Sarangpur में बिजली समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व विधायक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एई से की मुलाकात
मनोज कुमार पुष्पद की रिपोर्ट
Sarangpur । शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लोडसेटिंग, बढ़े हुए बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बढ़ते जनअसंतोष के बीच मंगलवार को पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिजली वितरण कंपनी कार्यालय पहुंचकर सहायक अभियंता (एई) विद्यासागर सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
अघोषित बिजली कटौती पर जताई नाराजगी
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से कहा कि पिछले कुछ समय से सारंगपुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। इससे आम नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच कई-कई घंटे बिजली बंद रहने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बिजली कटौती के कारण घरेलू कार्यों से लेकर छोटे व्यापार और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
लोडसेटिंग के नाम पर हो रही परेशानी
पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय ने कहा कि लोडसेटिंग के नाम पर लगातार बिजली बंद की जा रही है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली बंद करनी पड़ती है तो इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए, ताकि लोग आवश्यक तैयारियां कर सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर बिना किसी सूचना के अचानक बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
बढ़े हुए बिजली बिलों पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उपभोक्ताओं को मिल रहे बढ़े हुए बिजली बिलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य खपत से कहीं अधिक आ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
नेताओं ने मांग की कि ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि बिलिंग में तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियां हैं तो उन्हें तत्काल सुधारा जाना चाहिए।
स्मार्ट मीटर को लेकर जताई चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि आम जनता में यह धारणा बन रही है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में और वृद्धि हो सकती है। इसलिए विभाग को इस विषय में पारदर्शिता अपनाते हुए लोगों को पूरी जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को इसकी कार्यप्रणाली और लाभों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
एई ने दिए जांच और सुधार के संकेत
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद बिजली वितरण कंपनी के सहायक अभियंता विद्यासागर सिंह ने कहा कि लोडसेटिंग वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाती है और स्थानीय स्तर पर इसका निर्णय नहीं लिया जाता।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं बिजली व्यवस्था या बिलिंग में अनियमितता की शिकायत है तो विभाग उसकी जांच कराएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट मीटर चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे
सहायक अभियंता विद्यासागर सिंह ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शासन स्तर की है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल सारंगपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जा रही है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि यदि किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो तो वे विभाग से संपर्क करें, ताकि उसका समाधान किया जा सके।
ये रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय के साथ पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मोहम्मद अली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष आबिद लोदी, किसान कांग्रेस के राधेश्याम काका, पूर्व जिला महासचिव निजाम कुरैशी, गौरव शर्मा और खलील खान सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
