कृष्णसिंधु के पावन तट पर होगा सामूहिक तर्पण, 10 अक्टूबर को कपिलेश्वर तीर्थ धाम में आयोजन
Sarangpur । सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या एवं शनिचरी अमावस्या के अवसर पर पुण्य सलिला कृष्णसिंधु नदी के तट स्थित कपिलेश्वर तीर्थ धाम, सारंगपुर में सामूहिक तर्पण कर्म का आयोजन किया जाएगा। पितृपक्ष की पूर्णाहुति की बेला में होने वाला यह आयोजन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का विशेष अवसर होगा।
पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का अवसर
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कारों और दिवंगत आत्मीयजनों के प्रति कृतज्ञता निवेदित करने का माध्यम है। मान्यता है कि पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक किया गया तर्पण एवं पिंडदान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा निवेदन का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी भाव के साथ श्रद्धालु कृष्णसिंधु के तट पर अपने पितरों का स्मरण कर तिलांजलि अर्पित करेंगे।
10 अक्टूबर को प्रातः 7 से 10 बजे तक
पं. भूपेंद्र जोशी और पं. बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि यह आयोजन शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक कपिलेश्वर तीर्थ धाम, सारंगपुर में होगा। प्रातःकाल की शांत और सात्त्विक बेला में जब सूर्य की किरणें कृष्णसिंधु की जलधारा पर पड़ेंगी, तब मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु अपने पूर्वजों का आवाहन कर जल, तिल और श्रद्धा की अंजलि समर्पित करेंगे।
सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना
यह सामूहिक तर्पण उन परिवारों के लिए विशेष अवसर होगा जो पितरों के प्रति श्रद्धा निवेदित कर उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। आयोजन में पारिवारिक सुख-शांति, आर्थिक समृद्धि, वंशवृद्धि और जीवन में मंगलमय वातावरण की प्रार्थना के साथ पितृदेवों का स्मरण किया जाएगा। पितृपक्ष का मूल भाव स्मरण और कृतज्ञता है, और तर्पण की प्रत्येक अंजलि इसी भाव की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति है।
कपिलेश्वर तीर्थ धाम बनेगा श्रद्धा का केंद्र
यह सामूहिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं को एक साथ बैठकर विधिपूर्वक तर्पण करने का अवसर देगा। आयोजन स्थल पर आवश्यक शेष सामग्री उपलब्ध रहेगी।
श्रद्धालु साथ लाएं:
- तांबे का कलश
- चम्मच
- आसन
- गमछा
- धोती
पूर्व पंजीयन अनिवार्य
आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए पूर्व पंजीयन की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को सायं 5 बजे तक अपना नाम दर्ज कराने का आग्रह किया है, ताकि अंतिम समय की असुविधा से बचा जा सके।
