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सारंगपुर में तेज बारिश का असर: मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने किया वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

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Published On: 10 August 2026
Minister Dr. Gautam Tetwal inspects rain-affected areas in Sarangpur as children from the Nutrition Rehabilitation Centre are shifted to a safer location
— Minister Dr. Gautam Tetwal inspects rain-affected areas in Sarangpur as children from the Nutrition Rehabilitation Centre are shifted to a safer location

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सारंगपुर में तेज बारिश का असर: मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने किया वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

सिविल अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र से बच्चों को सुरक्षा के मद्देनजर किया गया शिफ्ट, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

संवाददाता मनोज कुमार पुष्पद

सारंगपुर। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने के बीच मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और जलभराव से उत्पन्न परिस्थितियों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति, जलभराव और राहत एवं बचाव की तैयारियों की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए।

सिविल अस्पताल परिसर का भी किया निरीक्षण

बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सारंगपुर सिविल अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र को लेकर भी विशेष सावधानी बरती गई। केंद्र में भर्ती बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।

अत्यधिक बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के दौरान उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और देखभाल का विशेष ध्यान रखा गया।

मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बच्चों के स्थानांतरण और उनकी सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान यदि किसी अस्पताल, पुनर्वास केंद्र या अन्य संवेदनशील स्थान पर खतरे की स्थिति बनती है तो वहां मौजूद बच्चों, मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्काल की जाए।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या अत्यधिक बारिश के दौरान प्रशासन की पहली प्राथमिकता जनसुरक्षा होनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और अन्य संवेदनशील लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है।

पोषण पुनर्वास केंद्र से बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के दौरान प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद उनके लिए आवश्यक सुविधाएं और देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

जलभराव वाले क्षेत्रों का लिया जायजा

वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान मंत्री डॉ. टेटवाल ने जलभराव की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किन क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा हुआ है और वहां नागरिकों को किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंत्री ने निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर प्रशासनिक अमले की लगातार निगरानी बनी रहे।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि किसी क्षेत्र में बारिश के कारण आवागमन प्रभावित होता है या लोगों के घरों में पानी पहुंचने की स्थिति बनती है, तो तत्काल आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई शुरू की जाए।

प्रशासनिक टीम को लगातार निगरानी के निर्देश

मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान यदि किसी क्षेत्र से सहायता की मांग आती है तो उस पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाए। जरूरत पड़ने पर राहत दल और संबंधित विभागों के कर्मचारियों को मौके पर भेजकर आवश्यक व्यवस्था की जाए।

मंत्री ने प्रशासनिक अमले से कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।

नगर पालिका और पुलिस प्रशासन भी रहा मौजूद

वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री पंकज पालीवाल, नगर पालिका सीएमओ श्री दीपक रनवे, थाना प्रभारी श्री राहुल रघुवंशी सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

स्थानीय आमजन ने भी बारिश और जलभराव से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्रशासनिक टीम के सामने रखी। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के संबंध में जानकारी जुटाई।

नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की टीम ने भी बारिश के दौरान सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की।

आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश

मंत्री डॉ. टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण यदि कहीं भी आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित विभाग बिना देरी किए मौके पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, निचले इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन की निगरानी लगातार बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी संभावित जनहानि को रोकने के लिए पहले से आवश्यक कदम उठाए जाएं। जहां खतरे की आशंका हो, वहां लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में देरी नहीं की जाए।

आमजन से सतर्क रहने की अपील

लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आमजन से भी सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि तेज बारिश और जलभराव के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।

प्रशासन ने विशेष रूप से लोगों को नदी, नाले और अन्य उफनते जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई गई सतर्कता

बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति का लगातार आकलन करते रहें।

खासकर अस्पताल, पुनर्वास केंद्र और अन्य ऐसे स्थान जहां बच्चे, मरीज या अन्य संवेदनशील वर्ग के लोग मौजूद हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

सारंगपुर में पोषण पुनर्वास केंद्र से बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई इसी सतर्कता का हिस्सा रही। प्रशासन ने बारिश के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए पहले ही एहतियाती कदम उठाया।

जनसुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या को गंभीरता से लिया जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सारंगपुर में मंत्री के दौरे के बाद प्रशासनिक अमले को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से भी सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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