खोया मोबाइल लौटाकर योगेश माहेश्वरी ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
अकोदिया नाका के पास मिला था मोबाइल, पुलिस की मौजूदगी में सत्यापन के बाद दयाराम माली को लौटाया
Sarangpur । सेवा प्रकल्प के तहत सेवा, संस्कार और मानवता के संदेश को आत्मसात करते हुए योगेश माहेश्वरी ने ईमानदारी और मानवीय संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत किया। ग्राम नया अकोदिया निवासी दयाराम पिता रामलाल माली का मोबाइल फोन अकोदिया नाका, सारंगपुर के समीप कहीं गिर गया था। यह मोबाइल योगेश माहेश्वरी को मिला।
मोबाइल मिलने के बाद योगेश माहेश्वरी ने उसे सुरक्षित अपने पास रखा और उसके वास्तविक मालिक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए थाना सारंगपुर पहुंचे। यहां पुलिस की मौजूदगी में मोबाइल फोन और उसके बिल का मिलान कराया गया। सत्यापन के बाद मोबाइल दयाराम माली का होने की पुष्टि हुई। इसके बाद योगेश माहेश्वरी ने मोबाइल फोन उसके वास्तविक स्वामी को सम्मानपूर्वक वापस सौंप दिया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ सत्यापन
मोबाइल लौटाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिसकर्मी राहुल, पं. अंतरिक्ष पारीक और कुलदीप टेटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। मोबाइल वापस मिलने पर दयाराम माली ने राहत व्यक्त की और उसे सुरक्षित लौटाने के लिए योगेश माहेश्वरी के प्रति आभार जताया।
सेवा और मानवता का दिया संदेश
योगेश माहेश्वरी के इस कार्य की मौजूद लोगों ने सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की खोई हुई वस्तु को सुरक्षित उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना ईमानदारी, संस्कार और मानवीय संवेदना का परिचायक है।
ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ यह भी बताते हैं कि सेवा केवल बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं है। जरूरत के समय किसी व्यक्ति की परेशानी दूर करना और उसकी वस्तु उसे वापस दिलाना भी सच्ची सेवा और मानवीय जिम्मेदारी का हिस्सा है।
