ग्राम मोकड़ी में देर रात तक गूंजता रहा कवि सम्मेलन
देशभर के ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को बांधा, देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट
नागदा जं. (निप्र)। साहित्य की सुगंध और काव्य की मिठास से गुरुवार की रात ग्राम मोकड़ी सराबोर हो उठा। यहां आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न अंचलों से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार और देशभक्ति के स्वर जब-जब गूंजे तो पंडाल तालियों से गूंज उठा और श्रोताओं की वाह-वाह से वातावरण सरस हो गया।
मुख्य अतिथि और संयोजन
कवि सम्मेलन में पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन पूर्व जिला पंचायत सदस्य पटेल सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने किया, जबकि मंच संचालन की बागडोर युवा कवि ऋतुराज गुर्जर ने संभाली। पूरे आयोजन के सूत्रधार कवि देवसिंह गुर्जर रहे जिन्होंने मंच संचालन और कवियों के बीच समन्वय से कार्यक्रम को गति प्रदान की।
कवियों की प्रस्तुति ने बांधा समां
कवि सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद मंच पर आमंत्रित कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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कवि कैलाश सोनी ‘सार्थक’ ने अपनी व्यंग्यात्मक रचनाओं से व्यवस्था की विसंगतियों पर करारा प्रहार किया, जिस पर श्रोता देर तक ठहाके लगाते रहे।
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कवि हरचरण सिंह चावला ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविताएं सुनाकर माहौल को जोश से भर दिया।
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वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र चंदेल ने सामाजिक सरोकारों और बदलते परिवेश पर गंभीर काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
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कवयित्री शिलेष तिवारी ‘शील’ ने अपने गीतों में नारी संवेदना और रिश्तों की भावनाओं को बड़े ही सजीव रूप में उकेरा।
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कवि राजेश रंगीला ने अपने चुटीले अंदाज और हास्य रचनाओं से खूब ठहाके बटोरे और देर तक पंडाल गूंजता रहा।
इसके अलावा लावण्या गुर्जर और जीवन गुर्जर ने भी अपनी कविताओं से मंच की शोभा बढ़ाई। उनकी प्रस्तुतियों ने युवा प्रतिभाओं के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह जगाया।
देर रात तक जमे रहे श्रोता
कार्यक्रम की खासियत रही कि ग्रामीणजन देर रात तक अपनी जगह पर जमे रहे और हर प्रस्तुति पर उत्साहपूर्वक तालियां बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन करते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में साहित्यिक उत्सव जैसा उल्लास देखने को मिला।
गणमान्य और ग्रामीणों की उपस्थिति
कवि सम्मेलन को सफल बनाने में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस अवसर पर सरपंच लाखन सिंह गुर्जर, राजेंद्र सिंह वाचाखेड़ी, गोपाल शर्मा चंदवासला, भीमराज मालवीय, अर्जुन सिंह रत्नियाखेड़ी, नागूसिंह गुर्जर अलसी, असलम खान, मदन पांचाल, बाबू पांचाल, बंशी भंडारी, रामलाल पांचाल और मंदिर पुजारी मधुसूदन शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
साहित्यिक परंपरा को मिली नई ऊँचाई
ग्रामीण अंचल में इस तरह के साहित्यिक आयोजनों को लेकर श्रोताओं का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि कविता और साहित्य आज भी दिलों को छूते हैं। मोकड़ी गांव में हुआ यह कवि सम्मेलन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक सरोकारों, विचारों की अभिव्यक्ति और संस्कृति के संरक्षण का मंच भी सिद्ध हुआ।
📅 आयोजन की तिथि: 26 सितम्बर 2025
✍️ संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा
📞 कवि देवसिंह गुर्जर – 81205 72549



