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“धारा 163 लागू भोपाल: 1 से 5 दिसंबर तक रैली-प्रदर्शन बैन, विधानसभा सत्र सुरक्षा हेतु पुलिस कमिश्नर का बड़ा आदेश”

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Published On: 27 November 2025
bhopal

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एमपी के इस शहर में 5 दिनों के लिए धारा 163 लागू: भोपाल में रैलियों और प्रदर्शनों पर बैन, जानिए क्या है वजह

Bhopal News 163: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1 से 5 दिसंबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह कदम आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा के सातवें सत्र को शांतिपूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। धारा 163 लागू भोपाल देखते ही देखते शहर का सबसे बड़ा सुरक्षा अपडेट बन गया है क्योंकि इस पांच दिवसीय अवधि में रैलियों, प्रदर्शनों और राजनीतिक जमावड़ों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र द्वारा जारी इस आदेश ने भोपाल की कानून-व्यवस्था व्यवस्था को एक नए स्तर पर कठोर किया है। सुरक्षा एजेंसियों को इन दिनों शहर में किसी भी संभावित अव्यवस्था या भीड़ इकट्ठा होने की गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विधानसभा सत्र से पहले कड़े सुरक्षा उपाय क्यों?

धारा 163 लागू करने की मुख्य वजह

राजधानी में धारा 163 लागू करने का सबसे बड़ा कारण है—
विधानसभा सत्र के दौरान संभावित विरोध-प्रदर्शन, रैलियों और राजनीतिक गतिविधियों को रोकना।

सुरक्षा स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार,

  • कई राजनीतिक संगठन,
  • सामाजिक समूह,
  • छात्र संगठन,
    अपनी-अपनी मांगों को लेकर 1–5 दिसंबर के बीच धरना, प्रदर्शन या विधानसभा घेराव करने की योजना बना रहे थे।

जिससे हो सकता था—

  • यातायात पूरी तरह बाधित,
  • कानून-व्यवस्था पर खतरा,
  • सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव,
  • और विधानसभा कार्यवाही में व्यवधान।

यही वजह है कि पुलिस ने एहतियात के तौर पर राजधानी में Section 163 Enforcement in Bhopal का फैसला लिया।

धारा 163 क्या है?

नए BNSS-2023 में धारा 163 का मतलब

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS-2023) की धारा 163 एक प्रतिबंधात्मक धारा है, जो प्रशासन को

  • किसी भी प्रकार की भीड़,
  • रैली,
  • जुलूस,
  • हड़ताल,
  • या सार्वजनिक उपद्रव की आशंका होने पर
    विशेष आदेश जारी करने का अधिकार देती है।

यह धारा पुराने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 की तरह काम करती है, लेकिन इससे अधिक स्पष्ट और व्यापक है।
इसका मुख्य उद्देश्य है —
लोक शांति बनाए रखना और संभावित भीड़ आधारित खतरे को रोकना।

भोपाल में लागू धारा 163 के तहत क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?

पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 1 से 5 दिसंबर तक निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी पाबंदी रहेगी:

1. किसी भी प्रकार की सार्वजनिक रैली, जुलूस या प्रदर्शन

राजनीतिक पार्टियां या सामाजिक संगठन किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे।

2. पाँच या उससे अधिक लोगों का समूह जमा होना

बिना अनुमति 5 से अधिक व्यक्तियों का इकट्ठा होना धारा 163 के तहत अवैध माना जाएगा।

3. हथियार, लाठी-डंडे या तेजधार वस्तुएँ लेकर चलना

किसी भी प्रकार के

  • चाकू,
  • लाठी,
  • डंडे,
  • तलवार,
  • बंदूक जैसी वस्तुएँ
    लेकर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

 4. सरकारी भवनों के पास समूह में खड़े होना

विशेष रूप से विधानसभा भवन, मंत्रालय, और संवेदनशील सरकारी परिसरों के आसपास किसी भी तरह की भीड़ पर रोक।

किन पर लागू नहीं होगा आदेश?

धारा 163 लागू भोपाल आदेश के अनुसार, निम्न गतिविधियाँ प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी:

  • सरकारी कार्यक्रम
  • विवाह समारोह
  • शव यात्रा
  • धार्मिक परंपराएँ (सामान्य सीमा में)

इन कार्रवाइयों के लिए पुलिस से पहले से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में हाई-अलर्ट

चूंकि विधानसभा सत्र राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण समय होता है, प्रशासन ने सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है।

1. भारी पुलिस बल तैनात

  • विधानसभा परिसर
  • वीआईपी रोड
  • पुलिस मुख्यालय
  • मंत्रालय
    इन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।

2. CCTV से हर गतिविधि पर नजर

शहरभर में लगे CCTV कैमरों से भीड़भाड़ वाले स्थानों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।

3. चौराहों पर विशेष चेकिंग

हबीबगंज, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, पीरगेट, लालघाटी और MP नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सख्त चेकिंग की जाएगी।

 4. रूट डायवर्ट करने की तैयारी

संभावना है कि जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस कुछ रूटों को अस्थायी रूप से डायवर्ट भी कर सकती है।

क्या होगा आदेश तोड़ने पर?

पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन धारा 163 के आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ

  • कठोर कानूनी कार्रवाई,
  • गिरफ्तारी,
  • या दंडात्मक प्रावधान
    लागू किए जाएंगे।

Bhopal Section 163 Order Violation प्रशासन के अनुसार एक गंभीर अपराध माना जाएगा।

धारा 163 लागू होने के क्या फायदे?

1. विधानसभा सत्र के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण

कोई भी नारेबाजी, प्रदर्शन, हंगामा या विवाद नहीं होने दिया जाएगा।

2. यातायात को राहत

रैलियों के कारण होने वाले रोड जाम में कमी आएगी।

 3. सुरक्षा जोखिम कम होगा

अनधिकृत भीड़ और राजनीतिक उकसावे की घटनाओं पर रोक लगेगी।

4. त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई

धारा 163 प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप का अधिकार देती है।

आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • आम लोगों के लिए कोई विशेष प्रतिबंध नहीं होगा।
  • रोजमर्रा के काम–काज, बाजार, परिवहन, ऑफिस और स्कूल-कॉलेज सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
  • केवल भीड़-इकट्ठा करने वाली राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों पर रोक होगी।

निष्कर्ष

धारा 163 लागू भोपाल एक एहतियाती कदम है, जिसका उद्देश्य है कि
विधानसभा सत्र बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।

भोपाल पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की शांति और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले पांच दिनों में राजधानी में सुरक्षा और निगरानी दोनों ही में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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