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संतुलित पोषण अभियान से किसानों को शानदार उत्पादन और कम लागत में खेती का स्मार्ट तरीका मिल रहा है

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Published On: 22 March 2026
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संतुलित पोषण अभियान के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जानें उर्वरक प्रबंधन, USPA प्रोजेक्ट और आधुनिक खेती के लाभ।

संतुलित पोषण अभियान से किसानों को शानदार उत्पादन और कम लागत में खेती का स्मार्ट तरीका मिल रहा है

संतुलित पोषण अभियान आज के समय में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ना है।

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में, जहां किसानों की आय और उत्पादन दोनों ही चुनौतियों से घिरे रहते हैं, वहां इस प्रकार के अभियान बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।

संतुलित पोषण अभियान क्या है

संतुलित पोषण अभियान एक ऐसी पहल है जिसके अंतर्गत किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाती है।इस अभियान के तहत:

  • सही मात्रा में उर्वरक उपयोग
  • मृदा परीक्षण आधारित खेती
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलन
  • लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि

उज्जैन नागदा में कार्यक्रम का आयोजन

दिनांक 21 मार्च 2026 को चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड द्वारा उज्जैन जिले के नागदा तहसील में संतुलित पोषण अभियान के अंतर्गत एक सफल कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में:

  • किसानों के लिए प्रक्षेत्र प्रदर्शन
  • जागरूकता संगोष्ठी
  • आधुनिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम का संचालन श्री आर.के. सिंह (AM – रतलाम) द्वारा किया गया।

उन्होंने किसानों को निम्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी:

  • उर्वरकों की वर्तमान स्थिति
  • ई-टोकन के लाभ
  • USPA प्रोजेक्ट

USPA प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली

संतुलित पोषण अभियान के अंतर्गत USPA प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसकी प्रक्रिया:

  • 2 एकड़ खेत का चयन
  • उसे 10 भागों (T1 से T10) में विभाजित करना
  • T1 में पारंपरिक खेती
  • बाकी 9 प्लॉट्स में उन्नत उर्वरक प्रयोग

इससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से तुलना करने का अवसर मिलता है।

संतुलित उर्वरक उपयोग का महत्व

संतुलित पोषण अभियान किसानों को यह समझाता है कि:

  • केवल एक उर्वरक पर निर्भर रहना गलत है
  • NPK के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व भी जरूरी हैं
  • संतुलन से ही अधिक उत्पादन संभव है

मिट्टी स्वास्थ्य और फसल उत्पादन

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श्री अजय चौधरी (DMM – उज्जैन) ने बताया कि मिट्टी एक जीवित तत्व है।

उन्होंने किसानों को समझाया:

  • मिट्टी में जैविक तत्वों का महत्व
  • प्याज, लहसुन, गेहूं के लिए सही पैकेज
  • फसल सुरक्षा और पोषण

किसानों के अनुभव

नागदा क्षेत्र के प्रगतिशील किसान:

  • अजय जी आंजना
  • संदीप जी आंजना

इन किसानों ने बताया कि संतुलित पोषण अभियान के माध्यम से उन्हें:

  • आधुनिक खेती सीखने का अवसर मिला
  • उत्पादन में वृद्धि हुई
  • लागत में कमी आई

आधुनिक कृषि तकनीक का प्रभाव

आज की खेती में तकनीक का उपयोग बहुत जरूरी है।संतुलित पोषण अभियान किसानों को यह सिखाता है:

  • स्मार्ट उर्वरक प्रबंधन
  • डिजिटल टूल्स (ई-टोकन)
  • वैज्ञानिक खेती

निष्कर्ष

संतुलित पोषण अभियान किसानों के लिए एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रहा है।

इससे:

  • उत्पादन बढ़ रहा है
  • लागत कम हो रही है
  • किसान वैज्ञानिक खेती अपना रहे हैं

चंबल फर्टिलाइजर्स द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी किसानों के लिए लाभकारी रहेंगे।

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