दतिया उपचुनाव में बड़ा सियासी मोड़: 7 प्रत्याशियों ने किया चुनाव बहिष्कार, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
स्वराज वाणी संवाददाता : राहुल जैन , अशोकनगर।
दतिया। दतिया उपचुनाव में चुनावी माहौल उस समय गरमा गया जब सात प्रत्याशियों ने चुनाव प्रक्रिया के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। प्रत्याशियों ने निष्पक्ष चुनाव कराने और कथित आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर यह कदम उठाया है। जगतगुरु आचार्य देवमुरारी बापू की अगुवाई में समर्थित प्रत्याशियों ने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया।
संत समाज ने भाजपा प्रत्याशी के विरोध में उतारा प्रत्याशी
दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के विरोध में संत समाज की नाराजगी सामने आई। इसी क्रम में परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया ने बालकृष्ण विश्वकर्मा को चुनाव मैदान में उतारा।
परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत और जगतगुरु आचार्य देवमुरारी बापू ने भाजपा को हराने के उद्देश्य से क्षेत्र में गांव-गांव जाकर प्रचार किया। पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि उन्हें लोगों का समर्थन भी प्राप्त हुआ।
वायरल वीडियो को लेकर उठाया गया विवाद
पूरे मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई। परिवर्तन पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि एक भाजपा कार्यकर्ता ने चुनाव प्रचार के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के सामने डंडे के दम पर वोट दिलाने की बात कही।
आरोप है कि कार्यकर्ता के इस बयान पर मंत्री द्वारा उसकी पीठ थपथपाई गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद परिवर्तन पार्टी ने इसे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला बयान बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
पार्टी ने मांग की कि मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
चुनाव आयोग को दी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
परिवर्तन पार्टी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग की ओर से रिटर्निंग अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रिटर्निंग अधिकारी ने मामले में एसडीओपी और बड़ौनी थाना पुलिस को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि, परिवर्तन पार्टी और समर्थित प्रत्याशियों का आरोप है कि निर्देश के बावजूद समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसे उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
24 घंटे में कार्रवाई की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मामले में जगतगुरु आचार्य देवमुरारी बापू के नेतृत्व में सात दलों के प्रत्याशियों ने 27 जुलाई को दतिया कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि संबंधित मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाए। प्रत्याशियों ने चेतावनी दी थी कि यदि समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है तो वे चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे।
प्रचार समाप्त होने के बाद लिया बहिष्कार का फैसला
प्रत्याशियों के अनुसार 28 जुलाई को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सभी समर्थित दलों ने निष्पक्ष चुनाव की संभावना पर सवाल उठाते हुए चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर दी।
प्रत्याशियों का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और समान अवसर जरूरी है। यदि किसी पक्ष द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है और उस पर कार्रवाई नहीं होती तो चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है।
अब न्यायालय जाने की तैयारी
चुनाव बहिष्कार के बाद समर्थित दलों ने कहा है कि वे आगे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उनका कहना है कि मामले को लेकर न्याय पाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग दोहराई है।
राजनीतिक हलचल तेज
दतिया उपचुनाव में सात प्रत्याशियों के बहिष्कार के फैसले के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। जहां बहिष्कार करने वाले दल इसे निष्पक्ष चुनाव की लड़ाई बता रहे हैं, वहीं पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव आयोग की आगे की कार्रवाई पर है।
दतिया कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते समय जगतगुरु आचार्य देवमुरारी बापू सहित अन्य प्रत्याशी मौजूद रहे। मामले को लेकर आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
