कालीसिंध नदी के स्टॉप डैम के गेट बंद करने का कार्य शुरू, सारंगपुर में गर्मी के लिए जल संग्रहण की तैयारी
सारंगपुर। आगामी गर्मी के मौसम में शहर की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद सारंगपुर ने जल संरक्षण की पहल शुरू की है। बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष पंकज ललित पालीवाल की उपस्थिति में कालीसिंध नदी पर बने पुराने स्टॉप डैम के गेट बंद कराने का कार्य प्रारंभ किया गया। नगर पालिका का उद्देश्य वर्षा ऋतु के बाद नदी में उपलब्ध पानी का संग्रहण करना है, ताकि आने वाले महीनों में नियमित और सुचारू पेयजल आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल सके।
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि नदी में उपलब्ध पानी का संरक्षण आवश्यक है। स्टॉप डैम में पानी रोकने से शहर की आगामी पेयजल जरूरतों के लिए जल उपलब्धता बनाए रखने की उम्मीद है। नगर पालिका ने नगरहित में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।
वर्षा ऋतु के बाद पानी रोकने की पहल
बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद नदी में उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पुराने स्टॉप डैम के गेट बंद करने का कार्य शुरू कराया गया। नगर पालिका अध्यक्ष पंकज ललित पालीवाल की मौजूदगी में इस कार्य की शुरुआत हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधि और जलप्रदाय शाखा से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे।
नगर पालिका की ओर से बताया गया कि वर्तमान में उपलब्ध पानी का संरक्षण आगामी दिनों की जरूरतों को देखते हुए किया जा रहा है। गेट बंद होने से नदी में जल संग्रहण होगा। इस पानी की उपलब्धता से गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को बनाए रखने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।
गर्मी में पेयजल संकट से बचाव पर ध्यान
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आगामी गर्मी में शहर में पेयजल संकट की स्थिति से बचाव करना है। नगर पालिका चाहती है कि नागरिकों को नियमित एवं सुचारू पेयजल आपूर्ति मिलती रहे। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए जल संग्रहण का कार्य प्रारंभ किया गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि वर्षा ऋतु के बाद उपलब्ध पानी का संरक्षण करना जरूरी है, ताकि आने वाले समय में उसका उपयोग शहर की पेयजल आवश्यकताओं के लिए किया जा सके। यह कार्रवाई भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी के रूप में की जा रही है। उपलब्ध विवरण में वर्तमान पेयजल आपूर्ति में किसी संकट या कटौती का उल्लेख नहीं है।
कालीसिंध नदी में जल संग्रहण की उम्मीद
पुराने स्टॉप डैम के गेट बंद होने से कालीसिंध नदी में पानी का संग्रहण होने की उम्मीद जताई गई है। नगर पालिका के अनुसार, इससे नदी के जल स्तर में सुधार आ सकता है। जल संग्रहण की यह व्यवस्था शहर की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में स्टॉप डैम की जल संग्रहण क्षमता, वर्तमान जल स्तर और गेटों की संख्या का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए पानी की किसी निश्चित मात्रा का दावा नहीं किया जा सकता। फिलहाल गेट बंद कराने का कार्य प्रारंभ होने और उससे जल संरक्षण में मदद मिलने की जानकारी सामने आई है।
नियमित जलप्रदाय बनाए रखने का उद्देश्य
नगर पालिका की पहल को शहर की नियमित पेयजल आपूर्ति से जोड़ा गया है। संग्रहित पानी से आगामी दिनों में जलप्रदाय व्यवस्था को बनाए रखने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। नगर पालिका अध्यक्ष ने नागरिकों की पेयजल जरूरतों के लिए पानी सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
गर्मी के दौरान जल संकट से बचाव के उद्देश्य से यह तैयारी अभी शुरू की गई है। जल संग्रहण का वास्तविक लाभ आगे उपलब्ध पानी और आपूर्ति की जरूरतों के अनुसार स्पष्ट होगा। नगर पालिका ने फिलहाल नदी में मौजूद पानी को रोकने की दिशा में कार्य प्रारंभ कराया है।
भूजल स्तर में सुधार की संभावना
इस जल संरक्षण कार्य से भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना जताई गई है। नदी में पानी का ठहराव बढ़ने के साथ वाटर टेबल पर सकारात्मक असर आने की उम्मीद व्यक्त की गई है।
यह संभावित लाभ है; भूजल स्तर में वास्तविक बढ़ोतरी का कोई माप उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है। नगर पालिका की जानकारी के अनुसार, पहल का प्राथमिक उद्देश्य जल संग्रहण और पेयजल उपलब्धता बनाए रखना है। इसके साथ भूजल संरक्षण की संभावना को भी इस कार्य से जोड़ा गया है।
जनप्रतिनिधि और जलप्रदाय शाखा प्रभारी रहे उपस्थित
कार्य की शुरुआत के दौरान वरिष्ठ पार्षद गोपाल पाल, पार्षद अमित गिरजे और राकेश पुष्पद उपस्थित रहे। पार्षद प्रतिनिधि बाबूलाल अहिरवार, भानु लववंशी तथा नगर पालिका जलप्रदाय शाखा प्रभारी राजकुमार गिरजे सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
नगर पालिका परिषद ने जल संरक्षण को नगर की आगामी पेयजल आवश्यकताओं की तैयारी का हिस्सा बताया है। पुराने स्टॉप डैम के गेट बंद करने का कार्य शुरू होने से कालीसिंध नदी में पानी सुरक्षित रखने की दिशा में पहल हुई है।
