संत सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग को लेकर 25 मई 2026 को Indore में सकल जैन समाज की विशाल मौन रैली निकलेगी। रीवा में आर्यिका माताजी की हृदयविदारक घटना के बाद जैन समाज ने सुरक्षा, SIT जांच और जैन आयोग गठन सहित 11 प्रमुख मांगें रखीं।
राजेश जैन दद्दू इंदौर
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल: रीवा घटना के बाद Indore में जैन समाज की विशाल मौन रैली, 11 मांगों से सरकार पर बड़ा दबाव
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग को लेकर देशभर में बढ़ी आवाज
Indore ।
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सामाजिक विषय बनती जा रही है। मध्यप्रदेश के रीवा में पूज्य आर्यिका 105 श्री श्रुतमति माताजी एवं 105 श्री उपशममति माताजी के साथ घटी हृदयविदारक घटना के बाद सकल जैन समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा दिखाई दे रही है। इस घटना को केवल दुर्घटना नहीं बल्कि समाज को झकझोर देने वाली अमानवीय घटना बताया जा रहा है।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू और मंयक जैन ने 25 मई सोमवार को पूरे भारत में विशाल मौन रैली का आह्वान किया है। इंदौर में यह रैली राजवाड़ा से कलेक्टर ऑफिस तक निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
“यह केवल दुर्घटना नहीं, समाज को झकझोर देने वाली घटना”
समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू ने कहा कि हाल ही में रीवा में हुई घटना ने संपूर्ण जैन समाज को अंदर तक हिला दिया है। श्रमण संस्कृति की साधना में लीन संतों और आर्यिकाओं के साथ इस प्रकार की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं।उन्होंने कहा कि
“जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन — दोनों का नैतिक दायित्व है।”
मुनिश्री प्रमाणसागरजी महाराज, निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी तथा श्रमण संस्कृति के अनेक आचार्य, उपाध्याय, मुनि एवं आर्यिका संघों ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
25 मई 2026 को Indore में निकलेगी विशाल मौन रैली
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग को लेकर दिगम्बर जैन समाज (सामाजिक संसद) इंदौर द्वारा सोमवार 25 मई 2026 को प्रातः 8 बजे विशाल मौन रैली आयोजित की जाएगी।यह रैली राजवाड़ा से कलेक्टर ऑफिस तक निकाली जाएगी, जहां जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।रैली में शामिल प्रमुख संत:
- परम पूज्य मुनिश्री विमलसागरजी महाराज ससंघ
- मुनिश्री पूज्यसागरजी महाराज ससंघ
- मुनिश्री आदित्यसागरजी महाराज ससंघ
साथ ही उदासीन आश्रम के ब्रह्मचारी भैया, श्राविका आश्रम की ब्रह्मचारी दीदियां और पंचबालयती मंदिर के सभी भैयाजी विशेष रूप से सम्मिलित होंगे।
महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी
महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन साधना दगड़े एवं श्रीमती रेखा जैन ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।उन्होंने कहा कि:
- पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्र में शामिल हों
- महिलाएं केसरिया वस्त्र में उपस्थित रहें
- रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित होगी
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल की 11 प्रमुख मांगें
जिला प्रशासन को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें शामिल की गई हैं:
1. साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष व्यवस्था
साधु-संतों की सुरक्षा के लिए अलग सुरक्षा प्रबंधन और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग।
2. SIT गठन
जरूरत पड़ने पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन।
3. CCTV एवं डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा
सभी इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
4. आरोपियों पर कठोर कार्रवाई
दोषियों पर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाए।
5. हत्या की धाराओं में मुकदमा
यदि षड्यंत्र सिद्ध हो तो हत्या की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाए।
6. संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हो
देशभर में संतों की सुरक्षा हेतु विशेष प्रोटोकॉल लागू किया जाए।
7. विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय
संतों के विहार मार्गों पर पुलिस और प्रशासन का समन्वय स्थापित हो।
8. संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा
हाईवे और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जाए।
9. स्पीड कंट्रोल व्यवस्था
हाईवे पर स्पीड कंट्रोल के विशेष प्रावधान लागू हों।
10. पदयात्रियों हेतु राष्ट्रीय गाइडलाइन
पदयात्रा करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी हो।
11. मध्यप्रदेश में जैन आयोग का गठन
मध्यप्रदेश में शीघ्र जैन आयोग के गठन की मांग।
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल क्यों जरूरी बन गया है?
पिछले कुछ वर्षों में संतों और पदविहारी साधु-संतों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं और सुरक्षा घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। जैन समाज का कहना है कि:
- संत निहत्थे और पैदल विहार करते हैं
- वे सड़क सुरक्षा जोखिमों के बीच यात्रा करते हैं
- प्रशासनिक समन्वय की कमी कई बार गंभीर घटनाओं का कारण बनती है
इसी कारण “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” अब समय की आवश्यकता बनता जा रहा है।
आनंद नवीन गोधा का बयान
समाज प्रतिनिधि आनंद नवीन गोधा ने कहा:“
संकल्प और संगठित प्रयास से हर शहर और गांव में संतों की सड़क सुरक्षा हेतु प्रकोष्ठ बनाने का लक्ष्य है।”
उन्होंने कहा कि अक्सर कुछ दिन चर्चा होती है और फिर मामला शांत हो जाता है, लेकिन समय-समय पर ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आती रहती हैं।
हर्ष जैन ने क्या कहा?
हर्ष जैन ने कहा:“जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन दोनों का नैतिक दायित्व है।”
समाज का संदेश
“संतों की सुरक्षा – हमारा संकल्प, अहिंसा हमारा धर्म”
जैन समाज का कहना है कि यह आंदोलन किसी विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि संतों की सुरक्षा और अहिंसा के संरक्षण का अभियान है।
निष्कर्ष
रीवा की घटना के बाद जैन समाज में व्यापक चिंता और संवेदनशीलता दिखाई दे रही है। Indore में होने वाली यह विशाल मौन रैली केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं बल्कि संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कराने की एक संगठित सामाजिक पहल मानी जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और सरकार इस ज्ञापन की मांगों पर कितना गंभीर रुख अपनाती है।
नमोस्तु शासन जयवंत हो।
