Sarfaraz Khan की 2 साल बाद टीम इंडिया में वापसी, पहले टेस्ट में क्यों मिलना चाहिए मौका? जानें 3 बड़े कारण
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने जा रही है। सीरीज से पहले टीम इंडिया की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। हाल ही में खेले गए प्रैक्टिस मैच में भारतीय टीम ने जीत दर्ज कर अपनी तैयारियों का संकेत दिया है। हालांकि, कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंता बनी हुई है।
इसी बीच साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद सरफराज खान की टीम में वापसी हुई है। सरफराज करीब दो साल बाद भारतीय टेस्ट टीम में लौटे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें पहले टेस्ट की प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी? सरफराज को मौका देने के पीछे तीन मजबूत कारण माने जा सकते हैं।
1. मिडिल ऑर्डर को मिलेगी मजबूती
सरफराज खान आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह दबाव की स्थिति में तेजी से रन बनाने और मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने मिडिल ऑर्डर में उपयोगी पारियां खेलकर अपनी काबिलियत साबित की है।
मौजूदा समय में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लय में नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सरफराज को शामिल करने से बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है। वह जरूरत के मुताबिक आक्रामक क्रिकेट खेल सकते हैं और लंबी पारी खेलने की क्षमता भी रखते हैं।
सरफराज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल बदल सकते हैं। अगर टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत हो तो वह आक्रामक शॉट खेल सकते हैं और अगर स्थिति संभालने की जरूरत हो तो पारी को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दे सकते हैं।
2. श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ हो सकते हैं उपयोगी
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के सामने श्रीलंकाई स्पिनरों की चुनौती अहम होगी।
सरफराज खान स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपने मजबूत खेल के लिए जाने जाते हैं। स्वीप और रिवर्स स्वीप जैसे शॉट्स के जरिए वह स्पिनरों पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
हाल ही में प्रैक्टिस मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजों का सामना करते हुए कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में सरफराज टीम के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकते हैं।
उनका स्पिन के खिलाफ आक्रामक रवैया विपक्षी टीम के गेंदबाजों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है। अगर वह शुरुआत में टिक जाते हैं, तो श्रीलंकाई स्पिनरों पर दबाव बनाना आसान हो सकता है।
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3. टीम के संतुलन के लिए भी अहम
सरफराज को प्लेइंग-11 में शामिल करने का एक और बड़ा कारण टीम का संतुलन हो सकता है। वह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी का विकल्प भी दे सकते हैं।
टेस्ट मैच लंबा होता है और ऐसे मुकाबलों में टीम के पास ज्यादा से ज्यादा उपयोगी विकल्प होना फायदेमंद रहता है। सरफराज की बल्लेबाजी टीम को अतिरिक्त गहराई दे सकती है।
इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भी उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल करने के पक्ष में मजबूत आधार देता है। उन्होंने घरेलू स्तर पर लगातार रन बनाए हैं और इसी प्रदर्शन के दम पर वह भारतीय टीम तक पहुंचे हैं।
दो साल बाद वापसी, खुद को साबित करने का मौका
सरफराज खान के लिए यह वापसी बेहद अहम है। करीब दो साल बाद उन्हें फिर से भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में अगर उन्हें पहले टेस्ट में खेलने का मौका मिलता है तो वह अपनी उपयोगिता साबित करना चाहेंगे।
साई सुदर्शन की चोट के बाद टीम में जगह बनना सरफराज के लिए बड़ा अवसर है। हालांकि अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा।
क्या पहले टेस्ट में मिलेगी जगह?
सरफराज को प्लेइंग-11 में शामिल करने के पक्ष में कई बातें हैं। मिडिल ऑर्डर में मजबूती, स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ उनका खेल और टीम में संतुलन बनाने की क्षमता उनके पक्ष में जाती है।
हालांकि, अंतिम प्लेइंग-11 का फैसला पिच की स्थिति, टीम संयोजन और अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखकर किया जाएगा। अगर टीम मैनेजमेंट श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाज को प्राथमिकता देता है, तो सरफराज के पास पहले टेस्ट में वापसी का अच्छा मौका हो सकता है।
दो साल बाद मिली इस वापसी को सरफराज खान हर हाल में यादगार बनाना चाहेंगे। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें सीधे प्लेइंग-11 में मौका देता है या बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा।
