सऊदी अरब ने शराब बिक्री पर लगे अपने दशकों पुराने सख्त प्रतिबंधों में बड़ा बदलाव किया है। अब देश में रहने वाले अमीर गैर-मुस्लिम विदेशी निवासियों को शराब खरीदने की अनुमति दे दी गई है। रियाद में सऊदी अरब की पहली और फिलहाल एकमात्र शराब की दुकान खुल चुकी है, जबकि आने वाले समय में जेद्दा और दहरान में दो और स्टोर खोले जाएंगे।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, शराब खरीदने के लिए व्यक्ति का गैर-मुस्लिम होना और उसकी मासिक आय लगभग 13,300 डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) होना आवश्यक है। खरीदारों को अपनी सैलरी का प्रमाण दिखाना पड़ता है। सऊदी अरब में औसत वेतन 2,750 डॉलर प्रतिमाह के आसपास है, ऐसे में शराब खरीदी सिर्फ ऊंची आय वाले विदेशियों तक सीमित रहेगी।
यह निर्णय उस देश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है जहाँ कुरान की शिक्षाओं के आधार पर लंबे समय से शराब पर कड़ा प्रतिबंध लागू था। 1952 में सऊदी सरकार ने एक ब्रिटिश डिप्लोमैट की हत्या की घटना के बाद शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। 70 साल बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी नीतिगत ढील दी गई है।

शराब का पहला स्टोर जनवरी 2024 में खोला गया था, लेकिन तब इसे केवल विदेशी डिप्लोमैट्स और प्रीमियम रेज़ीडेंसी धारकों तक सीमित रखा गया था। डिप्लोमैट्स को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्लॉट बुक कर मासिक कोटा के आधार पर शराब खरीदने की व्यवस्था दी गई थी।
सऊदी अरब का यह कदम क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ाना, पर्यटन को प्रोत्साहित करना और तेल पर निर्भरता कम करना है। हाल के वर्षों में सऊदी अरब ने कई सामाजिक सुधार किए हैं—जैसे महिलाओं को ड्राइविंग और स्वतंत्र आवागमन की अनुमति देना।
2034 के फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी के साथ, सऊदी अरब अपनी वैश्विक छवि को आधुनिक और खुली अर्थव्यवस्था के रूप में पेश करने का प्रयास कर रहा है।
