भैरूंदा और रेहटी के मूंग उपार्जन केंद्रों का कलेक्टर बालागुरू के. ने किया औचक निरीक्षण, पारदर्शी खरीदी और गुणवत्ता परीक्षण पर दिए सख्त निर्देश
संवाददाता: विकास सैनी | दैनिक स्वराज वाणी
भैरूंदा/रेहटी, सीहोर
मध्यप्रदेश शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने भैरूंदा एवं रेहटी स्थित मूंग उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण, तौल व्यवस्था, किसानों की सुविधाओं, वेयरहाउस प्रबंधन तथा उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता का गहन अवलोकन किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र किसान की उपज की खरीदी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के नाम पर व्यापारी यदि अवैध रूप से मूंग बेचने का प्रयास करते हैं तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
किसानों के नाम पर व्यापारी न बेच सकें मूंग, अधिकारियों को सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बालागुरू के. ने सबसे पहले अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के नाम का दुरुपयोग कर कोई व्यापारी अवैध रूप से मूंग की बिक्री न कर सके। इसके लिए सभी केंद्रों पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिलना चाहिए। यदि किसी प्रकार की फर्जीवाड़े या बिचौलियों की भूमिका सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया स्वयं देखी, सर्वेयर को दी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गुणवत्ता परीक्षण (Quality Testing) की पूरी प्रक्रिया स्वयं अपने सामने करवाई। उन्होंने केंद्र पर मौजूद सर्वेयर से मूंग की जांच की प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से करवाया।
उन्होंने नमी (Moisture) की जांच, छोटे एवं बड़े दानों की छंटाई, मिट्टी, कंकड़ तथा अन्य अशुद्धियों को अलग करने की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस दौरान गुणवत्ता परीक्षण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित सर्वेयर को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक किसान की उपज की जांच पूरी निष्पक्षता और समान मानकों के आधार पर की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता परीक्षण में किसी प्रकार की मनमानी, पक्षपात या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी किसान के साथ अनुचित व्यवहार किया गया तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
नॉन-एफएक्यू उपज की तुलाई किसी भी स्थिति में नहीं
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी उपार्जन केंद्र पर नॉन-FAQ (Fair Average Quality) श्रेणी की उपज की खरीदी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि गुणवत्ता मानकों से समझौता किया गया तो इससे पूरी खरीदी व्यवस्था प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सर्वेयर और केंद्र प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि केवल निर्धारित गुणवत्ता वाली मूंग की ही खरीदी हो।
वेयरहाउस भरने से पहले दें सूचना, खरीदी नहीं रुकनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वेयरहाउस प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने सोसायटी प्रबंधकों को निर्देश दिए कि यदि किसी वेयरहाउस के भरने की संभावना हो तो कम से कम दो दिन पहले जिला उपार्जन समिति एवं संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि समय रहते वैकल्पिक वेयरहाउस की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए ताकि खरीदी प्रक्रिया किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को केवल इसलिए परेशान नहीं होना चाहिए कि गोदाम भर गया है। प्रशासन का दायित्व है कि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
बारदाने, क्यूआर कोड और तौल सामग्री की उपलब्धता हर समय रहे
कलेक्टर बालागुरू के. ने निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों की भी समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में बारदाने, क्यूआर कोड, तौल सामग्री, रिकॉर्ड रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी सामग्री के समाप्त होने की स्थिति आने से पहले ही उसकी आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी का खामियाजा किसानों को नहीं भुगतना चाहिए।
जिन किसानों का स्लॉट समाप्त होने वाला है, उन्हें दें प्राथमिकता
मूंग खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने स्लॉट प्रणाली के पालन पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों के स्लॉट की अवधि समाप्त होने वाली है, उनकी उपज की खरीदी को प्राथमिकता दी जाए।
इसके बाद शेष किसानों की खरीदी उनके निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही की जाए।
उन्होंने कहा कि स्लॉट व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा से बचाना है। इसलिए इसका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
खरीदी केंद्रों पर नहीं लगनी चाहिए अनावश्यक भीड़
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए कहा कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन किसानों की संख्या के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जाएं ताकि किसी को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान की उपज का तौल समय पर और व्यवस्थित ढंग से होना चाहिए।
किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, छाया, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि किसान पूरे दिन अपनी उपज लेकर केंद्रों पर पहुंचते हैं। इसलिए उनका सम्मान करते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रतिदिन करें निरीक्षण, शिकायतों का मौके पर ही करें समाधान
कलेक्टर बालागुरू के. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी उपार्जन केंद्रों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को कोई शिकायत हो तो उसका तत्काल मौके पर ही समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित निरीक्षण से व्यवस्थाओं में सुधार होगा तथा किसानों का विश्वास भी मजबूत होगा।
किसानों से किया सीधा संवाद, समय पर केंद्र पहुंचने की अपील
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर मौजूद किसानों से भी सीधे संवाद किया।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अपने निर्धारित स्लॉट वाले दिन अथवा उससे एक दिन पहले ही अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचें।
उन्होंने कहा कि कई दिन पहले पहुंचने से न तो खरीदी जल्दी होगी और न ही कोई अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
इसके विपरीत इससे केंद्रों पर भीड़ बढ़ती है और अन्य किसानों को भी असुविधा होती है।
उन्होंने किसानों से प्रशासन का सहयोग करने तथा निर्धारित समय का पालन करने की अपील की।
किसानों के हित सर्वोपरि, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकता किसानों को बिना किसी परेशानी के समर्थन मूल्य का लाभ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान की उपज का उपार्जन पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ किया जाएगा।
यदि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अव्यवस्था पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भैरूंदा एसडीएम श्री सुधीर कुशवाह, बुधनी एसडीएम श्री संजीव कुमार नागू, भैरूंदा तहसीलदार श्री सौरभ शर्मा, रेहटी तहसीलदार श्रीमती सपना झिलेरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उपार्जन केंद्रों के प्रभारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
पारदर्शी उपार्जन व्यवस्था से किसानों का बढ़ेगा विश्वास
कलेक्टर बालागुरू के. का यह निरीक्षण स्पष्ट संकेत देता है कि जिला प्रशासन मूंग उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाने के लिए गंभीर है।
गुणवत्ता परीक्षण से लेकर स्लॉट व्यवस्था, वेयरहाउस प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता तथा किसानों की सुविधाओं तक प्रत्येक पहलू पर प्रशासन की विशेष निगरानी किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है तो न केवल उपार्जन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि किसानों का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।
