪔 क्या करें शरद पूर्णिमा के दिन
- रात में चांद की पूजा करें और श्री लक्ष्मी मां की आरती उतारें।
- चांदनी में रखी हुई खीर का सेवन करें और परिवार के सदस्यों में बांटें।
- सफेद वस्त्र, चावल, दूध, चांदी या सफेद मिठाई का दान करें।
- जरूरतमंदों को भोजन कराएं — इससे कर्ज, रोग और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है।

🚫 क्या न करें इस दिन
- क्रोध, झगड़ा या किसी का अपमान न करें।
- रात्रि में भोजन न बनाएं, केवल खीर या फलाहार ही ग्रहण करें।
- मां लक्ष्मी की पूजा के समय अंधकार न रहने दें, दीपक अवश्य जलाएं।
🌸 शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं संदेश
आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को इन सुंदर संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएं भेज सकते हैं 👇
- 🌕 “चांदनी रात में अमृत बरसे, मां लक्ष्मी का वास हो, हर द्वार खुले खुशियों का, आपके जीवन में उल्लास हो।”
शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं! - 🌼 “चांद सी शीतलता, शुभ्रता, कोमलता, उदारता — यही उपहार मिले आपको इस शरद पूर्णिमा पर।”
शुभ शरद पूर्णिमा! - 🌙 “चांद की चांदनी और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद, शुभ हो आपके लिए शरद पूर्णिमा का त्योहार।”
- 🌕 “घर में धन की बरसात हो, लक्ष्मी का वास हो, सभी संकटों का नाश हो।”
शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं! - ✨ “हर दम खुशियां हों साथ, कभी दामन ना हो खाली, शुभ हो आपके लिए शरद पूर्णिमा निराली।”
📅 शरद पूर्णिमा 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 6 अक्टूबर 2025, प्रातः 04:56 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 7 अक्टूबर 2025, प्रातः 02:40 बजे
- पूजन का सर्वोत्तम समय: रात्रि 11:30 बजे से 12:30 बजे तक (चंद्र दर्शन काल)
🌕 शरद पूर्णिमा क्यों है खास
शरद पूर्णिमा को “कोजागरी पूर्णिमा” के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माना जाता है कि मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और पूछती हैं — “को जागरति?” अर्थात “कौन जाग रहा है?” जो लोग इस रात जागरण करते हुए सत्संग, भजन, ध्यान या पूजा करते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।
🪔 निष्कर्ष
शरद पूर्णिमा न केवल चंद्र उपासना का दिन है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का पर्व है। इस रात की शीतल चांदनी में न केवल शरीर को, बल्कि मन को भी शांति मिलती है।
आप सभी के जीवन में चंद्रमा की शीतलता और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद सदा बना रहे।
🌕 शरद पूर्णिमा 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌕
